श्रीमद् भागवत कथा मे महाकाली महालक्ष्मी मा सरस्वती के रूपों का वर्णन : गाडरवारा , खेड़ापति मंदिर कठौतिया परिसर में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है
Aditi News Team
Fri, Mar 27, 2026
श्रीमद् भागवत कथा मे महाकाली महालक्ष्मी मा सरस्वती के रूपों का वर्णन किया
गाडरवारा / खेड़ापति मंदिर कठौतिया परिसर में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें कथा वाचक पं श्री कमलेश शास्री जी ने कथा के सप्तम दिवस मां महाकाली महालक्ष्मी के स्वरूप का वर्णन करते हुए मां गंगा के " पृथ्वी पर आने की कथा बताते हुए कहा भागीरथी ने कठोर तपस्या कर मां गंगा को पृथ्वी पर लाए मनुष्य के करोड़ों जन्म के पाप गंगा जी के स्नान करने मात्र से समाप्त हो जाते हैं। गंगा जी के दर्शन और स्पर्श तथा भाव से जो स्नान कर लेता है उसको १० गुना पुण्य लाभ प्राप्त होता है।अमावस्या की तिथि को सूर्य संक्रांति से गंगा स्नान करने का बड़ा महत्त्व है, चातुर्मास व पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान करने से अनंत अपूर्ण की प्राप्ति होती है, और अक्षय तृतीया के दिन स्नान करने से भी अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामों से श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे।
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खेड़ापति मंदिर कठौतिया