गो सम्मान आह्वान अभियान की केंद्रीय बैठक 29 मार्च को दिल्ली में : भगवती गोमाता की सेवा,सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सम्पूर्ण भारत में चल रहें गो सम्मान आह्वान के तहत 27 अप्रैल 2026 को
Aditi News Team
Fri, Mar 27, 2026
गो सम्मान आह्वान अभियान की केंद्रीय बैठक 29 मार्च को दिल्ली के मंगोलपुरी में
दिल्ली / 27 मार्च,भगवती गोमाता की सेवा,सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सम्पूर्ण भारत में चल रहें गो सम्मान आह्वान के तहत 27 अप्रैल 2026 को मनाएं जा रहें गो सम्मान दिवस के निमित्त आगामी 29 मार्च को राजधानी के मंगोलपुरी में स्थित मां जगदम्बे टेंट परिसर में देश के प्रमुख पूज्य संतो के सानिध्य में बैठक आयोजित होगी, जिसमें देश के सभी 36 राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे ।
गौरतलब है कि भारत के पूज्य संतो के मार्गदर्शन में संचालित गो सम्मान आह्वान अभियान जिसके प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को गो सम्मान दिवस के रूप में मनाकर भारतीय देशी नस्ल के गौ वंश की सुरक्षा सेवा एवं सम्मान के लिए जो भारतीय संस्कृति व सनातन परम्परा का प्राण एवं मूल आधार है वर्तमान में उसकी दशा दयनीय है, जबकि भगवती गोमाता एवं उसके वंश एवं उसके गव्य का जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी संस्कारों में आवश्यकता रहती है । हम सब जानते हैं कि आज से तीस -चालीस वर्ष पहले हमारे यहाँ गांवों में कोई कैंसर, हार्ट अटैक ,शुगर आदि जानलेवा बीमारियों का नाम भी नहीं सुनाई देता था लेकिन उक्त बीमारियां आज हर घर में मेहमान की तरह विराजमान है । इन सबका एक ही कारण है गोवंश का संरक्षण, पालन एवं संवर्द्धन है क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है तथा गो आधारित कृषि ही हमारे लिए जीवनदायिनी सिद्ध होती है हम सब जानते हैं की भगवान कृष्ण भी द्वापर में गो माता की सेवा के लिए ही भारत की पुण्यधरा पर अवतरित हुए है साथ ही हमारे पूर्वज गोगाजी ,पाबूजी तेजाजी ,देवनारायण जी ,भगवती करणी जी आदि भी गो माता की सेवा कर देवता के रूप में पूजित हुए है और आज भी वे जनकल्याण कर रहे हैं परन्तु वर्तमान में उस गोवंश की घोर उपेक्षा होने से बड़ी संख्या में गौ वंश निराश्रित अवस्था में यत्र तत्र भटक रहा है,प्रतिदिन अनेकों गो वंश सड़को,राजमार्गों पर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे है । जहाँ सनातन को मानने वाली सरकारें हैं, ऐसे कुछ प्रांत राज्य स्तर पर अपने क़ानून बनाकर गोमाता की सेवा सुरक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं किन्तु भारत के आधे से अधिक प्रांतों की सरकारों ने गो वध की खुली छूट दे रखी है जिससे नित्य हजारों गोवंश का कत्लखानों में निर्दयता पूर्वक वध किया जा रहा है, संतों का मानना है कि वर्तमान में केंद्र में धार्मिक सरकार है, जिसने सनातन की ध्वजा को पुनर्स्थापित किया है और उसके मुखिया धार्मिक है उन्होंने धर्म प्राण जनता के सहयोग से राम मंदिर का निर्माण करवाकर पुनः राम युग की स्थापना ,धारा 370 हटवाने एवं भारतवर्ष को समृद्धि की दृष्टि से पुनः जगतगुरु बनवाने के लिए वे कृतसंकल्प है, शास्त्रों के अनुसार राजा विष्णु का रूप होता है अतः अब केंद्र सरकार द्वारा सम्पूर्ण देश में, गोसेवा, गो सुरक्षा एवं गो सम्मान के लिए एक क़ानून बनाये जाने की नितांत आवश्यकता है । जो समूचे देश में एकरूपता से लागू हो । इस विषय को लेकर सभी पूज्य संत समाज ,भारतीय संस्कृति एवं सनातन को चाहने वाले समवैचारिक संगठन *गो सम्मान दिवस के रूप में मनाकर संवैधानिक पद्धति का पालन करते हुए भारत के महामहिम राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री जी के नाम का प्रार्थना पत्र संपूर्ण देश की प्रत्येक तहसील /उपखंड अधिकारी को देंगे और प्रार्थना करेंगे कि सरकार सभी गोभक्त, सभी उपासना पद्धतियों के संत समाज एवं सनातन को मानने वालों की प्रार्थना को स्वीकार करें क्योंकि भारत के महापुरुषों और विशेषज्ञों का मत है कि गो सेवा ,गो सुरक्षा और गो सम्मान को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 2036 तक भारत गोवंश रहित होकर विकृत हो जाएगा इसी को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण भारत वर्ष में गौ हत्या को प्रतिबंधित करने के लिए एवं गौ माता के सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए नन्दी बाबा की अध्यक्षता एवं गो माता के प्रधान संरक्षण में गो सम्मान आह्वान अभियान भारत के पूज्य संतों और गो सेवकों द्वारा चलाया जा रहा है,जो पूर्णतया अहिंसक शांतिपूर्ण रूप से सरकार से प्रार्थना करने के उद्देश्य से निहित रहेगा ,यह अभियान किसी भी राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार के विरुद्ध नहीं है बल्कि संविधान के दायरे में रहकर गोमाता के लिए वांछित ,सेवा सुरक्षा व सम्मान के लिए उचित कानून बनाने के लिए ही गो सम्मान दिवस के रूप में मनाकर सरकार से विनम्रता पूर्वक प्रार्थना की जाएगी और उसी की रणनीति के लिए भारत की राजधानी में बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें देश के प्रमुख सन्त ,विद्वान, कानून विशेषज्ञ एवं देश के सभी 36 राज्यों का प्रतिनिधित्व रहेगा।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
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