: जबलपुर,गरुड़ दल ने आज कई खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच कर की कार्यवाही
Thu, May 8, 2025
गरुड़ दल ने आज कई खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच कर की कार्यवाही
कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना के पनीर एवं एनालॉग पनीर पर कार्रवाई करने के निर्देश पर गरुड़ दल पनागर के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा आज बुधवार एवं गुरुवार को लगातार कार्रवाई करते हुए रांझी, कांचघर, समदडिया ग्रीन सिटी, विजयनगर, करोंदानाला, पनागर आदि विभिन्न स्थानों के रेस्टोरेंट, होटल, डेयरियों की जांच की गई। मौके पर पनीर के स्थान पर एनालॉग पनीर होने की जांच आयोडीन किट के माध्यम से मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के केमिस्ट सौरभ गौतम द्वारा मौके पर ही की गई। समस्त व्यवसाईयों को आयोडीन टिंचर से जांच उपरांत ही पनीर क्रय करने के निर्देश दिए। साथ ही एनालॉग पनीर की खाद्य सामग्री निर्माण करने पर उनके मेनू में एनालॉग पनीर उपयोग करने संबंधी लिखित घोषणा करने केनिर्देश उपभोक्ताओं को सुनिश्चित कराने के लिए रेस्टोरेंट, होटल को मेनू कार्ड में उल्लेख करने के निर्देश दिए। रेस्टोरेंट, होटल, डेयरी संचालकों से पनीर की आपूर्ति स्थलों की जानकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा संग्रहित की गई।कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि शहर में एनालॉग पनीर को पनीर के नाम पर विक्रय नहीं किया जावेगा। यदि एनालॉग पनीर का उपयोग किया जा रहा है, तो इसका स्पष्ट डिस्क्लोजर किए जाने की जवाबदेही खाद्य कारोबारकर्ता की होगी अन्यथा की स्थिति में ऐसा करते पाए जाने पर जप्ती एवं विनष्टीकरण की कार्रवाई मौके पर ही दल द्वारा की जावेगी। उक्त कार्रवाई के तारतम में नायब तहसीलदार प्रजीत बांसोड़ के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्थित दीनदयाल चौराहा स्थित शारदा भोजनालय से पनीर, दही, समदड़िया ग्रीन सिटी स्थित नेक्स्ट डोर कैफे से कोल्डड्रिंक्स,रांझी स्थित लक्ष्मी डेयरी से पनीर, नर्मदा डेयरी कांचघर दही व पनीर के नमूने संगीत किया इसके अतिरिक्त एक दर्जन से अधिक संस्थानों में निरीक्षण कर उपयोग किया जा रहे पनीर का प्राथमिक परीक्षण आयोडीन टिंचर की मदद से किया गया। निरीक्षण के दौरान गढ़ा स्थित शिवानी डेयरी के दही में आयोडीन परीक्षण पर नीला रंग आने पर उसका रेगुलेटरी नमूना लिया एवं संस्थान में संग्रहित लगभग 10 किलोग्राम दही को विनष्टीकरण कराया गया।गुरुवार को टीम द्वारा करोदानाला स्थित मदर डेयरी से पनीर दही खोवा के नमूने संग्रहित किये। अस्वास्थ्यकर व अस्वच्छकर परिस्थितियों में दही निर्माण करते पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। परियट स्थित श्री राम डेयरी एवं दुग्ध संकलन केंद्र से सपरेटा दही के नमूने एकत्रित किए। हाईवे स्थित होटल ढाबों पर सस्ता पनीर प्रयुक्त होने की सूचना पर नेशनल हाईवे पनागर स्थित होटल रूद्राक्ष फैमिली रेस्टोरेंट से पनीर, रजवाड़ा फैमिली रेस्टोरेंट से पनीर के नमूने एकत्रित किए। पनीर निर्माण संग्रहण एवं विक्रय में स्वच्छता संबंधी विशेष सावधानी रखने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि लाइसेंस प्रदर्शित न करने, फूड सेफ्टी डिस्पले बोर्ड का प्रदर्शन न होने पर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। सभी नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला जांच हेतु भोपाल भेजा जाएगा। जांच में खाद्य सामग्री के नमूने अमानक पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही कर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नियमानुसार प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
: परमहंस गंगा आश्रम में आदि शंकराचार्य जी की जयंती पर आयोजित हुआ व्याख्यान कार्यक्रम
Thu, May 8, 2025
परमहंस गंगा आश्रम में आदि शंकराचार्य जी की जयंती पर आयोजित हुआ व्याख्यान कार्यक्रम
