: जहां शब्द गौमाता के चरणों में वंदन बन जाएं – वहां पत्रकारिता तप बन जाती है” - स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती
Tue, Apr 8, 2025
: साधु परमात्मा का प्रतिबिंब है- पूज्य राधे बाबा, राष्ट्रीय प्रवक्ता निर्मोही अखाड़ा इस कलिकाल में एक चलता फिरता मंदिर है,गोमाता- जानकी दास जी महाराज,महामंडलेश्वर गुजरात
Tue, Apr 8, 2025
: पलोहा बड़ा,परमात्मा ही सच्चा सहारा हैं- श्री ब्रह्मचारी जी महाराज
Tue, Apr 8, 2025