: विचार नही किया जायेगा
Sun, Nov 13, 2022
भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा संचालित एन.एस.पी. 2022-23 पर छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए समय सीमा में विस्तार किया गया है। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए भारत सरकार द्वारा अधिसूचित अल्पसंख्यक अन्तर्गत मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख, पारसी एवं जैन समुदाये के छात्र-छात्राओं से भारत सरकार की अल्पसंख्यक प्री-मेट्रिक कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिये ऑनलाईन आवेदन आंमत्रित करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर एवं पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत कक्षा-11 एवं कक्षा-12 आई.टी.आई., डिप्लोमा, बी-एड, एमफिल, पीएचडी, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत तकनीकी एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत नवीन एवं नवीनीकरण आवेदनों को ऑनलाईन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर निर्धारित की गई है।
संस्था स्तर पर आवेदक का ऑनलाईन आवेदन पूर्ण रूप से निरीक्षण, परीक्षण करने के उपरान्त ही नियमानुसार पात्र प्री-मेट्रिक विद्यार्थियों के आवेदन ऑनलाईन अपने सत्यापन उपरान्त अग्रिम स्तर के लिये 30 नवम्बर तक फारवर्ड करना सुनिश्चित करें एवं पोस्ट मेट्रिक विद्यार्थियों के आवेदन ऑनलाईन अपने सत्यापन उपरान्त अग्रिम स्तर के लिये 15 दिसम्बर तक फारवर्ड करें। यदि अधूरे आवेदन अग्रेषित किये जाते है तो उनके निरस्त होने की पूर्ण जवाबदारी संस्था की होगी तथा इन प्रकरणों पर पुनः विचार नही किया जायेगा।
: चुनावों में भागीदारी बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग की साइकिल रैली
Wed, Nov 9, 2022
मुख्य चुनाव आयुक्त ने पुणे में मतदाता जागरूकता अभियान के माध्यम से राष्ट्रव्यापी विशेष सारांश संशोधन 2023 का शुभारंभ किया
शहरी क्षेत्रों से मतदाता भागीदारी बढ़ाने की गुंजाइश: मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) श्री राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त (ईसी) श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय ने आज पुणे में मतदाताओं को जागरूक करने वाली विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रव्यापी विशेष सारांश संशोधन (एसएसआर) 2023 का शुभारंभ किया। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त ने दिन का शुभारंभ एक साइकिल रैली में भागीदारी के साथ किया। बालेवाड़ी में श्री शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स महलुंगे से प्रातःकाल शुरू हुई इस साइकिल रैली की थीम 'पेडल फॉर पार्टिसिपेटिव इलेक्शन' थी। रैली को समाज के विभिन्न वर्गों के मतदाताओं ने झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें ट्रांसजेंडर, दिव्यांग, महिलाएं, युवा, फिल्मी हस्ती नागराज मंजुले, ओलिंपियन अंजलि भागवत, मनोज पिंगले, अजीत लकड़ा और ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता सानवी जेठवानी सहित शहर के कई जाने-माने गण्यमान्य व्यक्ति शामिल थे। 200 से अधिक लोगों ने 'नो वोटर टू बी लेफ्ट बिहाइंड' का संदेश फैलाने, समावेशी एवं सुलभ चुनावों के बारे में जागरूकता, मतदाता सूची के लिए पंजीकरण एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्वेच्छा से साइकिल रैली में भाग लिया। शहर के लोकप्रिय क्षेत्रों जैसे बानेर रोड, पुणे यूनिवर्सिटी स्क्वायर, राजभवन, ब्रेमेन स्क्वायर, परिहार स्क्वायर, मेडी-पॉइंट हॉस्पिटल, ज्यूपिटर हॉस्पिटल, गणराज स्क्वायर और प्वाइंट बालेवाड़ी स्टेडियम को शामिल करते हुए 20 किमी के इस मार्ग पर आम जनता ने साइकिल रैली में शामिल लोगों का प्रसन्नता और उत्साह के साथ अभिनंदन किया।पुणे में मतदान के प्रति उदासीनता और युवाओं की कम भागीदारी को देखते हुए, चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए बड़े पैमाने पर युवाओं और समाज को प्रेरित करने और उन्हें जुटाने के लिए यहां मतदाता जागरूकता साइकिल रैली में भाग लिया। देशभर के सभी राज्यों में, विशेष सारांश संशोधन अभ्यास के दौरान जागरूकता फैलाने और सभी हितधारकों की भागीदारी को जुटाने के लिए संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर इस तरह की जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।