जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनसहभागिता से किया गया श्रमदान : जल गंगा संवर्धन अभियान द्वितीय चरण अंतर्गत प्राचीन बावड़ी में स्वच्छता श्रमदान एवं जल काव्य गोष्ठी आयोजित
Aditi News Team
Tue, May 19, 2026
जल गंगा संवर्धन अभियान द्वितीय चरण अंतर्गत प्राचीन बावड़ी में स्वच्छता श्रमदान एवं जल काव्य गोष्ठी आयोजित
जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनसहभागिता से किया गया श्रमदान
नरसिंहपुर।मध्यप्रदेश शासन की महत्वपूर्ण पहल “जल गंगा संवर्धन अभियान” अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार 19 मार्च 2026 से 30 जून 2026 तक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 18 मई 2026 को परिषद के संस्थापक उपाध्यक्ष ,पर्यावरणविद श्रद्धेय श्री अनिल माधव जी दवे की पुण्यस्मृति में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला नरसिंहपुर के मार्गदर्शन में विकासखंड चीचली के सेक्टर क्रमांक-2 बसुरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत पचामा स्थित प्राचीन बावड़ी में नवांकुर संस्था हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया के तत्वावधान में स्वच्छता अभियान, श्रमदान एवं जल काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर बावड़ी की साफ-सफाई की तथा जल संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में बागेश्वरी साहित्य परिषद एवं तुलसी अकादमी के सहयोग से जल संवर्धन विषय पर काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। वरिष्ठ कवि पुरुषोत्तम “मुख्तयार” ने अपने गीतों के माध्यम से जन अभियान परिषद के कार्यों को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया। बाल कवयित्री कुमारी गरिमा मनु विश्वकर्मा ने “जल ही जीवन है” विषय पर प्रेरणादायी कविता पाठ किया। वरिष्ठ कवि दीपक गुप्ता ने हास्य-व्यंग्य शैली में बढ़ते जल संकट पर चिंता व्यक्त की। धनराज विश्वकर्मा ने “पेड़ बचाओ” विषय पर ग़ज़ल प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं संतोष अग्रवाल “सागर” ने गीतों के माध्यम से वर्तमान समय में जल संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया।
ग्राम पंचायत पचामा के सरपंच भवानी प्रसाद जुदेव “राजा साब” ने प्राचीन बावड़ी के इतिहास एवं उसके संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वृक्ष मित्र संस्था के संस्थापक योगेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर जल संकट उत्पन्न होना निश्चित है।
जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा बाई अहिरवार ने सभी नागरिकों से जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि “जल है तो कल है”। विकासखंड समन्वयक सुश्री स्मिता दांड़े ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण, संवर्धन एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु लगातार कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं आमजन बढ़-चढ़कर सहभागिता निभा रहे हैं।
कार्यक्रम समन्वयक रामेश्वर वर्मा ने बताया कि भूमिगत जल स्तर बढ़ाने, ग्रीष्म ऋतु में पशु-पक्षियों हेतु पेयजल उपलब्ध कराने तथा भविष्य में जल संकट से बचाव के उद्देश्य से प्राचीन बावड़ियों एवं जल स्रोतों में श्रमदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा बाई अहिरवार, ग्राम पंचायत पचामा सरपंच भवानी प्रसाद जुदेव “राजा साब”, वृक्ष मित्र संस्थापक योगेन्द्र सिंह, बागेश्वरी साहित्य परिषद अध्यक्ष धनराज विश्वकर्मा, संतोष अग्रवाल “सागर”, बाल कवयित्री गरिमा मनु विश्वकर्मा, वरिष्ठ कवि पुरुषोत्तम “मुख्तयार”, रामकिशन पटेल, आनंद वर्मा, महेंद्र वर्मा, मानक लाल ढिकवार, प्रदीप वर्मा सचिव, नवांकुर संस्था हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया के अध्यक्ष रामकृष्ण राजपूत, सचिव रामेश्वर वर्मा, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति भमका की अध्यक्ष श्रीमती नीरू राजपूत, कृष्ण कुमार कुशवाहा, रीतेश मेहरा, परमानंद वर्मा, गुलाब पटेल, स्वप्निल बड़ारया, परामर्शदाता शिवम राजपूत, राधा कीर, अभिषेक कौरव, संतोष पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
जल गंगा संवर्धन अभियान नरसिंहपुर
जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा बाई अहिरवार,