गाडरवारा में प्राकृतिक खेती कार्यशाला को मंत्री ने संबोधित किया : प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में परिवर्तन ला रही है- मंत्री उदय प्रताप सिंह
Aditi News Team
Sun, Jun 21, 2026
प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में परिवर्तन ला रही है- मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह

किसानों की समृद्धि ही प्रदेश और देश की प्रगति का आधार है
जैविक खाद से फसलें गुणवत्तायुक्त होती है, जिससे हम स्वस्थ और निरोग रहते हैं
मंत्री श्री सिंह ने गाडरवारा में प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित किया
प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हरित क्रांति से फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई, अब प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरकता क्षमता बढ़ेगी और फसलों का उत्पादन अच्छा और गुणवत्तायुक्त होगा। यह प्राकृतिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्री सिंह शनिवार को पीजी कॉलेज गाडरवारा के ऑडिटोरियम में कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह के आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने मां सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि नरसिंहपुर जिला कृषि के क्षेत्र में पूरे प्रदेश को मार्गदर्शन देने वाला जिला है। नरसिंहपुर जिले की भूमि सबसे उपजाऊ है, जल की उपलब्धता है, अनुकूल जलवायु है और बजार भी उपलब्ध है। जिससे जिले के किसान समृद्ध और सम्पन्न हैं।
मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश में कृषि और किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की लागत कम करने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करने तथा शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया। किसानों की समृद्धि ही प्रदेश और देश की प्रगति का आधार है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की उपज को समर्थन मूल्य पर खरीद कर उन्हें प्रोत्साहित करती है। भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिया गया है। उन्होंने खरीदी केन्द्रों में किसानों की फसलों को खरीदने, परिवहन, भंडारण और नीलामी की प्रक्रिया के बारे में भी बताया।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि हमारे पूर्वज हमेशा खेतों में जैविक खाद का उपयोग करते थे। मंत्री श्री सिंह ने किसानों को सलाह दी कि अपने खेतों में रासायनिक खाद का उपयोग कम मात्रा में करें और जैविक खाद को बढ़ावा दें। जैविक खाद से तैयार होने वाली फसलें गुणवत्तायुक्त होती है। जिससे हम बीमार नहीं होंगे, स्वस्थ रहेंगे और हमारा जीवन निरोग रहेगा। उन्होंने प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए सभी किसानों को मार्गदर्शन देने की सलाह दी। मंत्री श्री सिंह ने यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरक और जैविक खाद तैयार करने में व्यय राशि के मूल्य का अंतर बताते हुए कहा कि किसानों को जैविक खाद बनाना सस्ता पड़ेगा।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहजता से कठिन चुनौतियों का सामना करते हैं। श्री मोदी ने देश के प्रत्येक नागरिक का प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से बैंकों में खाते खुलवाएं, जिससे वे बैंकों से लेन-देन कर आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं को पुरूषों के बराबर हक और अधिकार देने का काम किया है। यहीं वजह है कि आज महिलाएं प्रशासनिक सेवा, देश सेवा, विज्ञान, चिकित्सा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जा रही है। जिससे सभी वर्ग के लिए सम्पत्ति, उत्तराधिकार, भरण-पोषण, विवाह विच्छेद इत्यादि विषयों पर समान रूप से कानून लागू किया जा सके। उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों से समान नागरिक संहिता-(यूसीसी) में अपनी राय देने को कहा।
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य (राज्य मंत्री दर्जा) श्रीमती साधना स्थापक ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को पूर्ण संकल्प के साथ प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरकता क्षमता बढ़ती है और फसलें गुणवत्तायुक्त होती हैं। प्रदेश सरकार का अभियान है कि जल का संरक्षण करें, पौधे लगाएं और गौवंश की रक्षा करें, यह मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर जिला कृषि के क्षेत्र में सम्पन्न जिला है। नरसिंहपुर जिले में किसानों के लिए विभिन्न फेक्ट्री, मिल संचालित हो रही हैं। कृषि वैज्ञानिक किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। जिले में दुग्ध उत्पादन भी बढ़ा है। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया कि अपने खेतों में प्राकृतिक खेती अनिवार्य रूप से करें।
कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की मांग है। प्राकृतिक खेती में किसान जैविक खाद का उपयोग करते हैं। इससे भूमि की उर्वरकता क्षमता बढ़ती है और फसलों का उत्पादन गुणवत्ता युक्त होता है। किसानों को प्राकृतिक खेती की दिशा में प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का चयन किया जा रहा है, क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। किसानों को अपशिष्ट पदार्थों से जैविक खाद तैयार करने की विधि के बारे में बताया जा रहा है। जिससे किसान केचुआ खाद, अपशिष्ट खाद व गोबर खाद तैयार कर सके।
आयोजित कार्यशाला में मंत्री श्री सिंह ने प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यशाला के दौरान मंत्री श्री सिंह ने विभिन्न स्टॉलों और आधुनिक कृषि यंत्रों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने व अन्य अतिथियों ने पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्री मुकेश मरैया, श्री मिनेन्द्र डागा, जिला पंचायत सदस्य डॉ. योगेश कौरव, श्रीमती ऋचा स्थापक, सुश्री अंजु शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और किसान मौजूद थे।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
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स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदयप्रताप सिंह