: लौकी कितनी सेहतमंद है इसके क्या फायदे हैं आप भी जरूर पढ़ें
Sat, Mar 16, 2024
लौकी के अनमोल फायदे क्या आप जानते हैं? अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो लौकी खाना बिल्कुल पसंद नहीं करते, तो लौकी के यह बेशकीमती फायदे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। इन्हें जानने के बाद आप लौकी खाना जरूर पसंद करें। जरा पढ़कर देखिए, लौकी के अनमोल फायदे – ◆ ताजगी – लौकी को हल्की सब्जियों में गिना जाता है। इसे खाने से पेट में भारीपन नहीं रहता, बल्कि यह शरीर में ताजगी बनाए रखने में सहायक है। प्रतिदिन तरोताजा बने रहने के लिए, नमक या मसाले डालकर लौकी का जूस पीना कारगर उपाय है ◆ वजन कम – लौकी का सबसे बड़ा फायदा है, कि यह आपका वजन बहुत जल्दी कम करने में सहायक होती है। इसलिए इसे उबालकर नमक के साथ खाया जाता है, या फिर इसका जूस पिया जाता है। ◆ पाचन – लौकी पाचन संबंधी समस्याओं का उत्तम इलाज है, साथ ही यह एसिडिटी में भी लाभप्रद है। लौकी को अपने भोजन में शामिल करने से पाचन क्रिया को बेहतर किया जा सकता है। ◆ डाइबिटीज – डाइबिटीज के मरीजों के लिए लौकी का सेवन एक प्रभावकारी उपाय है। डाइबिटीज में खाली पेट लौकी का सेवन करना बेहतर होगा। आप चाहें तो लौकी का जूस पी सकते हैं। ◆ यूरिनरी डिसऑर्डर – यूरिनरी डिऑर्डर अर्थात मूत्र संबंधी समस्याओं में भी लौकी बेहतर कारगर उपाय है। यह शरीर में सोडियम की अधिकता को कम करने में सहायक है, जो यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। ◆ नैचुरल ग्लो – लौकी का प्रतिदिन सेवन करने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है, और वह आकर्षक दिखाई देती है। कई महिलाएं व युवतियां इसके लिए लौकी का प्रयोग करती हैं। ◆ कोलेस्ट्रॉल – लौकी को भोजन में शामिल करने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल बहुत आसानी से धीरे- धीरे कम होने लगता है, जिससे हृदय संबंधी या कोलेस्ट्रॉल से होने वाली अन्य समस्याएं नहीं होती। इसके लिए लौकी का जूस एक आदर्श पेय माना जाता है। ◆ लौकी में भरपूर मात्रा में डायट्री फायबर, विटामिन- ए, विटामिन -सी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन- बी3, बी6, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम और जिंक पाया जाता है, जो आपको स्वस्थ बनाए रखता है। ◆ पैरों के तलुवों की जलन: लौकी को काटकर पैर के तलुवों पर मलने से पैर की गर्मी (जलन) निकल जाती है। ◆ दांत दर्द :- लौकी 75 ग्राम और लहसुन 20 ग्राम दोनों को पीसकर एक किलो पानी में उबालें जब आधा पानी रह जाये तो छानकर कुल्ला करने से दांत दर्द दूर होता है। ◆ पीलिया :- लौकी को धीमी आग में दबाकर भुर्ता-सा बना लें फिर इसका रस निचोड़कर थोड़ा सा मिश्री मिलाकर पीयें यह लीवर की बीमारी और पेट के अन्य रोगों के लिए लाभदायक है। ◆ खांसी :- लौकी की गिरी खाने से कफज-खांसी दूर हो जाती है। ◆ बवासीर (अर्श) :- लौकी या तुरई के पत्तों को पीसकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से खत्म हो जाते हैं।लौकी के छिलके को छाया में सुखाकर पीसकर रख लें और 1 चम्मच प्रतिदिन सुबह-शाम ठण्डे पानी के साथ फंकी लें। इसकी फंकी 7-8 दिन तक लेने से बवासीर में खून का आना बंद हो जाता है। ◆ लू का लगना :- लौकी के टुकड़ों से पैरों के तलुवों पर मालिश करने से लू के कारण होने वाली जलन खत्म हो जाती है। ◆ नकसीर :- लौकी को उबालकर खाने से नकसीर (नाक से खून बहना) में आराम आता है।
: नरसिंहपुर, बैल बग्घी दोड प्रतियोगिता का आयोजन न हो
