मप्र का 71वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया : मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल तथा मंत्री उदय प्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया गया
Aditi News Team
Sun, Nov 1, 2026
मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत हमारी पहचान- मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल
विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण- मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह
हर्षोल्लास और गरिमामय समारोह के साथ मनाया गया 71वां मध्यप्रदेश स्थापना दिवस
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वच्छ ग्राम पंचायत प्रतियोगिता के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों एवं राज्य स्तरीय किसान क्विज के विजेताओं को किया सम्मानित
मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम ग्राउंड नरसिंहपुर में हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और परिवहन तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया गया। इसके पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान हुआ। समारोह में प्रदेश की गौरवशाली विरासत, सांस्कृतिक विविधता और विकास की उपलब्धियों की झलक देखने को मिली।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक एवं प्राकृतिक विरासत के साथ विकास यात्रा पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक शासकीय आयोजन नहीं, बल्कि अपने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और विरासत को जानने तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का अवसर है। हमें अपने प्रदेश के इतिहास के पन्नों को पलटकर यह समझना चाहिए कि किन ऐतिहासिक परिस्थितियों से गुजरकर मध्यप्रदेश आज इस स्वरूप में पहुंचा है। हमारा खानपान, बोली, वेशभूषा और भाषा में उपयोग होने वाले शब्द हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के गठन से पूर्व मध्य प्रांत एवं बरार की प्रशासनिक व्यवस्था तथा नागपुर के राजधानी होने का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी हमारे खानपान और सामाजिक व्यवहार में मराठी संस्कृति का प्रभाव दिखाई देता है।
उन्होंने बालाघाट, नरसिंहपुर एवं जबलपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक, भौगोलिक और प्राकृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बालाघाट वन संपदा एवं कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। वहीं नरसिंहपुर की पहचान मां नर्मदा और उसकी ऐतिहासिक एवं पौराणिक विरासत से जुड़ी है। जबलपुर के आसपास भेड़ाघाट की संगमरमर की चट्टानें, कुंडम क्षेत्र का घुघुआ जीवाश्म उद्यान तथा लमेटा घाट जैसे महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक स्थल मौजूद हैं। नर्मदा घाटी के जीवाश्म और प्राचीन चट्टानें पृथ्वी के करोड़ों वर्ष पुराने इतिहास को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है। यहां से निकलने वाली नदियां नर्मदा, गंगा और गोदावरी सहित विभिन्न नदी बेसिनों का हिस्सा बनती हैं। ताप्ती नदी का उद्गम भी मध्यप्रदेश में होता है। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध वन संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की विशेषताओं को जानना और उन पर गर्व करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि वे अपने आसपास की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के बारे में जानकारी प्राप्त करें और ऐसे आयोजनों में अपने ज्ञान को साझा करने के लिए आगे आएं। उन्होंने चीतों की पुनर्स्थापना को मध्यप्रदेश के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी इस उपलब्धि को गर्व के साथ याद करेगी। उन्होंने बच्चों को तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए करने की सलाह देते हुए कहा कि तकनीक हमारी मददगार बने, कमजोरी नहीं। पुस्तकों के अध्ययन, लेखन और स्वाध्याय की आदत बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने श्रम, अध्ययन और अपनी लोक संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि समय, काल, परिस्थितियों और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप राज्यों की सीमाओं का परिसीमन होता रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत मध्यप्रदेश का गठन हुआ और बाद में प्रदेश के एक हिस्से को अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य बनाया गया। राज्यों के गठन का मूल उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को सुगम बनाना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक संपदा की दृष्टि से प्रदेश सदैव समृद्ध रहा है। वन संरक्षण, पौधारोपण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता के परिणामस्वरूप प्रदेश में जैव विविधता के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में अनेक टाइगर रिजर्व एवं राष्ट्रीय उद्यान हैं। चीतों की पुनर्स्थापना के माध्यम से भी प्रदेश ने देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और आज मध्यप्रदेश को चीता स्टेट के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश विकास के विभिन्न मानकों पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि शासकीय एवं सार्वजनिक आयोजनों में विद्यार्थियों की सहभागिता उनके ज्ञान और व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे अवसरों पर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सुनने, समझने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही प्रदेश और देश का भविष्य हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प रखा है, उसकी सबसे बड़ी ताकत देश के बच्चे और युवा हैं। आने वाले समय में देश के नेतृत्व और विकास की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र और दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और अनुशासन के साथ करे, तो मध्यप्रदेश को आदर्श एवं सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने से कोई नहीं रोक सकता।
