: सांईखेड़ा अनुविभाग व सालेचौका तहसील घोषित कर उमरधा सर्कल साईंखेड़ा में शामिल हो
Fri, Jan 3, 2025
रिपोर्टर कमलेश अवधिया
सांईखेड़ा अनुविभाग व सालेचौका तहसील घोषित कर उमरधा सर्कल साईंखेड़ा में शामिल हो
प्रदेश में संभाग, जिला, अनुविभाग तहसील, विकासखंड की सीमाओं का पुनः निर्धारण करने एवं नवीन जिले अनुविभाग तहसील के गठन के लिए जिला पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है , साईंखेड़ा कोभी विगत कई वर्षों से अनुविभाग बनाने की मांग की जा रही है,इसी प्रकार विकासखंड में भी बरेली,बरहेटा,कजरोटा सहित एक दर्जन से भी अधिक दूरदराज के ग्राम जुड़े हुए हैं,जन अपेक्षा है कि साईं खेड़ा तहसील एवं विकास खंड का युक्तियुक्तकरण करके इन दूरदराज के ग्रामो नजदीक के चीचली विकासखंड में जोड़कर चीचली विकासखंड के साईं खेड़ा के पास के पनागर,सहावन जैसे तीन दर्जन गांवों को साईं खेड़ा विकास खंड में जोड़ा जाए तथा सालेचौका क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा को देखते हुए राजस्व सर्कल सालेचौका एवं डुंगरिया, ढिंगसरा,पोडार,खमरिया, आड़े गांव सहित एक दर्जन गांवों को मिलाकर सालेचौका तहसील घोषित कर साईं खेड़ा एवं सालेचौका को मिलाकर नवीन साईं खेड़ा अनुविभाग बनाया जाए क्योंकि गाडरवारा अनुविभाग में वर्तमान में 350से अधिक ग्राम सम्मिलित हैं जिस कारण गाडरवारा में अधिक भार रहता है लोगों को भारी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है साईं खेड़ा अनुविभाग गठित किया जाए जिसका लाभ गरीबों किसानों मजदूरों, व्यापारी, विद्यार्थी सभी को मिलेगा तथा नर्मदा पुरम के बनखेड़ी तहसील के नांदना- परसवाड़ा से लेकर उमरधा तक दूधी नदी के किनारे के दो दर्जन से भी अधिक ग्राम जिनकी साईं खेड़ा से दूरी काफी कम 2किमी से लेकर 12किमी तक है जबकि बनखेड़ी तहसील मुख्यालय 25किमी से अधिक है इस क्षेत्र के अधिकांश नागरिक अपने दैनिक कार्यों के लिए साईं खेड़ा आते जाते हैं अतः क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा दृष्टि गत रखते हुए इन ग्रामों को साईं खेड़ा विकास खंड - तहसील में शामिल किया जाए।
: विभिन्न राज्यों में एक माह सतत भ्रमण कर किया बेटियों व वृद्धजनो का सम्मान
Fri, Jan 3, 2025
विभिन्न राज्यों में एक माह सतत भ्रमण कर किया बेटियों व वृद्धजनो का सम्मान
शिक्षा से वंचित बेटियों को पढ़ाना मुख्य उद्देश्य - बसेड़िया
गाडरवारा। नगर के वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया ने सतत एक माह तक विभिन्न राज्यो में भ्रमण करते हुए बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें पठन लेखन, शिक्षण सामग्री, स्कूल बैग,बॉटल आदि वितरित करते हुए स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने उपस्थित अभिभावकों,तीर्थ स्थल के प्रभारियों एवं अधिकारियों को बेटी शिक्षा के लिए प्रोत्साहन हेतु आवेदन कर बेटियों के तीर्थ मंदिरों पर भिक्षावृत्ति व चंदन आदि लगाने पर रोक लगायी जाने एवं उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने भ्रमण के दौरान वृद्धजनों,दिव्यांगों ,निराश्रित व असहाय जनो को गर्म कपड़े, कंबल, मच्छरदानी, टोपे, मौजे प्रदान किये। उन्होंने बेटियों के पद पखारकर उन्हें वस्त्र ,गर्म कपड़े ,श्रृंगार, पठन लेखन सामग्री प्रदान करते हुए बेटी शिक्षा व सम्मान को प्रोत्साहित कर आशीर्वाद लिया। विदित हो कि श्री बसेड़िया ने सतत एक माह तक असम राज्य के गुवाहाटी ,कामाख्या