: फोटो मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में हुई राजनैतिक दलों की बैठक
Mon, May 29, 2023
फोटो मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में हुई राजनैतिक दलों की बैठकनरसिंहपुर। फोटो निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण- 2023 के संबंध में राजनैतिक दलों की बैठक कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर सुश्री बाफना ने फोटो मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की गतिविधियों एवं कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करने की अपेक्षा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से की। बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दीपक कुमार वैद्य ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2023 के विस्तृत कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 25 मई से 23 जून 2023 तक प्रत्येक मतदान केन्द्र में बीएलओ द्वारा डोर- टू- डोर सर्वे किया जायेगा। 24 जून से 24 जुलाई 2023 तक मतदान केन्द्रों का युक्तियुक्तकरण, मतदाता सूची व मतदाता परिचय पत्र की विसंगतियों को दूर किये जाने, मतदाता की धुंधली/ गलत फोटो का सुधार करने, मतदान केन्द्रों के खंड/ भागों की सीमाओं के प्रस्तावित पुनर्गठन को अंतिम रूप देने, कंट्रोल टेबिल अपडेशन आदि के कार्य किये जायेंगे। एक अक्टूबर 2023 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावली के प्रारूप का प्रकाशन किया जायेगा। प्रारूप प्रकाशन पर 31 अगस्त 2023 तक नवीन फार्म-6, 7 एवं 8 प्राप्त करने की कार्यवाही की जायेगी। इसी अवधि के दौरान बीएलओ द्वारा प्रत्येक मतदान केन्द्र पर 12, 13, 19 व 20 अगस्त 2023 को विशेष कैम्प आयोजित किये जायेंगे। इस दौरान मतदाता अपने नाम जोड़ने, काटने व संशोधन संबंधी आवेदन दे सकते हैं। प्राप्त दावे- आपत्तियों के निराकरण के बाद फोटो मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 अक्टूबर 2023 को किया जायेगा। बैठक में सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से जिले के चारों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने- अपने दल की ओर से बूथ लेवल एजेंट- बीएलए नियुक्त किये जाने का आग्रह किया गया, ताकि त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके। बीएलए अपने मतदान केन्द्र के ऐसे मतदाता, जिनका नाम निर्वाचक नामावली में नहीं जुडा़ उनके फार्म- 6, ऐसे मतदाता जो मृत या स्थानांतरित हो गये हैं उनके फार्म- 7 एवं ऐसे मतदाता जिनकी निर्वाचक नामावली में दर्ज प्रविष्टि त्रुटिपूर्ण हैं, उसके सुधार हेतु फार्म- 8 प्राप्त कर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के पास जमा कर सकते हैं। साथ ही आग्रह किया गया कि मतदाता केन्द्रों की सूची का अवलोकन कर, भारत निर्वाचन आयोग के मापदण्डों के अनुसार यदि किसी मतदान केन्द्र में परिवर्तन आवश्यक है, तो इसका प्रस्ताव 9 जून 2023 तक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत करें। बैठक में 5 जनवरी 2023 को अंतिम रूप से प्रकाशित निर्वाचक नामावली के मतदाता एवं 29 मई 2023 की स्थिति में निर्वाचक नामावली मे दर्ज मतदाताओं की जानकारी तथा जिले में पुरूष मतदाता के विरूद्ध महिला मतदाता अनुपात की जानकारी से अवगत कराया गया। सभी प्रतिनिधियों से इस कार्य में सहयोग की अपेक्षा की गई। उनसे आग्रह किया गया कि जिन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र/ मतदान केन्द्रों में महिला मतदाता कम हैं, उनमे अधिक से अधिक महिला मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए प्रयास किये जायें। बैठक में जिलाध्यक्ष इंडियन नेशनल कांग्रेस श्री नरेन्द्र राजपूत, प्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी श्री अमितेन्द्र नारोलिया, जिला प्रभारी बहुजन समाज पार्टी श्री लालसिंह गौतम, प्रतिनिधि आम आदमी पार्टी श्री रामकुमार दुबे व श्री मुरारीलाल श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष अनु.जाति कांग्रेस श्री हरिसिंह अहिरवार व कांग्रेस प्रतिनिधि श्री अजय कुमार दुबे और अधिकारी मौजूद थे।
: प्रधानमंत्री ने नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया
Sun, May 28, 2023
स्मारक सिक्का और टिकट जारी किया
"नई संसद 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब है" "
यह हमारे लोकतंत्र का मंदिर है जो दुनिया को भारत के संकल्प का संदेश देता है" "
जब भारत आगे बढ़ता है, तो दुनिया आगे बढ़ती है"
