: गाडरवारा,शिक्षक का ग्राम वासियों ने पैर धुलाकर किया आत्मीय सम्मान
Mon, Jan 27, 2025
शिक्षक का ग्राम वासियों ने पैर धुलाकर किया आत्मीय सम्मान
गाडरवारा । साईंखेड़ा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पाली की प्राथमिक शाला के शिक्षक उसे समय भाव विभोर हो गए जब स्कूल पहुंचकर गणतंत्र दिवस के अवसर ग्राम वासियों ने शिक्षक बृजेश कुमार श्रीवास का आत्मीयता के साथ पैर धुलाकर सम्मान किया । गौरतलब हो शिक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहज सरल स्वभाव के साथ अपने कर्तव्यों का पालन पूर्ण निष्ठा व ईमानदारी के साथ करते है । समय पर स्कूल पहुंचकर बच्चों को परिवार की भांति समझते हैं और बच्चों को बेहतर स्कूली शिक्षा के साथ सामान्य ज्ञान पर भी फोकस करते हैं । बच्चों के पालको के बीच पहुंचकर शिक्षा का महत्व बताते हुए उनसे आग्रह करते हैं कि बच्चों को प्रतिदिन स्कूल पहुंचाओ और घर में भी उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करें । उनकी इस उत्कृष्ट सेवा को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम वासियों ने पैर धुलाकर उनका सम्मान किया । शिक्षक बृजेश कुमार श्रीवास का बच्चों के प्रति प्रेम लगन और मेहनत ने पाली प्राथमिक शाला के बच्चो को जिला एवं राज्य स्तर पर परीक्षाओं में चयनित होने का अवसर प्राप्त हुआ यह प्राथमिक शाला पाली के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है । इस अवसर पर प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक सिराज अहमद सिद्दीकी ने कहा कि कर्म क्षेत्र में इस तरह का सम्मान होना सबसे बड़ा सम्मान है । शिक्षक बृजेश श्रीवास के सम्मानित होने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रतुल्य इंदुरखिया, महेश अधरुज, नागेंद्र त्रिपाठी, मनीराम मेहरा, पवन राजोरिया, मधुसूदन पटेल, राजेश गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, योगेंद्र झरिया, विजय बेशर्म ,सुमित यादव ,दीपक गुप्ता, पोहोप सिंह पटेल, प्रशांत पटेल आदि शिक्षकों ने अपनी बधाइयां दी है ।
: सांईखेड़ा अनुविभाग व सालेचौका तहसील घोषित कर उमरधा सर्कल साईंखेड़ा में शामिल हो
Fri, Jan 3, 2025
रिपोर्टर कमलेश अवधिया
सांईखेड़ा अनुविभाग व सालेचौका तहसील घोषित कर उमरधा सर्कल साईंखेड़ा में शामिल हो
प्रदेश में संभाग, जिला, अनुविभाग तहसील, विकासखंड की सीमाओं का पुनः निर्धारण करने एवं नवीन जिले अनुविभाग तहसील के गठन के लिए जिला पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है , साईंखेड़ा कोभी विगत कई वर्षों से अनुविभाग बनाने की मांग की जा रही है,इसी प्रकार विकासखंड में भी बरेली,बरहेटा,कजरोटा सहित एक दर्जन से भी अधिक दूरदराज के ग्राम जुड़े हुए हैं,जन अपेक्षा है कि साईं खेड़ा तहसील एवं विकास खंड का युक्तियुक्तकरण करके इन दूरदराज के ग्रामो नजदीक के चीचली विकासखंड में जोड़कर चीचली विकासखंड के साईं खेड़ा के पास के पनागर,सहावन जैसे तीन दर्जन गांवों को साईं खेड़ा विकास खंड में जोड़ा जाए तथा सालेचौका क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा को देखते हुए राजस्व सर्कल सालेचौका एवं डुंगरिया, ढिंगसरा,पोडार,खमरिया, आड़े गांव सहित एक दर्जन गांवों को मिलाकर सालेचौका तहसील घोषित कर साईं खेड़ा एवं सालेचौका को मिलाकर नवीन साईं खेड़ा अनुविभाग बनाया जाए क्योंकि गाडरवारा अनुविभाग में वर्तमान में 350से अधिक ग्राम सम्मिलित हैं जिस कारण गाडरवारा में अधिक भार रहता है लोगों को भारी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है साईं खेड़ा अनुविभाग गठित किया जाए जिसका लाभ गरीबों किसानों मजदूरों, व्यापारी, विद्यार्थी