आदिशंकराचार्य जी का कृतत्व एवं भारतीय सनातन संस्कृति के मूल्य विषय पर मप्र जनअभियान परिषद नरसिंहपुर के तत्वावधान में विकासखंड गोटेगांव के परहमंसी गंगा अआश्रम के संस्कृत विद्यालय झौंतेश्वर के सभागार में व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्मचारी श्री अचलानंद जी व विधायक श्री महेन्द्र नागेश, कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिष पीठ पं. आचार्य श्री रविशंकर शास्त्री, मुख्य वक्ता पं. श्री राजकुमार शास्त्री, श्री कृष्ण कुमार द्विवेदी, श्री अरविंद मिश्रा, श्री ध्रुव द्विवेदी, सोहन तिवारी, समस्त स्टाफ एवं विद्यालय के छात्र विशेष रूप से मौजूद थे।ब्रह्मचारी श्री अचलानंद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जगत गुरू शुकराचार्य जी का चिंतन, विचार और उनके द्वारा प्रतिपादित आध्यात्मिक सिद्धांत न केवल भारतीय युवाअओं को बल्कि विश्व समुदाय के युवकों को समुचित मार्गदर्शन में सहायक सिद्ध होगा। आचार्य श्री रविशंकर शास्त्री ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य जी के अनुसार राष्ट्र निर्माण एवं पारंपरिक जीवन मूल्यों के संरक्षण में प्रत्येक युग में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अज्ञान के अंधकार से हटाकर सम्पूर्ण मानवता को ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित किया, तभी दुनियां के लोग भारतीय संस्कृति, संस्कार, अध्यात्म, धर्म, ज्ञान-विज्ञान और यहां के जीवन- दर्शन को जानने- समझने और उसे आत्मसात करने के लिये प्राचीन काल से उत्सुक और लालायित हैं।मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद श्री राजकुमार शास्त्री ने बताया कि भारत की सांस्कृतिक व सामाजिक एकता के लिये आदि शंकर ने भारत के उत्तर, दक्षिण, पूर्व व पश्चिम दिशाओं में चार केन्द्र "शंकर मठ" के रूप में उनकी स्थापना अध्यात्म, संस्कृति और समाज जागरण पूर्वक राष्ट्रीय एकात्मकता के प्रचार- प्रसार केंद्र के रूप में की है। इनमें सरस्वती, आश्रम और तीर्थ बोधक संन्यासी दण्डपाणि- दण्डधारक- दण्डी संन्यासी होते हैं। इन सभी दशनाम बोधक संन्यासियों को शास्त्र अध्ययन तथा शास्त्रानुशीलन के साथ- साथ आत्म संयम, आत्म चिंतन, इन्द्रिय संयम, पूर्वक सनातन धर्म के शाश्वत सिद्धांत एवं वेदों के प्रचार- प्रसार का "शंकर मठाम्नाय" (महानुशासनम्) में स्पष्ट निर्देश है।कार्यक्रम की प्रस्तावना मप्र जनअभियान गोटेगांव के विकासखंड समन्वयक श्री प्रतीक दुबे ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता डॉ. आशीष ठाकुर एवं आभार परामर्शदाता श्री सोवरन सिंह पटेल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर परामर्शदाता श्री महेश पटेल, श्री छत्रपाल सिंह पटेल, श्री विजय पटेल, नवांकुर संस्था प्रतिनिधि श्री सुनील विश्वकर्मा, श्री भूपेंद्र परिहार, श्री पंकज चौकसे, श्री अभिषेक पटेल, सीएमसीएलडीपी पाठ्यक्रम के विद्यार्थी, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
: गाडरवारा,ओशो लीला आश्रम में तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन
Thu, May 8, 2025
ओशो लीला आश्रम में तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन
गाडरवारा ओशो रजनीश की क्रीड़ास्थली एवं स्थानीय ओशो लीला आश्रम में बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष में तीन दिवसीय ध्यान शिविर आयोजन संध्या सत्संग के साथ स्वामी ध्यान आकाश के सानिध्य में 11 से 13 मई तक आयोजित किया जाएगा । इस दौरान ओशो की अनेकों ध्यान विधिओ का रसपान स्थानीय एवं बाहर से आए हुए ओशो सन्यासी लेंगे । इसके साथ ही 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विशेष ध्यान प्रयोग विपसना किया जावेगा जैसे निर्विचार हो जाना स्वयं की सांसों को साक्षी भाव से अंदर बाहर आते -जाते देखना यह विपसना ध्यान का मूल स्वरूप होता है जो आध्यात्मिक यात्रा को सबल और पुष्ट करता है l उक्त शिविर की जानकारी ओशो लीला आश्रम के संचालक स्वामी राजीव जैन एवं आश्रम के मीडिया प्रभारी स्वामी राजेश नीरस ने दी है ।