"यह हमारा सौभाग्य है कि हम पवित्र सेंगोल की गरिमा को पुनर्स्थापित कर सके। सदन की कार्यवाही के दौरान सेंगोल हमें प्रेरित करता रहेगा”
“हमारा लोकतंत्र हमारी प्रेरणा है और हमारा संविधान हमारा संकल्प” “
अमृत काल हमारी विरासत को सहेजते हुए विकास के नए आयामों को गढ़ने का दौर है”
“आज का भारत पीछे छोड़ रहा है गुलामी की मानसिकता और कला के उस प्राचीन गौरव को गले लगाना। यह नया संसद भवन इस प्रयास का जीता-जागता उदाहरण है।
"हम इस इमारत के कण-कण में एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना देखते हैं" "
यह पहली बार है कि नई संसद में श्रमिकों के योगदान को अमर कर दिया गया है" "
इस नए संसद भवन की हर ईंट, हर दीवार, हर कण गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित होगा"
"यह 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है जो नई संसद को प्रतिष्ठित करता है"
प्रधानमंत्री ने पुराने संसद भवन में काम करने में सांसदों को पेश आने वाली कठिनाइयों की ओर इशारा किया और सदन में तकनीकी सुविधाओं की कमी और सीटों की कमी के कारण चुनौतियों का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक नई संसद की आवश्यकता पर दशकों से चर्चा की जा रही थी और यह समय की मांग थी कि एक नई संसद का विकास किया जाए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि नया संसद भवन नवीनतम तकनीक से लैस है और हॉल भी धूप से जगमगा रहे हैं।नई संसद के निर्माण में योगदान देने वाले 'श्रमिकों' के साथ अपनी बातचीत को याद करते हुए, प्रधान मंत्री ने बताया कि संसद के निर्माण के दौरान 60,000 श्रमिकों को रोजगार दिया गया था और उनके योगदान को उजागर करते हुए सदन में एक नई गैलरी लगाई गई है। "यह पहली बार है कि नई संसद में श्रमिकों के योगदान को अमर कर दिया गया है", प्रधान मंत्री ने टिप्पणी की। पिछले 9 वर्षों की बात करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि कोई भी विशेषज्ञ इन 9 वर्षों को पुनर्निर्माण और गरीब कल्याण के वर्षों के रूप में मानेगा। उन्होंने कहा कि नए भवन के गर्व की इस घड़ी में गरीबों के लिए 4 करोड़ घरों के लिए भी उन्हें संतोष का अनुभव हुआ। इसी तरह, प्रधानमंत्री ने 11 करोड़ शौचालय, गांवों को जोड़ने के लिए 4 लाख किमी से अधिक सड़कें, 50 हजार से अधिक अमृत सरोवर और 30 हजार से अधिक नए पंचायत भवन जैसे उपायों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "पंचायत भवन से लेकर संसद तक केवल एक प्रेरणा ने हमारा मार्गदर्शन किया, वह है राष्ट्र और उसके लोगों का विकास।"स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर देश के इतिहास में एक समय आता है जब उस देश की चेतना जागृत होती है। उन्होंने रेखांकित किया कि आजादी से 25 साल पहले गांधी जी के असहयोग आंदोलन के दौरान भारत में ऐसा समय आया था जिसने पूरे देश को एक विश्वास से भर दिया था। गांधी जी ने स्वराज के संकल्प से हर भारतीय को जोड़ा था। यह वह समय था जब हर भारतीय आजादी के लिए लड़ रहा था। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इसका परिणाम 1947 में भारत की आजादी थी। ऐतिहासिक अवधि। उन्होंने कहा कि भारत अगले 25 वर्षों में अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा जो कि 'अमृत काल' है। प्रधानमंत्री ने इन 25 वर्षों में प्रत्येक नागरिक के योगदान से भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। "इतिहास गवाह है कि भारतीयों का विश्वास केवल राष्ट्र तक ही सीमित नहीं है", प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम ने उस समय दुनिया के कई देशों में एक नई चेतना जगाई थी। “जब भारत जैसा देश विविधताओं से भरा, विभिन्न चुनौतियों से निपटने वाली विशाल आबादी वाला देश एक विश्वास के साथ आगे बढ़ता है, तो इससे दुनिया के कई देशों को प्रेरणा मिलती है। आने वाले दिनों में भारत की हर उपलब्धि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग देशों के लिए उपलब्धि बनने जा रही है। प्रधान मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत की जिम्मेदारी बड़ी हो गई है क्योंकि विकसित करने का संकल्प कई अन्य देशों की ताकत बन जाएगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि नया संसद भवन अपनी सफलता में देश के विश्वास को मजबूत करेगा और सभी को एक विकसित भारत की ओर प्रेरित करेगा। “हमें राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। हमें कर्तव्य पथ को सर्वोपरि रखना होगा। हमें अपने आचरण में निरन्तर सुधार करते हुए एक उदाहरण बनना होगा। हमें अपने रास्ते पर चलना होगा”, उन्होंने कहा।