समारोह में मुख्य अतिथियों ने लोकतंत्र सेनानियों एवं मीसाबंदियों को शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह को यादगार बना दिया। उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर के विद्यार्थियों ने हमारो प्यारो मध्यप्रदेश, हमारो न्यारो मध्यप्रदेश एवं हम हैं मध्यप्रदेश वाले जैसे गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं सांदीपनि विद्यालय नरसिंहपुर के विद्यार्थियों ने नर्मदा मैया सहित अन्य मनमोहक गीतों पर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कलापथक दल द्वारा भी मध्यप्रदेश का गौरवगान प्रस्तुत किया गया।
दोनों वक्ताओं ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की गौरवशाली विरासत को संरक्षित रखने, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं श्री उदय प्रताप सिंह ने समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया तथा विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी ली।
स्वच्छ ग्राम पंचायत प्रतियोगिता में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में स्वच्छ ग्राम पंचायत प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों एवं स्वच्छता मित्रों को मंत्रीद्वय द्वारा पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सरपंच श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जनपद पंचायत चावरपाठा की ग्राम पंचायत खुलरी की सरपंच श्रीमती सुशीला बाई पटेल को 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत तिंसरा के सरपंच श्री प्रशांत कौरव को 8 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार जनपद पंचायत सांईखेड़ा की ग्राम पंचायत टुईयापानी की सरपंच श्रीमती आराधना सिंह राजपूत को 5 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।
पंचायत सचिव श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जनपद पंचायत नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत पाठा के श्री नीलेश दुबे को 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत मिढ़ली के सचिव श्री विनय श्रीवास्तव को 8 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार जनपद पंचायत चीचली की ग्राम पंचायत रायपुर के सचिव श्री अशोक कौरव को 5 हजार रुपये प्रदान किए गए।
ग्राम रोजगार सहायक श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जनपद पंचायत चीचली की ग्राम पंचायत बटेसरा के श्री अमित शर्मा को 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार जनपद पंचायत नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत मगरधा के श्री चंद्रशेखर को 8 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत ग्वारीकला के श्री रामू गौड़ को 5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
इसी प्रकार स्वच्छता मित्र श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जनपद पंचायत नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत खमतरा के श्री कैलाश पटेल को 5 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत बरमानकला के श्री सुनील को 3 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार जनपद पंचायत सांईखेड़ा की ग्राम पंचायत दहलवाड़ा के श्री शरद जमादार को 2 हजार रुपये की राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वच्छ ग्राम पंचायत प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत बघुवार को ई-रिक्शा, द्वितीय पुरस्कार के रूप में जनपद पंचायत चावरपाठा की ग्राम पंचायत इमलिया बंधा को ई-रिक्शा तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में जनपद पंचायत चावरपाठा की ग्राम पंचायत पड़रिया को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। इसके अलावा जनपद पंचायत गोटेगांव की ग्राम पंचायत गोटेगांवखेड़ा, जनपद पंचायत चीचली की ग्राम पंचायत खैरी हथनापुर, इमलिया पिपरिया एवं सूखाखैरी, जनपद पंचायत चावरपाठा की ग्राम पंचायत रामपुरा, जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत नया खेड़ा तथा जनपद पंचायत नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत चीलाचौनखुर्द को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
स्वामित्व योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारी हुए सम्मानित
राजस्व विभाग के अंतर्गत स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के सात पटवारियों को भी स्थापना दिवस समारोह में पुरस्कृत किया गया। इनमें करेली तहसील की पटवारी श्रीमती पूजा सोनी, नरसिंहपुर तहसील के पटवारी श्री पवन सोनी, गोटेगांव तहसील के पटवारी श्री मदन मोहन श्रीवास्तव, गाडरवारा तहसील के पटवारी श्री योगेश पटेल एवं श्री विपिन, सांईखेड़ा तहसील के पटवारी श्री मनीष अग्रवाल तथा तेंदूखेड़ा तहसील के पटवारी श्री राजकिशोर धुर्वे शामिल हैं।
किसान क्विज के विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटी से किया पुरस्कृत
भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय किसान क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को भी समारोह में आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नरसिंहपुर तहसील के ग्राम धमना निवासी श्री अरविंद कुमार मेहरा को ट्रैक्टर, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले गाडरवारा तहसील के ग्राम लिंगा निवासी श्री मूलचंद साहू को बुलेट तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले गोटेगांव तहसील के ग्राम बासनपानी निवासी श्री नरेंद्रगिरी गोस्वामी को ई-स्कूटी राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदान की गई।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेंद्र ठाकुर, नगर पालिका नरसिंहपुर के अध्यक्ष श्री नीरज दुबे, श्री रामसनेही पाठक, श्री सुनील कोठारी, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, श्री अमितेंद्र नारोलिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, जिला पंचायत सीईओ श्री गजेन्द्र सिंह नागेश विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक अग्निहोत्री ने किया।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
नरसिंहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल
केबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह