: नरवर सिंह सराठे को सेवानिवृत होने पर दी विदाई
Tue, Apr 29, 2025
नरवर सिंह सराठे को सेवानिवृत होने पर दी विदाई
गाडरवारा। गत दिवस ग्राम खुरसीपार के शासकीय उ मा विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षक नरवर सिंह सराठे को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने पर ग्रामवासियो एवं शिक्षकों ने शाल, श्रीफल, विदाभिनंदन पत्र एवं उपहार देकर विदाई दी। विदाई कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सरपंच मनोज दुबे ने कहा कि श्री सराठे ने हमारे गाँव के स्कूल में अपने कर्तव्य का निर्वाहन जिम्मेदारी से किया। साईंखेड़ा बीईओ प्रतुल इंदुरख्या ने कहा कि समाज में श्री सराठे जी जैसे अच्छे शिक्षक कम ही देखने को मिलते हैँ। विदाई कार्यक्रम को सेवानिवृत प्राचार्य राजेश बरसैयाँ, नगेन्द्र त्रिपाठी, शेख जाफर खान सहित अन्य शिक्षको ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में शिक्षक नरवर सराठे ने कविता के माध्यम से सभी शिक्षकों के प्रति आभार जताया।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अवशेष उपाध्याय ने संस्कृत भाषा में किया एवं अंत में आभार प्रदर्शन शिक्षक रत्नेश विश्वकर्मा ने किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य अंजू शुक्ला ने भी श्री सराठे को उपहार देकर विदाई दी। इस अवसर पर सत्यनारायण ढिमोले, हरगोविंद तिनगुरिया, मोहन मुरारी दुबे, चंद्रकांत साहू, वेणीशंकर पटैल, डॉ मंजुला शर्मा, मधुसूदन पटैल, प्रसन्न दुबे, सिराज अहमद सिद्धिकी, अमित पटैल, हरिओम जाटव सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
: भगवान परशुराम जी के प्राकट्योत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं (जयंती विशेष पर प्रभु परशुराम के दोहे)
Tue, Apr 29, 2025
भगवान परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं ,, परशुराम जयंती पर हार्दिक अभिनंदन
प्रभु परशुराम पर दोहे
परशुराम प्रभु नाम है, शक्ति शौर्य का रूप।विप्र शिरोमणि आप हैं, भार्गव वंश अनूप।। पिता जमदग्नि सुत प्रबल, मात रेणुका लाल।फरसा कर में धारते, तेज प्रचंड विशाल।। लड़ते रहे अधर्म से, क्रोध अग्नि अवतार।शस्त्र ज्ञान बुद्धि प्रबल, महिमा अपरम्पार।। शिव के अनुपम शिष्य हैं, विद्या प्रबल प्रवीण।न्याय हेतु लड़ते सदा, रखते धर्म नवीन।। दानवीर अति वीर वर, कर दी पृथ्वी दान।हृदय भाव वैराग्य का, तज मन का अभिमान।। ब्राह्मण तेज अनूप है, वाणी में थी धार।सत्य हेतु संघर्षरत, करते नहीं विचार।। टूटा जब गुरु का धनुष, लिया क्रोध अवतार।शांत हुए तत्काल फिर,देख राम व्यवहार। भीष्म, द्रोण गुरु आप हैं,आप सत्य संधान।शस्त्र आप से सीख कर, मिला कर्ण को ज्ञान। परशु जयंती आज है, करते सुमिरन ध्यान।जीवन में साहस भरें, करें धर्म का मान।। विप्र शिरोमणि आप हैं, शक्ति बुद्धि आधार।पाप मिटे इस धरा से, हो सबका उद्धार।। विप्र वंश पर हो कृपा,दो बल विद्या दान।अन्यायों से हम लड़ें,रहे न मन अभिमान। ✒️
सुशील शर्मा
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ब्राह्मणत्व की ज्योति
(दो कविताएं - सुशील शर्मा)
1ब्रह्म के पथ पर जो चलता है।ज्ञान दीप सा जो जलता है।शांत, सरल, सहिष्णु, विवेकी,धर्म हेतु जो हिम सा गलता है। वेद ऋचाओं का स्वर बनकर,ज्ञान फैलता मंत्रों को गाकरवह ब्राह्मण है, सृष्टि का दीपकजो अन्याय से लड़ता है संघर्ष चुन कर। ज्ञान देकर भी जो पीड़ा सहता हैनहीं अहंकारों में ब्राह्मण बहता है।सत्य-मार्ग का वह पथिक सनातन हैराष्ट्र के लिए समर्पित जिसका जीवन है। 2 वेदों की वीणा के झंकृत स्वर,यज्ञों की अग्नि में तप कर।श्लोकों की धारा, मंत्रों का आवाहन।ब्रह्मस्वरूप वह ज्ञान अवगाहन। सृष्टि के सूरज की पहली किरण,संस्कारों की धरती पर गुणों का आवरण।जगत का वह प्रथम पुरोहित है,जिसकी वाणी में सत्य आरोहित है। वर्तमान में भी जो प्रासंगिक है।संस्कारों का जो आनुषंगिक है।मानवता का जो दीप जलाता है,ब्राह्मण दाधीच सा स्वयं को मिटाता है। ✒️
सुशील शर्मा
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आपका परशुराम अवतरण दिवस पर आत्मीय अभिनंदन भगवान परशुराम आपको यश,विद्या ,बुद्धि ,बल प्रदान करें।
: प्राचार्य संदेश(सुशील शर्मा)
Tue, Apr 29, 2025
प्राचार्य संदेश
प्रिय स्टाफ सदस्यगणआज इस सत्र के समापन बेला में, मैं आप सभी को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करना चाहता हूँ। यह वर्ष विद्यालय के लिए अनेक उपलब्धियों से भरा रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण अभी-अभी घोषित हुई लोकल परीक्षाओं का उत्कृष्ट परिणाम है। यह परिणाम आपकी अथक मेहनत, समर्पण और छात्रों के प्रति आपके अटूट विश्वास का जीवंत उदाहरण है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारी सामूहिक निष्ठा और छात्रों के परिश्रम के बल पर आगामी बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम भी अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण होगा।यह वर्ष हमारे विद्यालय की प्रगति का साक्षी रहा है। हमने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार किया है, सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नए आयाम स्थापित किए हैं। इन सभी प्रयासों में आप सभी का सक्रिय और समर्पित योगदान सर्वोपरि रहा है। आपके स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन और प्रेरणा ने छात्रों को न केवल परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी अग्रसर किया है।हालांकि, प्रगति की इस यात्रा में हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि कुछ क्षेत्र ऐसे रहे होंगे जहाँ हम अपनी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। कुछ कमियाँ अवश्य रही होंगी, जिन पर हमें भविष्य में और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। यह कोई निराशा का क्षण नहीं, बल्कि आत्म-मंथन और सुधार का अवसर है। हम संकल्प लेते हैं कि अगले सत्र में उन चुनौतियों का सामना और अधिक दृढ़ता और योजनाबद्ध तरीके से करेंगे। छात्रों के व्यक्तिगत विकास पर और अधिक ध्यान केंद्रित करना, कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करना, और नवीनतम शिक्षण तकनीकों को अपनाना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।यह विद्यालय हमारा परिवार है, और इसकी प्रगति हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आपके सुझाव और आपके अनुभव हमें बेहतर निर्णय लेने और प्रभावी योजनाएं बनाने में सदैव सहायक रहे हैं। मैं आशा करता हूँ कि भविष्य में भी आपका सहयोग और मार्गदर्शन इसी प्रकार बना रहेगा।आगामी अवकाश आपके लिए शांति और नवीन ऊर्जा का स्रोत बने। आप सभी स्वस्थ रहें और नई उमंग के साथ अगले सत्र में विद्यालय की सेवा के लिए लौटें।हां इस बात का अवश्य ध्यान रखें अवकाश के दिनों में भी आवश्यक कार्य आने पर आपकी उपस्थिति विद्यालय में आवश्यक होगी।आपके समर्पण और निष्ठा के लिए एक बार फिर हृदय से धन्यवाद।आपका शुभेक्षुसुशील शर्माप्राचार्य[शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला]गाडरवारा, मध्य प्रदेशदिनांक - 29 अप्रैल 2025