Wednesday 29th of April 2026

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गौ सम्मान आव्हान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने को लेकर सौंपा प्रार्थना पत्र

स्वामी इंद्रदेव महाराज जी ने भी गौ सम्मान आव्हान अभियान का किया समर्थन

गाडरवारा गायत्री मंदिर में गौ माता की पूजा व धेनु चालीसा का पाठ कर गो माता के सानिध्य मे गो भक्तों ने सौंपा आवेदन

आज 27 अप्रैल 2026 को दोपहर में 3 बजे दादा जी धूनी वालों के दरबार में सभी गौ भक्त एकत्र होकर

सिहोरा मे पदस्थ न्यायाधीश सुधांशु सिन्हा एवं न्यायाधीश श्रीमति उर्वशी यादव का सिहोरा न्यायालय स्थानांतरण होने पर

: गाडरवारा,नपा.और ग्राम पंचायत के झमेले में फंसा चिरहखुर्द,मेरा विकास कौन करेगा नपा. गाडरवारा या ग्रा.प.कौड़ियां,पीड़ित (चिरहखुर्द) की पुकार

Aditi News Team

Sat, Mar 15, 2025
रिपोर्टर रजनीश कौरव नपा.और ग्राम पंचायत के झमेले में फंसा चिरहखुर्द,मेरा विकास कौन करेगा नपा. गाडरवारा या ग्रा.प.कौड़ियां,पीड़ित (चिरहखुर्द) की पुकार गाडरवारा।नगर पालिका गाडरवारा के निरंजन वार्ड क्रमांक 20 से लगा हुआ ग्राम पंचायत कौड़ियां का एक हिस्सा जो की चिरहखुर्द के नाम से जाना जाता है वह है चिराहखुर्द अपने आप को ग्राम पंचायत कौड़ियां का हिस्सा बताता है परंतु वहां की मलाई नगरपालिका गाडरवारा खाती है अब मैं आपको बताना चाहूंगा कि कैसी मलाई नगर पालिका को प्राप्त हो रही है कौड़ियां ग्राम पंचायत के चिराहखुर्द में लगभग 80 से 100 मतदाता निवास करते हैं जिसमें से महज 15 से 20 मतदाता कौड़ियां पंचायत में दर्ज हैं बाकी सभी मतदाता नगर पालिका की मतदाता सूची में शामिल है परंतु जो मतदाता चिराहखुर्द में निवास करते हुए नगर पालिका गाडरवारा के निरंजन वॉर्ड पार्षद को अपना मत प्रदान करते हैं उनको नगर पालिका की एक भी सुविधा नहीं मिल पाती यहां तक कि वह चार महीने कीचड़ से सने रास्ते में से निकलने के लिए मजबूर है इसके लिए जिम्मेदार किसको ठहराया जाए बेचारे चिराहखुर्द में निवास कर रहे लोग अपने आप को मझधार में महसूस कर रहे हैं उनका दोनों किनारे अपनाने को तैयार नहीं है। पूर्व से लगातार कौड़ियां में दर्ज था चिरहखुर्द हालांकि चिरहखुर्द पहले से कौड़ियां ग्राम पंचायत में दर्ज चला आ रहा लेकिन लगभग वर्ष 2014 से आधा 30 % चिरहखुर्द नगरपालिका में जुड़ गया जब से नगरपालिका ने कुछ विकास तो किया है परंतु कौड़ियां ग्राम पंचायत के द्वारा एक कंकड़ भी नहीं लगाया गया,जबकि कौड़ियां से चिरहखुर्द को जोड़ने के लिए एक मात्र रास्ता है जो कि कौड़ियां गाडरवारा मार्ग से जुड़ा हुआ है जो कि कच्चा हैं इसलिए वह मार्ग लगभग चार महीने बंद रहता है जिससे कि स्कूल आनेजाने वाले बच्चों के लिए एवं ग्रामीणों को निकलने में मुसीबतों का सामना करना पड़ता है किसी भी जनप्रतिनिधि के कानो पर जू तक नहीं रेंग रहा की चिरह खुर्द का रोड बनाया जाए ।

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