छात्रा से दुष्कर्म के बाद,ITI के शेड पर उठ रहे सवाल : जब उस शेड में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चलती थी तो प्रिंसिपल मैडम ने उस शेड को क्यों नहीं हटवाया
Aditi News Team
Wed, Oct 7, 2026
छात्रा से दुष्कर्म के बाद,आईटीआई के परिसर में बने शेड को लेकर उठे सवाल

जब उस शेड में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चलती थी तो प्रिंसिपल मैडम ने उस शेड को क्यों नहीं हटवाया
देवरी। रायसेन जिले की नगर देवरी स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में करीब एक माह पूर्व एक निजी कंपनी के मैनेजर द्वारा आईटीआई की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद संस्थान की व्यवस्थाओं और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले में पुलिस ने आरोपी रूपेंद्र खटीक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामले के बाद अब आईटीआई के मुख्य गेट के सामने पार्किंग क्षेत्र में बनाए गए एक शेड को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि शासकीय स्कूल, कॉलेज या आईटीआई जैसे संस्थानों के परिसर में निजी गतिविधियों अथवा किसी व्यक्ति को रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, फिर आईटीआई परिसर में यह शेड किस अनुमति के आधार पर बनाया गया और लंबे समय तक इसे हटाया क्यों नहीं गया?
जानकारी के अनुसार,आईटीआई के पूर्व प्रभारी धनीराम अहिरवार का कहना है कि 1 वर्ष पूर्व उन्होंने राजस्व विभाग के एक अधिकारी के फोन पर अल्प अवधि के लिए उक्त स्थान उपलब्ध कराया था। इसके बाद आईटीआई की प्राचार्य श्रुति पटेल ने कार्यभार संभाला। आरोप है कि करीब एक वर्ष से प्राचार्य के पद पर रहने के बावजूद उक्त शेड को हटाने अथवा उसकी गतिविधियों की जांच कराने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई श्रुति पटेल ने क्यों नहीं की।
शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया है कि उक्त शेड में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चलती थीं और वहां शराब सहित अन्य गतिविधियां होने की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचती रही। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
वहीं आईटीआई के बड़े बाबू घनश्याम सेन जो लगभग 30 वर्ष से जमा हुआ है,उसे पर भी निजी कंपनी के मैनेजर से कथित लेन-देन किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष ने मांग की है कि इस कथित लेन-देन की भी जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि शेड को लंबे समय तक संचालित रहने देने में किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही।
कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़िता और उसके पिता ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा से मांग की है कि आईटीआई परिसर में शेड बनाए जाने की अनुमति, उसके उपयोग, अधिकारियों की जानकारी तथा निजी कंपनी से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच कराई जाए।
शिकायतकर्ताओं ने आईटीआई प्राचार्य श्रुति पटेल और बड़े बाबू घनश्याम सेन की भूमिका की भी जांच कराए जाने तथा जांच पूरी होने तक आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
क्योंकि प्राचार्य मैडम एक वर्ष से सब कुछ देख रही थी जब उन्होंने धनीराम से, चार्ज ले लिया था तो उसे शेड को क्यों नहीं हटवाया।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में जांच कर आईटीआई परिसर में शेड बनाए जाने और वहां लंबे समय से चल रही कथित गतिविधियों के संबंध में क्या तथ्य सामने लाता है और जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
जिला कलेक्टर रायसेन