: गाडरवारा,तीन महीने में उड़ान – Concepters Classes के छात्रों की ऐतिहासिक सफलता
Wed, May 14, 2025
तीन महीने में उड़ान – Concepters Classes के छात्रों की ऐतिहासिक सफलता
गाडरवारा
। जब समर्पण, सही मार्गदर्शन और मेहनत एक साथ मिलते हैं, तो सफलता की कहानी खुद-ब-खुद लिखी जाती है। यही कहानी रच दी है Concepters Classes के छात्रों ने, जिन्होंने केवल तीन महीनों की तैयारी में अद्भुत सफलता प्राप्त की और अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया।
इस सत्र के टॉप परफॉर्मर्स रहे:
अक्षरा कौरव – 96%
सतीश कुमार – 92%
संजना चौधरी – 89%
खुशबू वर्मा – 88%
कीर्ति वर्मा – 82%
शिवम राजक – 82%
इन छात्रों की सफलता न केवल उनके खुद के आत्मविश्वास की जीत है, बल्कि उनके शिक्षकों और माता-पिता की उम्मीदों का भी सजीव प्रमाण है।संस्थान के निदेशक ने बताया, “हमने जब इन छात्रों को शुरुआत में देखा, तो समय बेहद सीमित था, लेकिन हमने उनकी ताकत पहचानी और हर दिन उन्हें बेहतर बनाया। Concepters Classes सिर्फ पढ़ाई नहीं कराता, हम बच्चों को सोचने, समझने और आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा देते हैं।”संस्था की यह सफलता केवल अंकों में नहीं, बल्कि उस आत्मबल में झलकती है जो इन छात्रों के चेहरों पर साफ दिखता है। तीन महीनों में आया यह परिवर्तन किसी चमत्कार से कम नहीं – और यह चमत्कार संभव हुआ संस्था के कड़े अनुशासन, समयबद्ध शेड्यूल, अनुभवी शिक्षकों और व्यक्तिगत मार्गदर्शन की वजह से।अभिभावकों ने भी भावुक होकर कहा, “हमारे बच्चों ने जितना आत्मविश्वास पाया है, उतना उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं किया था। Concepters Classes ने उन्हें सिर्फ अच्छे अंक नहीं दिलवाए, बल्कि एक नई सोच दी है।”आज Concepters Classes केवल एक कोचिंग नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुका है – बच्चों को कम समय में बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का मिशन।
: सांदीपनि विद्यालय - तकनीक और संस्कारों का अद्भुत संगम
Tue, May 13, 2025
सांदीपनि विद्यालय - तकनीक और संस्कारों का अद्भुत संगम
प्रत्येक वर्ग को शिक्षा के समान अवसर प्राप्त हों, हर बच्चा पढ़े, आगे बढ़े, स्मार्ट शिक्षा पाकर प्रदेश का Smart Future गढ़े; बच्चों के सुंदर भविष्य की मजबूत नींव रखने के संकल्प के साथ आज बरगी हिल्स, जबलपुर में लगभग ₹27 करोड़ 84 लाख की लागत से निर्मित होने जा रहे 'सांदीपनि विद्यालय' का भूमिपूजन किया।हम शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के साथ आगे बढ़ रहे हैं। निश्चित ही यह 'सांदीपनि विद्यालय' नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीक संपन्न एवं मूल्य निष्ठा शिक्षा प्रदान कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगा और 'शिक्षित व विकसित मध्यप्रदेश' के हमारे प्रण की सिद्धी में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
: विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास – एक युग का अंत, एक विरासत की शुरुआत
Tue, May 13, 2025
विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास – एक युग का अंत, एक विरासत की शुरुआत
(आलेख - सुशील शर्मा)
