: आदर्श आचार संहिता का पालन
Sat, Mar 16, 2024
आदर्श आचार संहिता का पालनयह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान शांतिपूर्वक और सुव्यवस्थित ढंग से हो और मतदाताओं को इस बात की पूरी स्वतंत्रता हो कि वे बिना किसी परेशानी या बाधा के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। इस हेतु निर्वाचन कर्त्तव्य पर लगे अधिकारियों के साथ सहयोग किया जायेगा। मतदान दिवस पर कार्यकर्ता अपने पहचानपत्र अनिवार्य रूप से लगाएंगे। मतदाताओं को दी गई पहचान पर्चियां सादे कागज पर होंगी और उन पर कोई प्रतीक, अभ्यर्थी या दल का नाम नहीं होगा। मतदान समाप्त होने के समय से 48 घंटे पूर्व से शराब की दुकाने बंद रखी जाएंगी। अतः इस अवधि में किसी अभ्यर्थी द्वारा न तो शराब खरीदी जाये और न ही उसे किसी व्यक्ति को पेश या वितरित की जाये। प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा अपने कार्यकर्त्ताओं को भी ऐसा करने से रोका जाना चाहिए। मतदान केन्द्रों के निकट लगाये गये केंम्पों में तथा उनके आसपास अनावश्यक भीड़ इकट्ठी नहीं की जायेगी, जिससे दलों और अभ्यर्थियों के कार्यकर्ताओं के बीच आपस में तनाव न हो। अभ्यर्थियों के कैंप साधारण होंगे उन पर कोई पोस्टर, झण्डे, प्रतीक या कोई अन्य प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जाएगी। कैम्पों में खाद्य पदार्थ वितरित नहीं किये जाएंगे और भीड़ नहीं लगाई जाएगी। मतदान के दिन वाहन चलाने पर लगाये जाने वाले निर्बन्धनों का पालन किया जाएगा और वाहनों के लिए सक्षम अधिकारी से परमिट प्राप्त कर उन्हें ऐसे स्थान पर लगाया जायेगा, जिससे वे साफ-साफ दिखाई देते रहें। मतदाताओं के सिवाय कोई भी व्यक्ति निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गये विधिमान्य पास के बिना मतदान केन्द्रों में प्रवेश नहीं करेगा। विज्ञापनदाता की लिखित अनुमति के बिना प्रिंट/इलेक्ट्रानिक मीडिया में कोई विज्ञापन प्रकाशित/प्रसारित नहीं किया जाएगा। इलेक्ट्रानिक मीडिया में सोशल मीडिया अर्थात फेसबुक/ व्हाटसएप/ट्यूटर आदि सम्मिलित हैं। बिना मीडिया सर्टिफिकेशन के इलेक्ट्रानिक मीडिया में कोई विज्ञापन/ राजनैतिक कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाएगा। प्रिंट मीडिया में किसी भी आपत्तिजनक न्यूज को प्रकाशित नहीं किया जाएगा। सभा/ जुलूस/ लाऊड स्पीकर/ रेली/ वाहन के माध्यम से प्रचार- प्रसार आदि सभी प्रकार के कार्यक्रम संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति लेकर ही किये जायेंगे । आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जायेगा। यदि किसी व्यक्त्ति द्वारा इस आदेश का उल्लंघन किया जावेगा, तो वह भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 188 एवं अन्य युक्तियुक्त अधिनियमों के अंतर्गत दण्ड का भागी होगा। यह आदेश धारा 144(2) दं.प्र.सं. 1973 के अंतर्गत जारी किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। यह आदेश लोकसभा निर्वाचन- 2024 संपन्न होने तक प्रभावशील रहेगा।
: लौकी कितनी सेहतमंद है इसके क्या फायदे हैं आप भी जरूर पढ़ें
Sat, Mar 16, 2024
लौकी के अनमोल फायदे क्या आप जानते हैं? अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो लौकी खाना बिल्कुल पसंद नहीं करते, तो लौकी के यह बेशकीमती फायदे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। इन्हें जानने के बाद आप लौकी खाना जरूर पसंद करें। जरा पढ़कर देखिए, लौकी के अनमोल फायदे – ◆ ताजगी – लौकी को हल्की सब्जियों में गिना जाता है। इसे खाने से पेट में भारीपन नहीं रहता, बल्कि यह शरीर में ताजगी बनाए रखने में सहायक है। प्रतिदिन तरोताजा बने रहने के लिए, नमक या मसाले डालकर लौकी का जूस पीना कारगर उपाय है ◆ वजन कम – लौकी का सबसे बड़ा फायदा है, कि यह आपका वजन बहुत जल्दी कम करने में सहायक होती है। इसलिए इसे उबालकर नमक के साथ खाया जाता है, या फिर इसका जूस पिया जाता है। ◆ पाचन – लौकी पाचन संबंधी समस्याओं का उत्तम इलाज है, साथ ही यह एसिडिटी में भी लाभप्रद है। लौकी को अपने भोजन में शामिल करने से पाचन क्रिया को बेहतर किया जा सकता है। ◆ डाइबिटीज – डाइबिटीज के मरीजों के लिए लौकी का सेवन एक प्रभावकारी उपाय है। डाइबिटीज में खाली पेट लौकी का सेवन करना बेहतर होगा। आप चाहें