Fri, Mar 15, 2024
बैल बग्घी दोड प्रतियोगिता का आयोजन न होनरसिंहपुर। करेली जिले में शुरू होने बाली बैल बग्घी दौड़ प्रतियोगिता पर रोक लगाने संबंधित ज्ञापन अध्यक्ष, सचिव भारतीय जंतु कल्याण बोर्ड नई दिल्ली , श्रीमती मेनका गांधी जी पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष पीपुल फॉर एनिमल्स नई दिल्ली , कलेक्टर महोदया नरसिंहपुर ,पुलिस अधीक्षक महोदय नरसिंहपुर को महाशिवरात्रि के अवसर पर एवं इसके बाद जिले में होने वाली विभिन्न स्थानों में होने वाली बैल बग्घी की दौड़ प्रतियोगिता पर प्रतिबंध लगाने संबंधी सौंपा ज्ञापन में भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड से नियुक्त मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि भागीरथ तिवारी , गोबंश प्रेमी रामकुमार विश्वकर्मा, संजय मेहरा,गोविंद चौरसिया, अभय हिंदुस्तानी ,मनजीत छावड़ा ,शालीकराम राजपूत, आदि ने अपने ज्ञापन में कहा कि बर्ष 2000 से नरसिंहपुर जिले में बेल बग्घी दौड़ प्रतियोगिता के आयोजन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री राष्ट्रीय अध्यक्ष पीपल फॉर एनिमल्स श्री मति मेनका संजय गांधी एवं भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के निर्देश पर प्रतिबंध लगाया गया था lपर 23 वर्षों बाद फिर इस प्रतियोगिता पर आयोजन होने की जानकारी प्राप्त हो रही है दिनांक 8 मार्च 2024 को करेली तहसील एवं करेली पुलिस थाना के अंतर्गत रेवा नगर ग्राम पंचायत खेरी महलपुरा के ग्राम रेवा नगर में बैल बग्घी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l बैल बग्घी दौड़ के दौरान के नुकीली हांकनी का उपयोग किया जाता है और प्रतियोगिता स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं किया जाता है l भीषण गर्मी में यह आयोजित किया जाता है पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत दंडनीय अपराध है आप से निवेदन है कि जिले में होने वाले इस प्रतियोगिता को प्रतिबंध करने की कृपा करें l
: बड़ेबाबा की नगरी में सिद्धों की आराधना,सिद्धचक्र महामंडल विधान
Thu, Mar 14, 2024
बड़ेबाबा की नगरी में सिद्धों की आराधना,सिद्धचक्र महामंडल विधानकुंडलपुर दमोह।सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में सागर नगर के श्रेष्ठी डॉक्टर अशोक बमोरिया श्रीमती राजलक्ष्मी बमोरिया परिवार की ओर से कुंडलपुर की पावन धरा पर श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान दिनांक 10 मार्च से 15 मार्च तक संपन्न हो रहा है। बड़े बाबा की छांव तले यह विधान बहुत ही मंगलकारी और रिद्धि सिद्धि दायक है ।उनके सभी रिश्तेदार परिजन इस आयोजन में बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं ।संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य 108 मुनि श्री विराट सागर जी , मुनि श्री विशद सागर जी ससंघ के साथ मुनि श्री पुण्य सागर जी उपाध्याय श्री विरंजनसागर जी ससंघ,आर्यिका मां सृष्टि भूषण जी के सानिध्य में ओजस्वी वाणी के धनी बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया कटंगी ,विधानाचार्य पंडित उदय चंद शास्त्री सागर के सफल निर्देशन में यह विधान संपन्न हो रहा है ।संगीतकार के रूप में कंठ कोकिला अहिंसा जैन सागर पार्टी द्वारा प्रस्तुति दी जा रही है। प्रतिदिन बड़े बाबा के यहां पहुंचकर संध्याकालीन महा आरती भी सम्पन्न हो रही है ।प्रातः काल में प्रतिदिन सिद्धचक्र विधान किया जा रहा हैं। कुंडलपुर कमेटी द्वारा पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है!