विराट कोहली का नाम आज केवल एक क्रिकेटर भर नहीं, बल्कि एक युग की परिभाषा बन चुका है। उनके टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के साथ ही भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय समाप्त हुआ है। परंतु कोहली की विरासत केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, उनके व्यक्तित्व, क्रिकेटिंग शैली, और अद्वितीय जोश ने भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों के हृदय पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।विराट कोहली का व्यक्तित्व दो छोरों पर एक साथ विचरण करता है—विनम्रता और आक्रामकता। मैदान पर उनका जोश, विरोधी को आँखों में आँखें डालकर जवाब देना और हर रन के लिए मर मिटने की चाह उन्हें विशेष बनाती है। लेकिन वहीं मैदान के बाहर उनका परिवार के प्रति समर्पण, फिटनेस के लिए अनुशासन, और साथी खिलाड़ियों के लिए आदर उनके संतुलित व्यक्तित्व का प्रतीक हैं।उन्होंने भारतीय युवा खिलाड़ियों में "खेल के प्रति सम्मान और आत्मबल के साथ आक्रामकता" की नई परिभाषा गढ़ी। विराट ने कभी हार नहीं मानी, चाहे वह निजी फॉर्म की गिरावट हो या टीम की चुनौती।
क्रिकेटिंग व्यक्तित्व: तकनीक, फिटनेस और नेतृत्व की त्रिवेणी
विराट कोहली की बल्लेबाजी तकनीक आधुनिक युग के सबसे शुद्ध रूपों में से एक है। कवर ड्राइव पर उनकी पकड़, लेग साइड पर फ्लिक और रन चेज़ के दौरान उनकी मानसिक दृढ़ता उन्हें सर्वश्रेष्ठ बनाती है।कोहली ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस को ‘गुणवत्ता’ की पहली कसौटी बनाया। यो-यो टेस्ट को चयन का मानक बनाकर उन्होंने चयन प्रक्रिया में पेशेवर सोच लाई।टेस्ट कप्तान के रूप में विराट कोहली ने आक्रामक क्रिकेट का नया चेहरा प्रस्तुत किया। उन्होंने विदेशी धरती पर जीत को केवल सपना नहीं, लक्ष्य बनाया। उनकी कप्तानी में भारत ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीती—जो उनके नेतृत्व की शिखर उपलब्धि मानी जाती है।पाकिस्तान के खिलाफ 86 गेंदों में 133* रन बनाकर विराट ने भारत को लगभग असंभव लक्ष्य पार करवा दिया। यहीं से उन्हें 'चेज मास्टर' कहा जाने लगा।धोनी की अनुपस्थिति में विराट ने पहला टेस्ट कप्तानी में खेला और दोनों पारियों में शतक लगाया (115 और 141)। भारत भले ही हारा हो, पर नेतृत्व के बीज वहीं अंकुरित हुए।विराट ने 973 रन बनाए, जिसमें 4 शतक शामिल थे—T20 इतिहास में आज तक कोई नज़दीक नहीं आया। यह उनकी बल्लेबाजी क्षमता और मानसिक एकाग्रता का चरम था।2014 की विफलता के बाद विराट ने वापसी करते हुए 593 रन बनाए, जिससे आलोचकों का मुँह बंद हुआ।उन्होंने वनडे में अपना 50वाँ शतक लगाया, सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए, और विश्व क्रिकेट में खुद को 'महानतम' की श्रेणी में स्थापित किया।आंकड़ों में विराट कोहली (2024 के अंत तक)टेस्ट: 123 मैच, 9230 रन, औसत 49.15, शतक 30, उच्चतम स्कोर 254वनडे: 302 मैच, 14,181 रन, औसत 57.98, शतक 51, उच्चतम स्कोर 183T20I: 125 मैच, 4,188 रन, औसत 48.69, शतक 1, उच्चतम स्कोर 122कुल अंतरराष्ट्रीय शतक: 82कुल रन: 27,599+विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट को नई सोच, आत्मविश्वास, और निरंतरता का मार्ग दिखाया। उन्होंने दिखाया कि केवल प्रतिभा नहीं, अनुशासन और मानसिक शक्ति भी महानता की नींव होते हैं। उन्होंने युवाओं को बताया कि “क्रिकेट सिर्फ बैट और बॉल का खेल नहीं, बल्कि यह चरित्र की परीक्षा है।”उनका टेस्ट से संन्यास एक युग की समाप्ति ज़रूर है, लेकिन विराट अब भी सीमित ओवरों में सक्रिय हैं और विश्व कप 2025 की तैयारियों में लगे हैं।विराट कोहली केवल एक महान बल्लेबाज़ नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। उनका संन्यास उन लोगों के लिए संदेश है जो जुनून के साथ अनुशासन को जोड़ने की कला सीखना चाहते हैं। उनका योगदान न केवल क्रिकेट के पन्नों में, बल्कि देश की युवा चेतना में अमर रहेगा।“विराट” अब केवल नाम नहीं, एक प्रेरणा है – हर युवा के लिए जो स्वयं से विराट बनने की आकांक्षा रखता है।✒️
सुशील शर्मा