: बुरहानपुर में 300 करोड़ की टेक्सटाइल परियोजना स्थापित की जाएगी
Wed, Jul 21, 2021
बुरहानपुर टेक्सटाइल लि. ने मध्यप्रदेश सरकार को दिया निवेश प्रस्ताव,उद्योग प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से की मुलाकात
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से बुरहानपुर स्थित कपड़ा निर्माता कम्पनी मेसर्स बुरहानपुर टेक्सटाइल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधियों ने आज मंत्रालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बुरहानपुर मध्यप्रदेश में लगभग 300 करोड़ रूपए के निवेश से टेक्सटाइल परियोजना स्थापित करने का निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री श्री चौहान को सौंपा।
उद्योग प्रतिनिधियों में श्री ओमप्रकाश मित्तल, श्री रवि पोद्दार, श्री वेदांत मित्तल, श्री सुधीर पाटे तथा श्री सुनील मोर शामिल थे। मेसर्स बुरहानपुर टेक्सटाइल लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1956 में हुई थी। कम्पनी की बुरहानपुर में 9 इकाइयाँ कार्यरत हैं। कम्पनी का वित्तीय वर्ष 2020-21 में रूपए 221 करोड़ से अधिक का टर्न ओवर रहा है।
1000
व्यक्तियों को मिलेगा रोजगार
परियोजना के संचालन से लगभग 1000 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इसमें से 200 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार एवं लगभग 800 व्यक्तियों को स्व-रोजगार उपलब्ध होगा।
: भोपाल,उद्योगों के लिए औद्योगिक क्षेत्र की एक-एक इंच भूमि आवंटित होगी
Wed, Jul 21, 2021
नया भूमि आवंटन नियम नव उद्यमियों के अनुकूल - मंत्री श्री सखलेचा,उद्यमियों और अधिकारियों की कार्यशाला में मंत्री सखलेचा
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा है कि नव उद्यमियों की पूंजी का बड़ा भाग तकनीकी और उपकरण खरीदने में लगे न कि जमीन खरीदने में। उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू किए गए औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम का मकसद भी यही है। मंत्री श्री सखलेचा मंगलवार को मंडीदीप में भूमि आवंटन नियम और ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया विषय पर भोपाल और सागर संभाग के उद्यमियों तथा जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन जिला उद्योग केन्द्र भोपाल और उद्योग परिसंघ मंडीदीप द्वारा किया गया था।
मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि उनकी सरकार की मंशा है कि नव उद्यमी अपना एक-एक मिनट उत्पादक गतिविधियों में लगाएं। सरकार उनके लिए मित्रवत पालिसी बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि अब पालिसी पाँच साल में नहीं बनेगी बल्कि उद्योगों की जब भी जरूरत होगी आवश्यक बदलाव किए जाते रहेंगे। मंत्री श्री सखलेचा ने इस दौरान उद्यमियों द्वारा भूमि आवंटन नियमों को लेकर किए गए प्रश्नों का मौके पर ही समाधान किया।
लद्यु उद्यम मंत्री ने कहा कि 5 उद्यमियों के क्लस्टर को भी अब आसानी से जमीन मिल सकेगी और अविकसित जमीन ई-नीलामी से देने की नीति के पीछे सरकार की मंशा है कि एक इंच भी जमीन खाली न रहे और पूरे प्रदेश में उद्योगों का जाल फैल जाए। उन्होंने कहा कि 13 क्लस्टर आधारित इकाईयों पर त्वरित गति से काम चल रहा है और नई नीति से नव उद्यमी बड़ी संख्या में आकर्षित हुए हैं।
मंत्री श्री सखलेचा ने उद्यमियों से अपील की है कि दुनिया में चीनी माल के बाजार में 25 फीसदी से अधिक गिरावट के दृष्टिगत वे अपनी वर्क फोर्स को अच्छा पारिश्रमिक देकर और तकनीकी का उपयोग कर अपनी उत्पादन लागत को कम कर अपने माल को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाएं। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग निगम को छोटी इकाईयों के लिए कच्चे माल और बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रौद्योगिकी विकसित करने वाले 36 लैब को भी उद्योगों को तकनीकी हस्तांतरण के लिए जोड़ा गया है।
श्री सखलेचा ने सब्सिडी पालिसी को उदार बनाने के साथ ही ब्याज दरों को न्यूनतम रखने और औद्योगिक क्षेत्रों के अन्य 4 किलोमीटर की परिधि में कामगारों की बस्ती विकसित करने पर सरकार लगातार काम कर रही है। इससे पहले मंत्री श्री सखलेचा ने एसोसिएशन आफ आल इंडस्ट्रीज परिसर मंडीदीप में कामगारों के लिए बनाए गए आधुनिक फीजियो थैरेपी सेंटर का रिबन काटकर उद्घाटन किया। कार्यक्रम को औद्योगिक परिसंघ के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, श्री मनोज मोदी और एमएसएमई के संयुक्त संचालक श्री संजय पाठक ने भी संबोधित किया।
: नरसिंहपुर,स्वामित्व योजना में 112 गांवों में ड्रोन फ्लॉय का कार्य सम्पन्न
Tue, Jul 13, 2021
नरसिंहपुर।
स्वामित्व योजना केन्द्र शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत आबादी भूमि पर निवासरत व्यक्तियों को भूमिस्वामी हक दिया जाकर अधिकार अभिलेख तैयार किया जाना है।
जिले में कलेक्टर (जिला सर्वेक्षण अधिकारी) के निर्देशन में स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में नरसिंहपुर तहसील में आबादी सर्वे का किया जा रहा है। जिसमें राजस्व विभाग एवं सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी/ कर्मचारी द्वारा ड्रोन के माध्यम से प्रत्येक ग्राम की आबादी भूमि के निवासरत व्यक्तियों का सर्वे किया जाकर उनके अधिकार अभिलेख बनाये जाकर भूमिस्वामी हक प्रदान किया जा रहा है। अभी तक 112 गांवों में ड्रोन फ्लॉय का कार्य सम्पन्न हो चुका है।