सभी को मिलेगा तथा नर्मदा पुरम के बनखेड़ी तहसील के नांदना- परसवाड़ा से लेकर उमरधा तक दूधी नदी के किनारे के दो दर्जन से भी अधिक ग्राम जिनकी साईं खेड़ा से दूरी काफी कम 2किमी से लेकर 12किमी तक है जबकि बनखेड़ी तहसील मुख्यालय 25किमी से अधिक है इस क्षेत्र के अधिकांश नागरिक अपने दैनिक कार्यों के लिए साईं खेड़ा आते जाते हैं अतः क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा दृष्टि गत रखते हुए इन ग्रामों को साईं खेड़ा विकास खंड - तहसील में शामिल किया जाए।
: विभिन्न राज्यों में एक माह सतत भ्रमण कर किया बेटियों व वृद्धजनो का सम्मान
Fri, Jan 3, 2025
विभिन्न राज्यों में एक माह सतत भ्रमण कर किया बेटियों व वृद्धजनो का सम्मान
शिक्षा से वंचित बेटियों को पढ़ाना मुख्य उद्देश्य - बसेड़िया
गाडरवारा। नगर के वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया ने सतत एक माह तक विभिन्न राज्यो में भ्रमण करते हुए बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें पठन लेखन, शिक्षण सामग्री, स्कूल बैग,बॉटल आदि वितरित करते हुए स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने उपस्थित अभिभावकों,तीर्थ स्थल के प्रभारियों एवं अधिकारियों को बेटी शिक्षा के लिए प्रोत्साहन हेतु आवेदन कर बेटियों के तीर्थ मंदिरों पर भिक्षावृत्ति व चंदन आदि लगाने पर रोक लगायी जाने एवं उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने भ्रमण के दौरान वृद्धजनों,दिव्यांगों ,निराश्रित व असहाय जनो को गर्म कपड़े, कंबल, मच्छरदानी, टोपे, मौजे प्रदान किये। उन्होंने बेटियों के पद पखारकर उन्हें वस्त्र ,गर्म कपड़े ,श्रृंगार, पठन लेखन सामग्री प्रदान करते हुए बेटी शिक्षा व सम्मान को प्रोत्साहित कर आशीर्वाद लिया। विदित हो कि श्री बसेड़िया ने सतत एक माह तक असम राज्य के गुवाहाटी ,कामाख्या धाम,उमानन्द भैरव,मायोंग ,पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी ,बिहार के कटिहार, मैहर, उत्तरप्रदेश के काशी, मिर्जापुर, प्रयागराज, मध्यप्रदेश के सलकनपुर धाम ,उज्जैन, मालवा ,नलखेड़ा,पुरैना रंधीर , काशी बनारस , आदि स्थानों के दिव्य शक्तिपीठो व उप पीठो ,ज्योतिर्लिंग में बेटियों , वृद्धजनों, दिव्यांगों, निराश्रित जनो को सम्मानित किया। इसके अलावा बरमान के वृद्ध आश्रम व अनेक नर्मदा तटो पर स्वेटर गर्म कपड़े,कंबल,वस्त्र, पठन लेखन सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया। श्री बसेड़िया ने प्रतिवर्ष अनुसार बेटी शिक्षा व वृद्धजनो को सम्मानित करते हुए एक माह सतत सेवा का संकल्प लेकर स्वयं के खर्चे पर अनवरत बिना रुके , बिना थके परमार्थ सेवा का संदेश दिया। भ्रमण मे उन्होंने बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि देश को महिषासुरमर्दिनी अर्थात सशक्त बेटियों की आवयश्कता है जो बेटियों की शिक्षा व प्रोत्साहन से संभव है। उन्होंने माँ रेवा के ककराघाट में परहित व निष्काम सेवा संकल्प का शुभारम्भ कर सतत एक माह सेवा का समापन काशी यात्रा उपरांत ककरा घाट में कन्याओं के पद पखारकर, उन्हें वस्त्र , शिक्षण सामग्री प्रदान कर सेवा का संकल्प पूर्ण किया और सम्पूर्ण निष्काम सेवा को मां रेवा के चरणों में अर्पित किया।बसेड़िया ने उपरोक्त सेवा कार्य को माइक ,माला , मंच, व केक से दूर रहते हुए पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर वैदिक सनातन संस्कृति से युवाओं को संदेश दिया जो अनुकरणीय व सराहनीय है। उपरोक्त सेवा माह की परमार्थ सेवा की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।श्री बसेड़िया सदा से ही निराश्रित व गरीबो की मदद करने अग्रणी रहते है।