प्रधानमंत्री ने कहा कि नई संसद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नई ऊर्जा और ताकत देगी। उन्होंने कहा कि हमारे श्रमजीवीयों ने संसद को इतना भव्य बना दिया है, लेकिन अपने समर्पण से इसे दिव्य बनाने की जिम्मेदारी सांसदों की है। संसद के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है जो संसद को पवित्र करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां लिया गया हर फैसला आने वाली सदियों की शोभा बढ़ाएगा और आने वाली पीढ़ियों को मजबूती देगा। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासी, विकलांगों और समाज के हर वंचित परिवार के सशक्तिकरण का रास्ता वंचितों के विकास को प्राथमिकता देने के साथ-साथ इस संसद से होकर गुजरेगा। "हर ईंट, हर दीवार, इस नए संसद भवन का कण-कण गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित होगा”, श्री मोदी ने कहा। अगले 25 वर्षों में, प्रधान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस नए संसद भवन में बनने वाले नए कानून भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाएंगे, गरीबी को भारत से बाहर निकालने में मदद करेंगे और देश के युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा करेंगे।संबोधन का समापन करते हुए, प्रधान मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संसद का नया भवन एक नए, समृद्ध, मजबूत और विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगा। "यह एक ऐसा भारत है जो नीति, न्याय, सच्चाई, गरिमा और कर्तव्य के मार्ग पर चलता है और मजबूत बनता है", प्रधान मंत्री ने निष्कर्ष निकाला।इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और राज्य सभा के उपाध्यक्ष श्री हरिवंश नारायण सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
: 31 दिसम्बर 2022 तक की सभी अनाधिकृत कॉलोनियाँ वैध होगी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
Tue, May 23, 2023
गरीब रहवासियों से नहीं लिया जायेगा विकास शुल्क
अब अवैध कॉलोनी कटी तो जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी
मुख्यमंत्री ने अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण एवं अनुज्ञा प्रदाय कार्यक्रम में
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 31 दिसंबर 2022 तक निर्मित सभी अनाधिकृत कॉलोनियाँ वैध की जायेंगी। इन कॉलोनियों में विकास के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। अधो-संरचना से जुड़ी सभी व्यवस्थाएँ की जाएंगी। पानी और बिजली के साथ ही अन्य व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जायेंगी। इन कॉलोनियों के गरीब रहवासियों से विकास शुल्क नहीं लिया जायेगा। जो मकान जिस रूप में बने हैं उन्हें उसी रूप में स्वीकार कर अनुमति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि अब अगर अवैध कॉलोनी कटी तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। अधिकारी इस पर पैनी नजर रखें। अवैध कॉलोनी बननी ही नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह घोषणाएँ मुख्यमंत्री निवास में अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण और नागरिक अधो-संरचना विकास एवं भवन अनुज्ञा प्रदाय कार्यक्रम में की। कार्यक्रम कन्या-पूजन के साथ शुरू हुआ।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोगों की जिंदगी आसान बनाना सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके लिए आवश्यक निर्देश नगरीय विकास एवं आवास विभाग को दिए। अब वैध की गई कॉलोनियों के नागरिकों को बैंक ऋण मिल सकेगा। विकास के लिए विधायक एवं सांसद निधि की राशि दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कॉलोनियों में रहवासी संघ भी बनाए जाएँ। कॉलोनियाँ स्वच्छता में पीछे न रहें, इस मंशा के साथ जन अभियान प्रारंभ होना चाहिए। मकान बन जाने के बाद संपूर्ण वातावरण स्वच्छ रखना हमारा कर्त्तव्य है। स्वच्छता और सफाई पर सभी नागरिक ध्यान रखें।
