Friday 6th of November 2026

ब्रेकिंग

एमके मार्ट से संदिग्ध 30 किलो घी जब्त, नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे जाएंगे

किसान जन आक्रोश रैली एवं धरना प्रदर्शन आंदोलन

बिना लायसेंस के रहवासी इलाके मे अवैध रूप से पटाखा विक्रय करने वाले दुकान संचालकों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज

दूषण नहीं, भूषण बनें; बुरा मत सोचो, अच्छे विचार ही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज

गाडरवारा नगर पालिका परिषद की संयुक्त टीम के द्वारा के बाजारों एवं दुकानों एवं गोदाम का निरीक्षण किया गया

: मजदूर दिवस पर विशेष (मजदूर कहाँ होते हैं)

Aditi News Team

Wed, May 1, 2024
मजदूर कहाँ होते हैं (अतुकान्तिका)   मजदूर होते ही कहाँ हैं होतीं हैं उनकी। काम पाने की आशा भरी सुबह। पसीने से तरबतर दोपहर फटे थैले में एक किलो आटे भरी शाम। बच्चों के साथ रोटी बांटती रात।   मजदूर बीमार नहीं होते बुखार में भी सीमेंट से भरे तसले को ले आते हैं तीसरी मंजिल पर।   मजदूरों का बचपन नहीं होता उनका बचपन ठेकेदार की गालियों और दुकान की झूठन साफ करते हुए निकल जाता है।   मजदूरों की शादियाँ नहीं होतीं बस चुन लेते हैं एक साथी जो काम करके कुछ पैसे कमाए।   मजदूरों के पास मकान नहीं होते हैं बस एक छोटा घर होता है जिसमें वो सिर्फ रात को बैठ कर सुकून की एक रोटी खाते हैं।   मजदूरों का कोई देश नहीं होता है न राज्य होता है न कोई शहर। बस एक वोट होता है जिसे वो लोग चुरा कर डरा कर ले लेते हैं जो भाग्य विधाता हैं।   मजदूरों के पास सिर्फ सरलता होती है, स्वाभिमान होता है। जो उनके पास कुछ भी न होने से ज्यादा कीमती होता है।   सुशील शर्मा

Tags :

जरूरी खबरें