टैक्स छूट के दावे पर नगर पालिका का पलटवार : टैगोर विद्या निकेतन ने वसूली नोटिसों को दी थी चुनौती,हाईकोर्ट ने 9.71 लाख जमा कराने के दिए निर्देश
Aditi News Team
Sat, Aug 22, 2026
टैक्स छूट के दावे पर नगर पालिका का पलटवार,हाईकोर्ट ने 9.71 लाख जमा कराने के दिए निर्देश
बड़े बकायादारों पर नगर पालिका की कार्रवाई जारी, टैगोर विद्या निकेतन ने वसूली नोटिसों को दी थी चुनौती
गाडरवारा। नगर पालिका परिषद गाडरवारा द्वारा बड़े बकायादारों से लंबित कर राशि की वसूली को लेकर की जा रही कार्रवाई के बीच टैगोर विद्या निकेतन विद्यालय से जुड़ा मामला अब उच्च न्यायालय जबलपुर पहुंच गया है। विद्यालय की ओर से नगर पालिका द्वारा जारी वसूली नोटिसों को न्यायालय में चुनौती दी गई थी। मामले में अंतरिम आदेश जारी करते हुए उच्च न्यायालय ने विद्यालय को अगली सुनवाई से पहले 15 दिवस के भीतर 9.71 लाख रुपये जमा करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, टैगोर विद्या निकेतन विद्यालय ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 127(ए)(2)(सी) के तहत शैक्षणिक संस्थाओं को संपत्तिकर में मिलने वाली छूट का हवाला देते हुए नगर पालिका की कर संबंधी मांग को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान नगर पालिका परिषद गाडरवारा की ओर से अधिवक्ता विजयेंद्र सिंह चौधरी ने निकाय का पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा।
नगर पालिका ने कहा—राजस्व हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी रितु मेहरा ने कहा कि नगर पालिका द्वारा की गई मांग को केवल वसूली के रूप में देखना उचित नहीं है। नगरीय निकाय नागरिकों को विभिन्न मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराता है और उनके संचालन के लिए कर का अपना वैधानिक आधार है। नगर पालिका मामले से संबंधित सभी तथ्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष शिवाकान्त मिश्रा ने कहा कि निकाय का उद्देश्य किसी संस्था को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि नगर पालिका को देय राशि की नियमानुसार वसूली सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा अंतरिम आदेश में राशि जमा कराने की शर्त लगाया जाना इस मामले में महत्वपूर्ण है।
अन्य बकायादारों पर भी होगी कार्रवाई
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि निकाय को न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका अपने वैधानिक राजस्व हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। निकाय के राजस्व संसाधनों से ही शहर में विकास कार्य और जनहित से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं संचालित होती हैं।
नगर पालिका प्रशासन ने संकेत दिया है कि शहर के अन्य बड़े बकायादारों से भी नियमानुसार लंबित राशि की वसूली के लिए कार्रवाई आगे जारी रहेगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई और न्यायालय के आगामी निर्णय पर सभी की नजर बनी हुई है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
गाडरवारा नपा अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा
गाडरवारा सीएमओ रितु मेहरा