इस अवसर पर, अपने संबोधन में सीईसी श्री राजीव कुमार ने कहा कि वह शहरी क्षेत्रों के सभी मतदाताओं से अनुरोध करना चाहते हैं कि सभी युवा चुनाव प्रक्रिया में भाग लें, पंजीकरण कराएं और मतदान करें। उनके मतदान से ही लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी तरह से मजबूत और सक्षम बनती हैं। सीईसी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों से मतदाता भागीदारी बढ़ाने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पुणे शहर से एसएसआर 2023 के शुभारंभ का यही एक कारण है। उन्होंने कहा कि हालांकि हर साल सारांश संशोधन होता है, लेकिन चुनाव आयोग इस वर्ष इस पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि मतदाता-मतदान को बढ़ाया जा सके और इसका शुभारंभ पूरे देश में पुणे से शुभारंभ करके किया जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ शहर वास्तव में मतदान में अपना पूर्ण योगदान नहीं करते हैं। सीईसी ने कहा कि उन्हें ऐसे सभी शहरी क्षेत्रों को कवर करना है और इसीलिए जागरूकता जगाने के लिए इस साइकिल रैली का आयोजन किया गया है।सीईसी ने कहा कि देश हर स्थल पर चाहे वे दूर-दराज के राज्य हों, पहाड़ियां हों, तटीय रेखाएं हों, दुर्गम इलाकों हों, रेगिस्तान हों, हर जगह, हर एक नागरिक को मतदाता के रूप में सूचीबद्ध किया जा रहा है और यह मतदाता पंजीकृत होकर न केवल लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं बल्कि अपना मत भी डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में 2.49 लाख से अधिक मतदाता हैं जो 100 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। उन्होंने कहा जब आप उनके साथ बातचीत करते हैं तो देखते हैं कि वे जीवन भर मतदान करते रहे हैं तो यह कितनी राहत और आनंद की बात है। 106 वर्ष के देश के पहले मतदाता श्री श्याम सरन नेगी, जिनका हाल ही में स्वर्गवास हुआ है, को श्रद्धांजलि देते हुए सीईसी ने कहा कि उन्होंने अपनी मृत्यु से तीन दिन पहले डाक मतपत्र के माध्यम से अपना मत डाला था। यही उनकी बलवती भावना का परिचय है।साइकिल रैली के मार्ग में, सीईसी ने कुछ स्थानों पर रुकते हुए चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए लोगों को प्रेरित करते हुए उनसे बातचीत की। कस्तूरबा वसाहट के निवासियों ने उत्साहपूर्वक चुनाव आयोग का स्वागत किया और सीईसी ने सीईओ, महाराष्ट्र से क्षेत्र के सभी पात्र मतदाताओं को नामांकन की सुविधा प्रदान करने के लिए कहा।चुनाव आयुक्त श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि नए वयस्कों के पंजीकरण के लिए विशेष सारांश संशोधन है। उन्होंने कहा कि सभी को मतदाता के रूप में पंजीकरण करना चाहिए और हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदाता जागरूकता के संदेशों को भी फैलाना चाहिए। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत देशपांडे ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को बड़ी संख्या में चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करने हेतु साइकिल रैलियों जैसी अनूठी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर को राज्य की प्रत्येक ग्राम सभा में मतदाता सूचियों की घोषणा की जाएगी। सीईओ महाराष्ट्र राज्य के हर कॉलेज में मतदाता पंजीकरण शिविर आयोजित कर रहा है। पुणे के जिला चुनाव अधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने स्वस्थ और समावेशी मतदाता सूची के लिए एसएसआर 2023 की अवधि के दौरान पुणे शहर में पात्र मतदाताओं को नामांकित करने के लिए सभी सुविधाओं और विशेष शिविरों का आश्वासन दिया।
: पंचायती राज मंत्रालय सचिव ने स्वामित्व योजना पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जारी की
Wed, Nov 9, 2022
श्री सुनील कुमार, सचिव, पंचायती राज मंत्रालय ने 3 नवंबर 2022 को भोपाल, मध्य प्रदेश में आयोजित स्वामित्व योजना और ग्रामीण नियोजन पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान स्वामित्व योजना पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में वे मार्गदर्शक सिद्धांत सम्मिलित किए गए हैं जिन्हें अपनाकर राज्य स्वामित्व योजना के उद्देश्यों को प्राप्त कर सकते हैं।इस विशेषज्ञ समिति का गठन श्री बी. के. अग्रवाल, पूर्व सचिव, भारत सरकार और पूर्व मुख्य सचिव, हिमाचल प्रदेश सरकार की अध्यक्षता में फरवरी 2022 में किया गया था और इसमें भू-गवर्नेंस, बैंकिंग, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, एनआईसी-जीआईएस, राज्य राजस्व और पंचायती राज विभाग, प्रमुख उद्योग और योजना और वास्तुकला संस्थानों के डोमेन विशेषज्ञ शामिल थे।इन सिफारिशों के माध्यम से योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली प्रणालियों को बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने में अधिकारों के रिकॉर्ड को अपनाने को बढ़ावा देने, संपत्ति कर मूल्यांकन से संबंधित कार्य में संबंधित विभागों के बीच तालमेल बिठाने, जिससे संपत्ति कर मूल्यांकन और संग्रह, नए भू-स्थानिक दिशानिर्देशों के अनुसार सरकारी और निजी एजेंसियों द्वारा स्वामित्व डेटा-सेट को व्यापक रूप से अपनाना, आरएडीपीएफआई दिशानिर्देशों को अपनाना और सटीक ग्राम स्तर-योजना के लिए एसवीएएमटीआईवीए डेटा को अपनाना और जीआईएस कौशल के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर क्षमता बढ़ाना आदि की परिकल्पना की गई है।