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माता पिता के चरणों में ही समस्त ब्रह्माण्ड का वास, हेमंत कृष्ण दीक्षित : आमपुरा में संगीतमय श्री महाशिवपुराण कथा का समापन आज

Aditi News Team

Tue, Mar 17, 2026

माता पिता के चरणों में ही समस्त ब्रह्माण्ड का वास - हेमंत कृष्ण दीक्षित

आमपुरा में संगीतमय श्री महाशिवपुराण कथा का समापन आज

गाडरवारा। नगर के समीपी ग्राम आमपुरा (सांगई ) के शक्ति दरबार में संगीतमय श्री महाशिवपुराण कथा के आयोजन में ग्रामवासी उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है। कथा के 6 वे दिन सोमवार को कथावाचक हेमंत कृष्ण दीक्षित ने कहा कि शिवपुराण कथा के छठे दिन की मुख्य कथा भगवान कार्तिकेय के जन्म, तारकासुर वध और भगवान गणेश के विवाह पर आधारित है। उन्होंने कहा कि माता पार्वती और भगवान शिव के तेज से कार्तिकेय का जन्म हुआ। उन्हें 'षडानन' भी कहा जाता है क्योंकि उनका पालन-पोषण छह कृतिकाओं ने किया था। कार्तिकेय का जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ था—अधर्म का विनाश। असुर तारकासुर ने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कि उसका वध केवल शिव के पुत्र के हाथों ही हो सकता है। कार्तिकेय ने देवताओं की सेना का नेतृत्व किया।भीषण युद्ध के बाद कार्तिकेय ने अपने अमोघ अस्त्र 'शक्ति' से तारकासुर का अंत किया, जिससे देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती ने अपने दोनों पुत्रों की बुद्धिमानी की परीक्षा लेने के लिए उन्हें पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करने को कहा। जो पहले लौटेगा, उसका विवाह पहले होगा।कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर सवार होकर पृथ्वी की परिक्रमा करने निकल गए। गणेश जी ने अपनी तीक्ष्ण बुद्धि का परिचय देते हुए अपने माता-पिता (शिव-शक्ति) के चारों ओर सात परिक्रमाएँ कीं क्योंकि शास्त्रों के अनुसार माता-पिता के चरणों में ही समस्त ब्रह्मांड का वास है। गणेश जी की बुद्धिमानी से प्रसन्न होकर उनका विवाह प्रजापति विश्वरूप की पुत्रियों रिद्धि और सिद्धि से हुआ।रिद्धि से 'शुभ' और सिद्धि से 'लाभ' नामक दो पुत्र हुए। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि शक्ति से अधिक 'बुद्धि' और 'भक्ति' का महत्व होता है। छठे दिन की कथा हमें सिखाती है कि यदि हम अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं और अपनी बुद्धि का सही दिशा में प्रयोग करते हैं, तो संसार की हर बाधा को पार किया जा सकता है। आज अंतिम दिन मंगलवार को पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ कथा का समापन होगा। समिति एवं समस्त ग्रामवासियो ने क्षेत्रीय श्रद्धालुओं से भंडारे में उपस्थित होने की अपील की है।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

संगीतमय श्री महाशिवपुराण कथा का समापन

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