: दमोह - जीर्ण-शीर्ण भवन अब नये जैसे (कहानी सच्ची है)
Aditi News Team
Mon, Nov 23, 2020
दमोह/अगर कुछ अच्छा कर गुजरने की चाहत हो तो बहुत कुछ किया जा सकता है। जी हॉ जिले के कई ऐसे उप-स्वास्थ्य केन्द्र थे, जिनके भवन जीर्ण-शीर्ण हो चुके थे। इनके बारे में जिले के मुखिया की जानकारी में आने पर उन्होंने इंजीनियर्स से कहा इन भवनों को सुदृढ़ किया जाये, कार्य योजना बनकर अमल किया गया।
अब जिले के जबेरा तहसील के दूरदराज अंचलों में बसे ग्रामों में से ग्राम साखा, मौसीपुरा, पटना मानगढ़ और कंजई के स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन एक दम नये दिखने लगे है। इनके पुराने चित्रों को देखा जाये तो विश्वास ही नहीं होता कि इन्हें एक दम नया बना दिया गया हो। लगता है, यह नवीन निर्माण है। इन उप-स्वास्य्ल केन्द्रों को आरोग्य केन्द्र के रूप में जाना जाता है।
जिले के ग्राम मौसीपुरा का आरोग्य उप-स्वास्य्य केन्द्र एक दम नया लगता है, यहां बिजली लगी है, इन्वर्टर भी है, साफ पेयजल के लिये आरओ सिस्टम लगा है, मरीजों के बैठने के लिये बरामदे में बेंच भी है। यहां दो कर्मचारियों के रहने की सुविधा भी है। इसी प्रकार पटना मानगढ़ का आरोग्य केन्द्र और ग्राम साखा का आरोग्य केन्द्र तथा हरदुआ मानगढ़ जिसे भी रेनोवेट किया गया है, अंदर जाओ तो लगता ही नहीं की जीर्ण-शीर्ण रहा होगा।
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