बदनामी न हो इसलिए किडनैप की कहानी बनाई : उत्तरप्रदेश के आगरा मे मुंबई के कपड़ा कारोबारी सतीश अग्रवाल के किडनेप की कहानी सुलझी
Aditi News Team
Sun, Jan 11, 2026
उत्तरप्रदेश के आगरा मे मुंबई के कपड़ा कारोबारी सतीश अग्रवाल के किडनेप की कहानी सुलझ गई है।
सतीश का किडनेप नहीं हुआ बल्कि उनके ही समलैंगिक दोस्तों ने कार मे साथ ले जाकर लाखो की नकदी ट्रांसफर कराई थी।
बदनामी न हो? सतीश ने किडनेप की बात कही थी।
क्या बताई थी कहानी..
नीले रंग की गाड़ी में दो लोग आए। उन्हें जबरन कार में बैठा लिया. इसके बाद उन्हें होश नहीं रहा। कुछ देर बाद होश आया तो एक खेत में थे. 7-8 लोगों ने उन्हें बंधक बना रखा था। उन्होंने पकड़ने का कारण पूछा तो पीटना शुरू कर दिया. लात-घूंसों से पिटाई की। रुपयों की मांग करने लगे। उन्होंने रकम नहीं होने की बात कही. यह सुनकर और पिटाई लगाई. उन्होंने दामाद को फोन करके रकम मांगी, मगर उसके पास भी रुपए नहीं थे. परिचित एजेंट से आरोपियों के बताए खाते में 1 लाख रुपए जमा कराए। इस पर भी बदमाश नहीं माने तथा 20 हजार रुपये और ले लिए. फिर मुख्य मार्ग पर छोड़कर चले गए। एक राहगीर की मदद से बस स्टैंड आए। तब वो हाथरस के सादाबाद में थे. वह राहगीरों से 50 रुपये मांगकर देरी से पहुंचे।
मगर जाँच मे यहाँ कहानी फर्जी निकली
पुलिस ने पकडे 4 समलैंगिक दोस्त...
कपड़ा व्यापारी की एक शख्स से एक एप के जरिए दोस्ती हुई। फिर दोनों के बीच प्यार भरी बातें शुरू हो गईं। जब शख्स ने मिलने की बात कही तो व्यापारी तैयार हो गया। वह आगरा में अपने समलैंगिक पार्टनर से मिलने पहुंचा।वहां कार में उसके पार्टनर के साथ और भी लोग थे।वह कार में बैठ गया।बाद में आरोपियों ने धमकाकर 1.20 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करवाए और फरार हो गए। व्यापारी ने लोक लज्जा के कारण पुलिस को झूठे अपहरण की कहानी बताई। पुलिस ने 4 आरोपियों हाथरस के थाना चंदपा निवासी ऋतिक, अभिषेक चाैधरी उर्फ भोला, पारस चाैधरी पिंटू और डींग (राजस्थान) निवासी रामेश्वर उर्फ मोटू उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार किया।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
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