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: मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से जुटे हजारों आदिवासी, धरना सम्पन्न

Aditi News Team

Wed, Jan 29, 2025
मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से जुटे हजारों आदिवासी, धरना सम्पन्न मप्र आदिवासी एकता महासभा के आव्हान पर 29 जनवरी 2025 को भोपाल के शाहजानीबाद पार्क में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों आदिवासी महिला पुरुष छात्र नौजवान शामिल हुए। नरसिंहपुर जिले से आदिवासी नेता पवन सल्लाम एवं किसान सभा के तहसील उपाध्यक्ष देवेंद्र वर्मा एवं शेरसिंह राजपूत के नेतृत्व में नरसिंहपुर जिले से सैकड़ों लोग शामिल हुए। आदिवासियों की जनसंख्या देश में 8.5℅ तथा मध्यप्रदेश में लगभग 22 प्रतिशत है ,केंद्रीय सरकार में सरकारी आंकड़े से ज्ञात होता है कि ए ग्रुप एवं बी मैं आदिवासियों के 2 से 3 प्रतिशत पदो पर नियुक्तिया मिली है ,यही हाल ग्रुप सी और डी में है जबकि आबादी के अनुपात 8 से 9 प्रतिशत नौकरी में आरक्षण मिलना चाहिए ,मध्यप्रदेश में अबादी के अनुपात में 22 प्रतिशत आदिवासियों को राज्य सरकार की नौकरी में आरक्षण मिलना चाहिए ,सी एवं डी मै अधिकांश नौकरियां ठेका सविंदा आउटसोर्सिंग से की जा रही है, संसदीय समिति ने सिफारिश की थी इन भर्ती में आदिवासियों का आरक्षण सुनिश्चित किया जाय । आंगनबाड़ी ,आशा, ऊशा , मध्यहान भोजन सहित अन्य स्कीम वर्करों की नौकरी समाप्तकी जा रहीं हैं, निजी कंपनी में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है । सरकारें प्रदेश में वनाधिकार कानून पर अमल नहीं कर रही है ,वन भूमि पर पीढियों से काबिज आदिवासियों को पटटे नहीं दिये जा रहे हैं ,आदिवासियों के लिए शिक्षा स्वास्थ्य सेवा का बजट में कटौती कर कई जनकल्याणकारी योजना भी आदिवासियों के आरक्षित बजट में से कटौती कर किया जाता है , *नरसिंहपुर जिले से पवन सल्लाम ने एनटीपीसी का उठाया मुद्दा* आदिवासी नेता पवन सल्लाम ने नरसिंहपुर जिले की समस्या रखते हुए कहा एन टी पी सी में किसानो आदिवासियों का शोषण कर ठेका प्रथा एवं ईसटनवेसटन वौल्डर कोल प्रा लिमिटेड कंपनी राजस्थान भी क्षेत्र को लाभांश का निशचित हिस्सा विकास के लिए नहीं देती है जबकि नियम अनुसार प्रभावित पंचायातो को देना चाहिए , क्षेत्रीय किसानों का अनुबंध किया था उन किसानों को नौकरी देने का वादा किया था अभी तक किसी को भी नौकरी नहीं दी है , आदिवासियों के नाम की योजनाओं पर बिचौलिए दलाल लूट मचाए हुए हैं, आदिवासी गांव बुरी तरह से पिछड़े हुए हैं, सड़क बिजली पानी शिक्षा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं नहीं हैं, उन पर सरकार ध्यान दे, अन्यथा अब आदिवासी एकता महासभा गांव गांव आंदोलन प्रदर्शन कर अपने हक हासिल करने सरकार को बेनकाब करेगी। आंदोलन में जिले के अभिषेक इरपाचे ,टेकचंद बटटी ,गोपाल मेहरा ,मुन्ना लाल,गयारसी , रघुबीर ,परमलाल ,फूल सिह डब्बल पंडा ,दिनेश जैसे प्रमुख नेताओं के अलावा अन्य लोग शामिल रहे।  

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