तो लौकी का जूस पी सकते हैं। ◆ यूरिनरी डिसऑर्डर – यूरिनरी डिऑर्डर अर्थात मूत्र संबंधी समस्याओं में भी लौकी बेहतर कारगर उपाय है। यह शरीर में सोडियम की अधिकता को कम करने में सहायक है, जो यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। ◆ नैचुरल ग्लो – लौकी का प्रतिदिन सेवन करने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है, और वह आकर्षक दिखाई देती है। कई महिलाएं व युवतियां इसके लिए लौकी का प्रयोग करती हैं। ◆ कोलेस्ट्रॉल – लौकी को भोजन में शामिल करने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल बहुत आसानी से धीरे- धीरे कम होने लगता है, जिससे हृदय संबंधी या कोलेस्ट्रॉल से होने वाली अन्य समस्याएं नहीं होती। इसके लिए लौकी का जूस एक आदर्श पेय माना जाता है। ◆ लौकी में भरपूर मात्रा में डायट्री फायबर, विटामिन- ए, विटामिन -सी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन- बी3, बी6, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम और जिंक पाया जाता है, जो आपको स्वस्थ बनाए रखता है। ◆ पैरों के तलुवों की जलन: लौकी को काटकर पैर के तलुवों पर मलने से पैर की गर्मी (जलन) निकल जाती है। ◆ दांत दर्द :- लौकी 75 ग्राम और लहसुन 20 ग्राम दोनों को पीसकर एक किलो पानी में उबालें जब आधा पानी रह जाये तो छानकर कुल्ला करने से दांत दर्द दूर होता है। ◆ पीलिया :- लौकी को धीमी आग में दबाकर भुर्ता-सा बना लें फिर इसका रस निचोड़कर थोड़ा सा मिश्री मिलाकर पीयें यह लीवर की बीमारी और पेट के अन्य रोगों के लिए लाभदायक है। ◆ खांसी :- लौकी की गिरी खाने से कफज-खांसी दूर हो जाती है। ◆ बवासीर (अर्श) :- लौकी या तुरई के पत्तों को पीसकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से खत्म हो जाते हैं।लौकी के छिलके को छाया में सुखाकर पीसकर रख लें और 1 चम्मच प्रतिदिन सुबह-शाम ठण्डे पानी के साथ फंकी लें। इसकी फंकी 7-8 दिन तक लेने से बवासीर में खून का आना बंद हो जाता है। ◆ लू का लगना :- लौकी के टुकड़ों से पैरों के तलुवों पर मालिश करने से लू के कारण होने वाली जलन खत्म हो जाती है। ◆ नकसीर :- लौकी को उबालकर खाने से नकसीर (नाक से खून बहना) में आराम आता है।
: नरसिंहपुर, बैल बग्घी दोड प्रतियोगिता का आयोजन न हो
Fri, Mar 15, 2024
बैल बग्घी दोड प्रतियोगिता का आयोजन न होनरसिंहपुर। करेली जिले में शुरू होने बाली बैल बग्घी दौड़ प्रतियोगिता पर रोक लगाने संबंधित ज्ञापन अध्यक्ष, सचिव भारतीय जंतु कल्याण बोर्ड नई दिल्ली , श्रीमती मेनका गांधी जी पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष पीपुल फॉर एनिमल्स नई दिल्ली , कलेक्टर महोदया नरसिंहपुर ,पुलिस अधीक्षक महोदय नरसिंहपुर को महाशिवरात्रि के अवसर पर एवं इसके बाद जिले में होने वाली विभिन्न स्थानों में होने वाली बैल बग्घी की दौड़ प्रतियोगिता पर प्रतिबंध लगाने संबंधी सौंपा ज्ञापन में भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड से नियुक्त मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि भागीरथ तिवारी , गोबंश प्रेमी रामकुमार विश्वकर्मा, संजय मेहरा,गोविंद चौरसिया, अभय हिंदुस्तानी ,मनजीत छावड़ा ,शालीकराम राजपूत, आदि ने अपने ज्ञापन में कहा कि बर्ष 2000 से नरसिंहपुर जिले में बेल बग्घी दौड़ प्रतियोगिता के आयोजन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री राष्ट्रीय अध्यक्ष पीपल फॉर एनिमल्स श्री मति मेनका संजय गांधी एवं भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के निर्देश पर प्रतिबंध लगाया गया था lपर 23 वर्षों बाद फिर इस प्रतियोगिता पर आयोजन होने की जानकारी प्राप्त हो रही है दिनांक 8 मार्च 2024 को करेली तहसील एवं करेली पुलिस थाना के अंतर्गत रेवा नगर ग्राम पंचायत खेरी महलपुरा के ग्राम रेवा नगर में बैल बग्घी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l बैल बग्घी दौड़ के दौरान के नुकीली हांकनी का उपयोग किया जाता है और प्रतियोगिता स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं किया जाता है l भीषण गर्मी में यह आयोजित किया जाता है पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत दंडनीय अपराध है आप से निवेदन है कि जिले में होने वाले इस प्रतियोगिता को प्रतिबंध करने की कृपा करें l