Wednesday 13th of May 2026

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साइबर ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपी झारखंड से गिरफ्तार, APK फाइल एवं eSIM तकनीक के जरिए देते थे वारदात को अंजाम

धोखाधड़ी की राशि ट्रांसफर करने वाले 11 बैंक खातों की जांच जारी,आरोपी के विरुद्ध 6 राज्यों में दर्ज हैं 11 आपराध दर्ज

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नर्मदापुरम पुलिस की बड़ी कार्रवाई,नागरिकों से सतर्क रहने की अपील : साइबर ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपी झारखंड से गिरफ्तार, APK फाइल एवं eSIM तकनीक के जरिए देते थे वारदात को अंजाम

Aditi News Team

Wed, May 13, 2026

नर्मदापुरम पुलिस की बड़ी कार्रवाई

साइबर ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपी झारखंड से गिरफ्तार

APK फाइल एवं eSIM तकनीक के जरिए देते थे वारदात को अंजाम

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में नर्मदापुरम जिले की थाना बनखेड़ी पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी की वारदात में शामिल दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को झारखंड राज्य के देवघर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा फरियादी के बैंक खाते से 03 लाख 09 हजार 917 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी।

प्राप्त जानकारी अनुसार फरियादी छोटेलाल कुशवाह पिता हरिसिंह कुशवाह, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम डूमर थाना बनखेड़ी जिला नर्मदापुरम ने 17 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से कुल 03 लाख 09 हजार 917 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। शिकायत पर थाना बनखेड़ी में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम श्री साई कृष्णा एस. थोटा (IPS) के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम 02 मई को झारखंड रवाना हुई। पुलिस टीम ने अत्यंत सूझबूझ एवं गोपनीय तरीके से आरोपियों के निवास क्षेत्र में लगातार चार दिनों तक भेष बदलकर निगरानी की। इसके पश्चात 07 मई को देर रात्रि दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में उमेश दास पिता शंकर दास उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बिल्ली, मधुपुर जिला देवघर (झारखंड) तथा उत्तम कुमार दास पिता मनोज कुमार दास उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम गुनियासोल, मधुपुर जिला देवघर (झारखंड) शामिल हैं।

आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड जप्त किए गए हैं।

ऐसे देते थे साइबर ठगी को अंजाम

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नागरिकों के मोबाइल पर APK फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को डाउनलोड एवं इंस्टॉल करता था, आरोपी उसके मोबाइल की जानकारी प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद आरोपी पीड़ित के मोबाइल नंबर की eSIM तैयार कर लेते थे, जिससे बैंक खाते से जुड़े OTP एवं बैंकिंग अलर्ट सीधे आरोपियों तक पहुंचने लगते थे। इसी तकनीक का उपयोग कर फरियादी के बैंक खाते से अलग-अलग खातों में 03 लाख 09 हजार 917 रुपये ट्रांसफर किए गए।

क्या होती है APK फाइल?

APK (Android Package Kit) एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में उपयोग होने वाली एप्लीकेशन फाइल होती है। जिस प्रकार कम्प्यूटर में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के लिए “.EXE” फाइल का उपयोग किया जाता है, उसी प्रकार एंड्रॉयड मोबाइल में एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के लिए “.APK” फाइल का उपयोग किया जाता है। सामान्यतः APK फाइल वैध मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के लिए उपयोग होती है, लेकिन साइबर अपराधी इन्हीं APK फाइलों का दुरुपयोग कर फर्जी एवं हानिकारक एप्लीकेशन तैयार कर लोगों के मोबाइल में इंस्टॉल कराते हैं।

साइबर अपराधियों द्वारा व्हाट्सएप, सोशल मीडिया लिंक, टेलीग्राम चैनल एवं अन्य ऑनलाइन माध्यमों से APK फाइल भेजी जाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को डाउनलोड एवं इंस्टॉल करता है तथा मांगी गई परमिशन को अनुमति देता है, वैसे ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी अपराधियों की पहुंच में आ जाती है। इसके माध्यम से आरोपी मोबाइल के SMS, OTP, बैंकिंग मैसेज, कॉन्टैक्ट, गैलरी एवं अन्य निजी जानकारी तक पहुंच प्राप्त कर लेते हैं और बाद में बैंक खातों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एवं साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं।

नागरिकों के लिए सावधानी एवं सुरक्षा संबंधी सुझाव

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल या मोबाइल एप्लिकेशन को डाउनलोड एवं इंस्टॉल न करें। केवल अधिकृत एप स्टोर से ही एप डाउनलोड करें। किसी भी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल स्क्रीन शेयर न करें और न ही बैंकिंग संबंधी ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा करें।

यदि मोबाइल अचानक बंद हो जाए, नेटवर्क गायब हो जाए अथवा बिना जानकारी के eSIM एक्टिवेट होने का संदेश प्राप्त हो तो तुरंत अपने मोबाइल सेवा प्रदाता एवं बैंक से संपर्क करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा वेबसाइट National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराएं।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम श्री साई कृष्णा एस. थोटा (IPS)

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