सक्रमित क्षेत्र मे फेंसिंग में एक तेंदुए के फंसे होने की सूचना मिली : रायसेन वनमण्डल अंतर्गत परिक्षेत्र देवरी के ग्राम गोरखपुर डुंगरिया के निकट सुबह 9 बजे
Aditi News Team
Sat, May 2, 2026
रिपोर्टर कमर राणा
रायसेन।आज दिनांक 02.05.26 में रायसेन वनमण्डल अंतर्गत परिक्षेत्र देवरी के ग्राम गोरखपुर डुंगरिया के निकट सुबह 9 बजे के लगभग अतिक्रमित क्षेत्र मे फेंसिंग में एक तेंदुए के फंसे होने की सूचना मिली,सूचना मिलते ही परिक्षेत्र अधिकारी शिरोमणि मीणा अपने स्टाफ के साथ मौके पर तत्काल पहुचे ,मौके पर स्टाफ द्वारा देखा गया कि फेंसिंग में लगे फंदे पर मादा तेंदुआ उम्र 4 लगभग वर्ष फंसी हुई है, परीक्षण करने पर पाया गया की तेंदुआ मृत हो चुका है तत्पश्चात वन मंडल अधिकारी रायसेन श्रीमती प्रतिभा शुक्ला के हमराह अन्य स्टाफ भी मौके पर पहुंचा। ।सम्पूर्ण क्षेत्र एवं आसपास के एक किलोमीटर के दायरे में रातापानी डॉग स्क्वाड से सर्चिंग कराई गई घटना स्थल के पास से 3 फंदे जप्त किए गए साथ ही घटना स्थल के पास खेत में बने एक घर से 1 फंदा , सूअर के 4 पैर भी जप्त किए गए। प्रकरण में आरोपी जगदीश आत्मज जयराम आदिवासी को हिरासत लेकर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 47361/13 दिनांक 02-05-2026 पंजीबद्ध किया जाकर प्रकरण विवेचना में लिया गया है. तेंदुआ वन्य प्राणी अधिनियम 1972 की अनुसूची एक का प्राणी है जिसकी मृत्यु पर एन टी सी ए की गाइडलाइंस एवं एस ओ पी अनुसार विधिवत पशु चिकित्सक की देखरेख में एव वन मंडल अधिकारी श्रीमती प्रतिभा शुक्ला की उपस्थिति में पोस्टमार्टम किया गया । आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया , और वन्य प्राणी जंगली सुअर के शिकार की नियत से फंदा का लगाना स्वीकार किया। घटना का वन संरक्षक वृत्त भोपाल एवं वन मंडल अधिकारी द्वारा संज्ञान लिया गया और वन मंडल अधिकारी की उपस्थिति में तेंदुए का विधिवत दाह किया गया।
वन मंडल अधिकारी द्वारा पूरे मामले की बारीकी से जांच के लिए शिरोमणि मीना वन परिक्षेत्र अधिकारी देवरी को निर्देशित किया और निर्देश दिए की अपनी टीम के साथ पूरे मामले की विस्तृत जांच कर शीघ्र ही अन्य दोषियों का पता लगाए।
सामान्य वनमण्डल रायसेन सभी ग्रामीण और कृषकों से अपील करता है कि फंदे लगाना , करेंट लगाना भी शिकार की परिभाषा में आता है, कोई भी इस तरह का प्रयास न करे , अगर फंदे , करेंट वायर खेतों या अन्य स्थलों में पाए जाते है, तब भी वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया जाएगा जिसमें 3 से 7 वर्ष का कारावास है ।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
वन मंडल अधिकारी श्रीमती प्रतिभा शुक्ला