: बाढ के चलते बहाव में टूट गई सड़क, दर्जन भर गांवों का मार्ग अवरूद्ध
Wed, Aug 7, 2024
जितेंद्र दुबे शाहनगर
बाढ के चलते बहाव में टूट गई सड़क, दर्जन भर गांवों का मार्ग अवरूद्ध
शाहनगर नि प्र । शाहनगर मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर बोरी रोङ मार्ग पर हरदुआ मेमारी से रगौली मार्ग पर निकलने वाले सङक अभी हाल ही मे आई बाढ से क्षतिग्रस्त हो जाने से रगौली भङरा खर्रा , रैगवां परासी करौदी बुधरोंङ,ईमलिया , झिरमिला सहित दर्जनों गांव का मार्ग अवरूद्ध हो गया है। हरदुआ मेमारी बलीराम आदिवासी सुरेन्द आदिवासी रामलाल आदिवासी मुहास आदिवासी सियाराम आदिवासी सहित रगौली गांव के में राजेन्द्र सिंह राम सिंह ने बताया की 3दिन होने को है पर पी ङबल्यु ङी के अधिकारी कर्मचारियों को इसकी भनक तक नही है । मार्ग भी बाधित है किसानों के खेत मे इस समय रोपा लगना है खेती किसानी चालु है रात मे कई लोग इस पुलिया मे गिर भी गये हैं। पर शासन प्रशासन कोई देखने वाला नही है 2 बस भी इस रोङ पर चलती है जो बंन्द हो गयी है ।इनका कहना है ।के के श्री वास्तवउपयंत्री-लोक निर्माण विभाग शाहनगरमामले की जानकारी है। इसका प्राक्कलन शीघ्र ही बनाकर के अतिशीघ्र कार्य शुरू कराया जायेगा। एक सप्ताह के भीतर सुगम रोङ बनाकर तैयार की जायेगी ।
: मृत युवा मजदूर के परिजनो॔ से शाहनगर तहसीलदार कोमल बंधाया ढाढस
Wed, Aug 7, 2024
जितेंद्र दुबे ,शाहनगर
मृत युवा मजदूर के परिजनो॔ से शाहनगर तहसीलदार कोमल बंधाया ढाढस
शाहनगर नि. प्र. बीते रविवार को शाहनगर केन नदी को पार कर अपने गा॔व मंहगवा सरकार जा रहे युवा मजदूर सुखी लाल आदिवासी की पुल के ऊपर से बह रहे पानी के बहाव में मौत हो गयी थी म्रतक मजदूर अपने परिवार का एक मात्र सहारा था इस घटना पर शाहनगर तहसीलदार श्री मति कोमल सिंह राजपूत पीङित परिवार से मिलीं एवं और पीङित परिवार को आर्थिक मदद करने का भरोसा दिलाया और परिवार को गैंहू चावल खाद्यान उप्लब्ध कराया गया एवं शासन की मंशानुसार 4 लाख की राहत राशी नियमानुसार मौके पर हल्का पटवारी सत्य प्रकाश प्रजापति से प्रकरण तैयार कराने के निर्देश दिये साथ ही मंहगवा सरकार सरपंच अनिल चौधरी से स॔बल योजना के अन्तर्गत अंत्येष्टि सहायता मृतक की पत्नी को 5000/- रूपये की प्रदान की गया ।
: गाडरवारा,नवपथ काव्य पुस्तक का हुआ भव्य विमोचन चेतना साहित्य मंच का रहा सराहनीय आयोजन
Tue, Aug 6, 2024
नवपथ काव्य पुस्तक का हुआ भव्य विमोचन
चेतना साहित्य मंच का रहा सराहनीय आयोजन
गाडरवारा । विगत दिनों साहित्यक संस्था चेतना के तत्वाधान में स्थानीय पीजी कालेज के आडीटोरियम में वरिष्ठ साहित्यकार श्रीराम साहू एवं अखिलेश साहू की साझा काव्य कृति ‘‘नवपथ’’ का विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षतामें, पूर्व विधायक श्रीमती साधना स्थापक के मुख्य आतिथ्य , महंत बालकदास जी के सारस्वत आतिथ्य में एवं डा. जवाहर शुक्ला, डॉ अनिल पटैल के विषिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ । सरस्वती वंदना कु प्रज्ञा साहू एवं कु अंशु कौरव ने प्रस्तुत दी। मंचासीन अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण, शाल श्रीफल से किया गया । करतल ध्वनि के बीच पिता-पुत्र की प्रथम संयुक्त कृति नवपथ का विमोचन मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया । इस अवसर पर कृति के सहरचनाकार अखिलेश साहू ने अपने सृजन के बारे में बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएं सामाजिक कुरितियों के खिलाफ होती हैं, जिन्हें वे बुन्देलखंडी लय पर प्रस्तुत करते हैं वहीं पिताजी श्रीराम साहू की कवितायें समाज के हितार्थ होती हैं उन्होने वैवाहिक अभिनंदन पत्र भी सृजित किए हें जो इस संग्रह में हैं । डा. जवाहर शुक्ल ने कविता सृजन को परिभिषित करते हुए कहा कि कविता भावों की अभिव्यक्ति है और सच यह भी है कि कविता जीविकोपार्जन के भावों के साथ नहीं लिखी जा सकती । महंत बालकदास जी ने अपने आशीर्षवचन देते हुए कहा कि हमारा क्षेत्र धार्मिक क्षेत्र है यहां के साहित्यकार भी इससे प्रभावित होते हें यही कारण है कि यहां के साहित्य में धार्मिक पुट रहता है । पूर्व विधायक श्रीमती साधना स्थापक ने कहा कि इस क्षेत्र में साहित्यक गतिविधियां निरंतर होती रहती हैं जिसके कारण नवोदित साहित्यक प्रतिभाएं उभर कर आती हैं । उन्होने साहित्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि नयन शब्द को कई तरह से व्यक्त किया जा सकता है, इस तरह केलन में कुडंल में जैसे पंक्तियां हिन्दी व्याकरण की बहुमूल्य पंकिया बन चुकी हैं । साहित्य में पर्यायाची शब्दों का अपना महत्व होता है यही कारण है कि साहित्य के प्रति आम आदमियों का रूझान बना हुआ है । कार्यक्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि आज समाज संक्रमणकाल के दौर से गुजर रहा है, हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार लुप्त हेते जा रहे हैं ऐसे समय में साहित्यकारों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है । समाज को आज वैचारिक क्रांति की आवश्कता है, जो साहित्य से ही संभव है । हमारे सामने अपनी संस्कृति को बचाने की चुनौती भी है । विमोचन के अवसर पर चेतना सहित अन्य साहित्यक संस्थाओं द्वारा कृतिकार का सम्मान शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर किया । कार्यक्रम का सफल संचालन विजय बेषर्म ने किया और आभार प्रदर्षन अखिलेष साहू ने किया । कार्यक्रम में जिले के एवं अन्य शहरों के साहित्यकार भी सम्मलित हुए ।