: शाहनगर जनपद पंचायत क्या होगी भ्रष्टाचार मुक्त, नव नियुक्त सीईओ से मजदूरों को लगी उम्मीद क्या मिलेगा काम या होगा मशीनों से
क्या होगी भ्रष्टाचार मुक्त जनपद पंचायत शाहनगर, नव नियुक्त सीईओ से मजदूरों को लगी उम्मीद क्या मिलेगा काम या होगा मशीनों से
रिपोर्टर,पन्ना से कविता पांडे
पन्ना जिले की जनपद पंचायत शाहनगर इस तरह भ्रष्टाचार में डूबी हुई है कि साशन द्वारा चलाई जा रही मजदूरों की जन हितेसी योजनाओं का लाभ सीधे सरपंच सचिव उठा रहे हैं क्योंकि सरपंच सचिव इस तरह भ्रष्टाचार की राशि एकत्रित कर चुके हैं कि उनको किसी का डर है नहीं है ना अधिकारी करना जनप्रतिनिधि का जिसका जीता जाता उदाहरण आप विगत कई दिनों से देख रहे और सुन रहे हैं कि ग्राम पंचायत ,तिदिनी के सरपंच सचिव के द्वारा खैर दाईं तालाब में मजदूरों की जगह खुलेआम जेसीबी से कार्य कराया जा रहा था जिसको ग्राम के जागरूक नागरिकों ने केमरे में कैद किया और स्थानीय स्तर जनपद से लेकर जिला तक यह जानकारी दी लेकिन भ्रष्ट सरपंच सचिव के खिलाफ किसी भी अधिकारी ने एक्शन लेना उचित नहीं समझा पूरी जनपद पंचायत क्षेत्र के आसपास लगी पंचायत में एक फैशन बन चुका है कि मजदूरों को काम ना देकर मशीनों से कराया जाए इसी तरह ग्राम पंचायत मेंहलवारा के अतरहाई मैं भी मजदूरों की जगह मशीन से कार्य कराया जा रहा है यहां तो वह स्थिति देखने को मिली कि तालाब में गहरी करण के तहत बेची जा रही तालाब की काप प्रति ट्राली300 से 350 रुपए तक लगभग ट्राली बेची जा रही है आम के आम गुठलियों के दाम इस बात की भी जानकारी ऐसा नहीं है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को नहीं है लेकिन आखिर कारण क्या है क्या जनपद में बैठे भ्रष्ट अधिकारी एवं प्रभारी की सहमति से ही यह कार्य हो रहा था अब कई महीनो बीत जाने के बाद जनपद पंचायत को सीईओ मिले हैं जिसमें जनपद झेत्र की ग्राम पंचायत में आदिवासी बहुल क्षेत्र के मजदूरों को यह उम्मीद जगी कि अब हम लोगों के हक पर सरपंच सचिव ढाका डालना बंद कर देंगे क्योंकि नए आए हैं कहीं ऐसा तो नहीं की पूर्व से चली आई पद्धति पर ही चलेंगे या अपनी कार्य शैली की अलग छाप बनाएंगे यह उम्मीद मजदूरों को सीईओ से लगी कि अब आखिर क्या मिलेगा काम ।
जब ग्राम पंचायत तिदिनी के सचिव अजय त्रिसोलिया से बात की गई कि नेट पर 100 मजदूर कार्य कर रहे हैं और मौके पर 10 मजदूर हैं तो सचिन का कहना था कि जितने मजदूर नहीं आएंगे उनको एब्सेंट किया जाएगा तो जब एब्सेंट किया जाने हैं तो उपस्थित क्यों सवेरे नेट पर दर्ज की जाती है
इस तरह भ्रष्टाचार चरम सीमा पर लगा हुआ है यदि सचिन के कार्य क्षेत्र की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो बड़ी भ्रष्टाचार एवं अनियमिताएं सामने आएंगे।
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