नगरीय निकाय रहवासी संघ को आवश्यक सहयोग करें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों को वैध किया जा रहा है। यहाँ रहवासी संघों को सभी नगरीय निकाय आवश्यक सहयोग करें। कॉलोनियों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपना घर सबसे सुंदर होता है। हर व्यक्ति का सपना होता है कि जीवन में अपना एक मकान जरूर हो। रोटी, कपड़ा और मकान जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है। मकान के बिना जिंदगी नहीं काटी जा सकती। मकान ईंट-गारे का भवन नहीं, एक पवित्र मंदिर होता है। मकान हमारे बच्चों के लिए सपनों का घर होता है। भारतीय संस्कृति में यह माना जाता है कि अपनी संतान के लिए मकान बनाना आवश्यक है। शहरों में निम्न मध्यमवर्गीय परिवार, कामकाज के लिए और बच्चों की पढ़ाई के लिए आने वाले लोग रहते हैं। उनका अपना मकान हो, ऐसी इच्छा होती है। जिंदगी भर की पूँजी मकान में पाई-पाई जोड़ कर लगाई जाती है। कई बार ऐसे भू-खंड ले लेते हैं जो अनाधिकृत होते हैं। उस पर मकान निर्मित हो जाने के बाद उसके अवैध होने की जानकारी मिलती है। यह नागरिकों के साथ न्याय नहीं है। अनाधिकृत होने के कलंक को मिटाना है। अपना आशियाना बनाना अवैध नहीं है। राज्य सरकार ग्रामों में मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना संचालित कर रही है। शहरों में भी वर्षों पुराने पट्टाधारियों को मालिक बनाया जा रहा है। इसी तरह जीवन भर परिश्रम से अपनी अर्जित कमाई लगा कर मकान बनाने वालों को अनाधिकृत नहीं मान सकते। कॉलोनाइजर गड़बड़ न करें, इस पर भी नियंत्रण आवश्यक है।
शहरों में गरीबों को मिलेगा 5 रूपये में भोजन
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि काम-काज के लिए शहर आने वाले गरीबों को दीनदयाल रसोई योजना में 5 रूपये में भोजन उपलब्ध कराया जाये। प्रदेश में कोई व्यक्ति भूखा नहीं सोये। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाये लेकिन इसमें संतुलन रखें। ठेले वालों की रोजी-रोटी पर संकट नहीं आना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कुछ नागरिकों को प्रतीक स्वरूप अनुज्ञा प्रमाण-पत्र प्रदान किए।नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अभी 31 दिसम्बर 2016 तक की 6077 अनाधिकृत कॉलोनियों को वैध करने की कार्यवाही की जा रही है। श्री सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अगर 31 दिसम्बर 2022 तक की अनाधिकृत कॉलोनियों को वैध करने का निर्णय लिया जाये तो अतिरिक्त रूप से 2500 कॉलोनियों के रहवासी लाभांवित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन कॉलोनियों में बने ऐसे मकान जो कंपाउंडिंग की सीमा में आ रहे हैं, उनके नक्शे पास किये जाये। श्री सिंह ने कहा कि गरीब रहवासियों से विकास शुल्क लेने का प्रावधान समाप्त किया जाये तो इससे लाखों गरीब लाभान्वित होंगे। इन कॉलोनियों के नक्शे पास करने के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई जाये, तो सुविधा होगी। श्री सिंह ने कहा कि अब रहवासियों को समस्त भवन अनुज्ञा, अनुमतियाँ एवं बैंक लोन की पात्रता भी मिल सकेगी। नियमित योजनाओं जैसे अमृत योजना, अधो-संरचना मद तथा सांसद एवं विधायक निधि आदि से विकास कार्य हो सकेंगे। पेयजल, सीवर और विद्युत के वैध कनेक्शन दिये जायेंगे।नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्री ओपीएस भदौरिया ने कहा कि आज का कार्यक्रम लगभग 20 लाख परिवारों को रोशनी और सम्मान देने का है। उन्होंने कहा कि जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, उन्हें अब सभी जरूरी सुविधाएँ मिलेगी।प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री नीरज मंडलोई ने कहा है कि 6 हजार 77 पात्र कॉलोनियों का प्रारंभिक प्रकाशन किया जा चुका है। इनमें से 1662 कॉलोनियों के अभिन्यास का प्रारंभिक प्रकाशन, 1336 कॉलोनियों के अभिन्यास का अंतिम प्रकाशन और 1122 कॉलोनियों में भवन अनुज्ञा देने का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। आज 500 भवन अनुज्ञा प्रमाण-पत्र वितरित किये जा रहे हैं। सभी पात्र कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी कर ली जायेगी। सभी जिलों में कार्यक्रम किये गये। मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण नगरीय निकायों में किया गया। नगर पालिक निगम भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय ने आभार माना।कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री सुश्री प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और श्रीमती कृष्णा गौर, नगर निगम के अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, पूर्व महापौर श्री आलोक शर्मा, पार्षद, जन-प्रतिनिधि, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास श्री भरत यादव एवं वैध हुई कॉलोनियों के रहवासी उपस्थित थे।