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न्यायालय ने सभी याचिकाएँ योग्यताहीन होने के कारण खारिज की : विद्यालयो द्वारा अनुचित फीस वसूली तथा पाठ्य पुस्तक एवं स्टेशनरी आदि विषयों में आपराधिक साठ गांठ कर कमीशन खोरी पर

Aditi News Team

Tue, Apr 7, 2026

विद्यालयो द्वारा अनुचित फीस वसूली तथा पाठ्य पुस्तक एवं स्टेशनरी आदि विषयों में आपराधिक साठ गांठ कर कमीशन खोरी किये जाने पर दर्ज की गयी एफ.आई.आर. को खारिज करने हेतु दायर की गयी याचिकायें मान्नीय न्यायालय ने की खारिज

विद्यालयो द्वारा अनुचित फीस वसूली तथा पाठ्य पुस्तक एवं स्टेशनरी आदि विषयों में आपराधिक साठ गांठ कर कमीशन खोरी के माध्यम से छात्र एवं अभिभावकों के साथ धोखाधडी का कृत्य कारित किये जाने के कारण कार्यालय कलेक्टर (शिक्षा) जबलपुर के प्रतिवेदन पर विभिन्न थानों अंतर्गत प्राथमिक सूचना रिपोर्ट वर्ष 2024 में दर्ज की गयी थी।

प्रकरणों में आरोपित स्कूल प्रिंसिपलों, प्रबंधन समितियों और पुस्तक विक्रेता जो अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और आरोप पत्र (chargesheets) को रद्द करवाना चाहते थे के द्वारा मान्नीय न्यायालय में याचिकायें दायर की गयी थी।

मान्नीय न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ताओं के तर्क ‘‘तथ्यों के विवाद’’ से जुड़े हैं, जिनका फैसला केवल ट्रायल (मुकदमे) के दौरान साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है। चूंकि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध के सबूत मौजूद हैं, इसलिए एफआईआर को रद्द नहीं किया जा सकता।

मान्नीय न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभिलेखों में पर्याप्त सामग्री मौजूद है जो याचिकाकर्ताओं की स्कूल प्रबंधन, चयनित पुस्तक विक्रेताओं और प्रकाशकों के साथ मिलकर रची गई एक बड़ी साजिश की संलिप्तता को दर्शाती है। इस साजिश का उद्देश्य नकली या डुप्लिकेट ISBN वाली पुस्तकों के प्रसार और एकाधिकारवादी आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण के माध्यम से अवैध वित्तीय लाभ अर्जित करना था। यह मामला किसी भी अपवाद श्रेणी में नहीं आता जिसके लिए इस स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। तदनुसार, सभी याचिकाएँ योग्यताहीन होने के कारण खारिज की जाती हैं।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

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