धाम,उमानन्द भैरव,मायोंग ,पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी ,बिहार के कटिहार, मैहर, उत्तरप्रदेश के काशी, मिर्जापुर, प्रयागराज, मध्यप्रदेश के सलकनपुर धाम ,उज्जैन, मालवा ,नलखेड़ा,पुरैना रंधीर , काशी बनारस , आदि स्थानों के दिव्य शक्तिपीठो व उप पीठो ,ज्योतिर्लिंग में बेटियों , वृद्धजनों, दिव्यांगों, निराश्रित जनो को सम्मानित किया। इसके अलावा बरमान के वृद्ध आश्रम व अनेक नर्मदा तटो पर स्वेटर गर्म कपड़े,कंबल,वस्त्र, पठन लेखन सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया। श्री बसेड़िया ने प्रतिवर्ष अनुसार बेटी शिक्षा व वृद्धजनो को सम्मानित करते हुए एक माह सतत सेवा का संकल्प लेकर स्वयं के खर्चे पर अनवरत बिना रुके , बिना थके परमार्थ सेवा का संदेश दिया। भ्रमण मे उन्होंने बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि देश को महिषासुरमर्दिनी अर्थात सशक्त बेटियों की आवयश्कता है जो बेटियों की शिक्षा व प्रोत्साहन से संभव है। उन्होंने माँ रेवा के ककराघाट में परहित व निष्काम सेवा संकल्प का शुभारम्भ कर सतत एक माह सेवा का समापन काशी यात्रा उपरांत ककरा घाट में कन्याओं के पद पखारकर, उन्हें वस्त्र , शिक्षण सामग्री प्रदान कर सेवा का संकल्प पूर्ण किया और सम्पूर्ण निष्काम सेवा को मां रेवा के चरणों में अर्पित किया।बसेड़िया ने उपरोक्त सेवा कार्य को माइक ,माला , मंच, व केक से दूर रहते हुए पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर वैदिक सनातन संस्कृति से युवाओं को संदेश दिया जो अनुकरणीय व सराहनीय है। उपरोक्त सेवा माह की परमार्थ सेवा की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।श्री बसेड़िया सदा से ही निराश्रित व गरीबो की मदद करने अग्रणी रहते है।
: पत्रकार अभय हिन्दुस्तानी की भूख हडताल शुरू
Fri, Jan 3, 2025
पत्रकार अभय हिन्दुस्तानी की भूख हडताल शुरू
नरसिंहपुर- पुलिस विभाग पत्रकार को धमकी देने वालों के नंबरों की अब तक GDR क्यों नहीं निकाल पाई है बड़ा सवाल जबकि दोनों नंबरों की लोकेशन मिल चुकी थी?
पत्रकारों के विषय में जिला प्रशासन क्या कर रहा है प्रेस कॉन्फ्रेंस करे
पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर पत्रकारों का अनिश्चित कालीन धरना
नरसिंहपुर- पत्रकारों को आये दिन खबरें प्रकाशित करने को लेकर धमकियाँ हमले हो रहे हैं जिन पर शासन प्रशासन को ज्ञापन भी दिये जा चुके हैं।
जिन पर पुलिस द्वारा जो भी कार्यवाही की है सार्वजनिक की जाये.
धमकी देने वाले दोनों नंबरों की CDR निकाली जाये बताई जाये कि धमकी देने वाले नरसिंहपुर में या किन लोगों से जुड़े हैं धमकी देने वालों का उद्देश्य क्या है?पत्रकार अभय बानगात्री (हिन्दुस्तानी) के समर्थन में पत्रकार संगठनों द्वारा उच्च अधिकारियों को कई ज्ञापन भी दिये जा चुके हैं इसके बावजूद जिला प्रशासन ने अब तक कोई प्रेस नोट जारी नहीं किया है।दिनांक 02 जनवरी से पत्रकारों द्वारा अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है और अब भूख हड़ताल शुरू हो गई है यह भूख हड़ताल क्रमिक होगी जिसमें 3 जनवरी को पत्रकार अभय बानगात्री भूख हड़ताल पर हैंशासन से मांग है कि प्रदेश में पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाये एवं पत्रकार को धमकी देने वालों के नंबरों की GDR निकाली जाये तथा उनका धमकी देने का उद्देश्य क्या था उनके पीछे कौन लोग हैं जनता के बीच पूरा खुलासा किया जायें ।