भूमि संबंधी विवादों का आपसी सहमति से करें समाधान : स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिल रहा संपत्ति का वैधानिक अधिकार- मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल
Aditi News Team
Fri, Nov 6, 2026
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिल रहा संपत्ति का वैधानिक अधिकार- मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल
भूमि संबंधी विवादों का आपसी सहमति से करें समाधान
सुपला को मॉडल बनाकर लंबित प्रकरणों का करें निराकरण
ग्राम सुपला में स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को प्रदान की गई रजिस्ट्री
जिले में अब तक लगभग 54 हजार रजिस्ट्रियां पूर्ण
नरसिंहपुर। प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि और आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल उनका संपत्ति संबंधी अधिकार मजबूत होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यह दस्तावेज महत्वपूर्ण आधार बनेगा। ग्रामीण अपनी संपत्ति का उपयोग बैंक ऋण सहित अन्य आर्थिक एवं वैधानिक कार्यों के लिए कर सकेंगे।
मंत्री श्री पटेल ने यह बात धनतेरस के अवसर पर नरसिंहपुर जिले के ग्राम सुपला में स्वामित्व योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर हितग्राहियों को आबादी भूमि के स्वामित्व संबंधी पंजीकृत दस्तावेज प्रदान किए गए। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, श्री रामसनेही पाठक, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश, अपर कलेक्टर श्री अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम श्री महेंद्र सिंह पटेल, तहसीलदार श्री अमित रिनायते, हितग्राही और ग्रामीणजन मौजूद थे।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर वर्षों से निवास करने वाले अनेक परिवारों के पास अपनी संपत्ति का पुख्ता वैधानिक दस्तावेज नहीं होता था। अब स्वामित्व योजना के माध्यम से उन्हें अपनी भूमि और मकान के स्वामित्व का दस्तावेज प्राप्त हो रहा है।
मंत्री श्री पटेल ने ग्राम सुपला में स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए कहा कि भूमि संबंधी पारिवारिक विवादों का समाधान आपसी बातचीत, समझाइश और सहमति से किया जाना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, गांव के बुजुर्गों और जिम्मेदार नागरिकों से ऐसे विवादों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांवों में पहले आपसी बैठकों और पंचायतों के माध्यम से अनेक विवादों का समाधान कर लिया जाता था। आपसी सहमति से विवादों का निराकरण कर संबंधित न्यायालय में राजीनामा प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे परिवारों के बीच सद्भाव बना रहेगा और पात्र व्यक्तियों को उनका अधिकार भी मिल सकेगा।
मंत्री श्री पटेल ने ग्राम सुपला में शेष 34 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि इनमें सात प्रकरण फौती नामांतरण, 10 प्रकरण भूमि विवाद तथा 17 प्रकरण तकनीकी समस्याओं के कारण लंबित हैं। उन्होंने कहा कि जिन फौती नामांतरण प्रकरणों में कोई विवाद नहीं है, उनका निराकरण समय-सीमा में किया जाना चाहिए। उन्होंने ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में नामों की गलत प्रविष्टि सहित अन्य तकनीकी त्रुटियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार तकनीकी गलतियों के कारण हितग्राहियों को तहसील और अन्य कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न हो।मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम सुपला को मॉडल के रूप में लेकर शेष 34 प्रकरणों के निराकरण की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।
मंत्री श्री पटेल ने सभी ग्रामवासियों को धनतेरस एवं दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा त्योहारों को शांति एवं उल्लास के साथ मनाने की अपील की।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने स्वामित्व योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया। सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम अभिलेख तैयार किए गए तथा संबंधित भूस्वामियों के नाम दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि केवल राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने से कई ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का पूरा लाभ प्राप्त करने में कठिनाई आ रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए अब भू-अधिकार अभिलेख के आधार पर पंजीकृत दस्तावेज प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे हितग्राही बैंक ऋण सहित अन्य आर्थिक एवं वैधानिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने बताया कि जिले में लगभग एक लाख 12 हजार रजिस्ट्रियां किया जाना प्रस्तावित है। पिछले लगभग 25 दिनों में राजस्व विभाग और पंचायत अमले के समन्वित प्रयासों से लगभग 54 हजार रजिस्ट्रियां पूर्ण की जा चुकी हैं। इस उपलब्धि के साथ नरसिंहपुर जिला प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल है।
ग्राम सुपला में 166 में से 132 रजिस्ट्रियां पूर्ण
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने बताया कि ग्राम सुपला में कुल 166 रजिस्ट्रियां प्रस्तावित हैं, जिनमें से 132 रजिस्ट्रियां पूर्ण की जा चुकी हैं। शेष 34 प्रकरणों में 17 तकनीकी समस्याओं से संबंधित हैं। मैप एप से संबंधित त्रुटियों के सुधार के लिए प्रकरण भोपाल भेजे गए हैं। सात प्रकरण फौती नामांतरण से संबंधित हैं, जिनमें आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्ट्री की जाएगी। इसी प्रकार 10 विवादित प्रकरणों में तहसील स्तर पर सुनवाई कर प्रतिवेदन प्राप्त किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आदेश जारी कर राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन के उपरांत रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में वर्तमान में रजिस्ट्री योग्य सभी निर्विवाद प्रकरणों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कहा कि धनतेरस के शुभ अवसर पर ग्रामीण परिवारों को उनके निवास की भूमि का पंजीकृत दस्तावेज प्राप्त होना प्रसन्नता और गौरव का विषय है। जिस प्रकार धनतेरस पर मां लक्ष्मी की उपासना की जाती है, उसी प्रकार अपने घर और भूमि का वैधानिक अधिकार प्राप्त होना भी परिवार के लिए सुख, समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि आगामी 15 दिनों में जिले के सभी निर्विवाद एवं रजिस्ट्री योग्य प्रकरणों का कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व योजना का लाभ मिल सके।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
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