: उकासघाट में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
Fri, Feb 3, 2023
उकासघाट में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजनगाडरवारा / म.प्र . राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , जबलपुर के आदेशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष महोदय , श्री एम 0 के 0 शर्मा , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरसिंहपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय सचिव श्री विवेक बुखारिया , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरसिंहपुर के समन्वयन से एवं तहसील विधिक सेवा समिति गाडरवारा की अध्यक्ष माननीय डॉ ० श्रीमति अंजली पारे , द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत उकासघाट , विषय " गरीबी उन्मूलन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के लिये " तहसील गाडरवारा में न्यायाधीश श्री अश्विन परमार , जे ० एम ० एफ ० सी ० गाडरवारा की उपस्थिति में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन तहसील विधिक सेवा समिति गाडरवारा द्वारा किया गया । उक्त विधिक साक्षरता शिविर में श्री अश्विन परमार , जे ० एम ० एफ ० सी ० गाडरवारा द्वारा उपस्थित ग्रामीणजनों को गरीबी उन्मूलन योजना मीडिएशन योजना , पारिवारिक विवाद समाधान केंद्र एवं म 0 प्र 0 शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में एवं भरण पोषण , घरेलू हिंसा , शिक्षा का अधिकार एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण व लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के विधिक प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी । इसके साथ ही पैरालीगल वॉलेंटियर्स श्री रामकृष्ण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता योजना एवं विधिक सहायता एवं सलाह , लीगल एड क्लीनिक की जानकारी से भी जागरूक किया गया । उक्त शिविर में श्री त्रिवेणी रमाकांत मेहरा जनपद सदस्य, श्री हरिओम विश्वकर्मा सरपंच प्रतिनिधि श्री कौशल श्रीवास सचिव , रोजगार सहायक हरीश अहिरवार , आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमति प्रमिला शर्मा की उपस्थिति रही एवं सहयोग प्रदान किया गया ।
: पुरानी पेंशन- सामाजिक सुरक्षा के लिए संजीवनी
Fri, Feb 3, 2023
पुरानी पेंशन- सामाजिक सुरक्षा के लिए संजीवनी। पुरानी पेंशन योजना यानी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत सरकार साल 2004 से पहले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित पेंशन देती थी. यह पेंशन कर्मचारी के रिटायरमेंट के समय उनके वेतन पर आधारित होती थी. इस स्कीम में रिटायर हुए कर्मचारी की मौत के बाद उनके परिजनों को भी पेंशन दी जाती थी. हालांकि, इस स्कीम को 1 अप्रैल 2004 में बंद करके इसे राष्ट्रीय पेंशन योजना (National Pension Scheme) से बदल दिया गया है. अधिकतर सरकारी कर्मी पुरानी पेंशन व्यवस्था को इसलिए बेहतर मानते हैं क्योंकि यह उन्हें अधिक भरोसा उपलब्ध कराती है. जनवरी 2004 में एनपीएस लागू होने से पहले सरकारी कर्मी जब रिटायर होता था तो उसकी अंतिम सैलरी के 50 फीसदी हिस्से के बराबर उसकी पेंशन तय हो जाती थी. ओपीएस में 40 साल की नौकरी हो या 10 साल की, पेंशन की राशि अंतिम सैलरी से तय होती थी यानी यह डेफिनिट बेनिफिट स्कीम थी. इसके विपरीत एनपीएस डेफिनिट कांट्रिब्यूशन स्कीम है यानी कि इसमें पेंशन राशि इस पर निर्भर करती है कि नौकरी कितने साल किया गया है और एन्यूटी राशि कितनी है. एनपीएस के तहत एक निश्चित राशि हर महीने कंट्रीब्यूट की जाती है. रिटायर होने पर कुल रकम का 60 फीसदी एकमुश्त निकाल सकते हैं और शेष 40 फीसदी रकम से बीमा कंपनी का एन्यूटी प्लान खरीदना होता है जिस पर मिलने वाले ब्याज की राशि हर महीने पेंशन के रूप में दी जाती है.पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के समय कर्मचारी के अंतिम वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती है। पुरानी स्कीम में पेंशन कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी और महंगाई के आंकड़ों से तय की जाती है। पुरानी पेंशन स्कीम में कर्मचारियों के वेतन से पैसा नहीं काटा जाता। पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी को दी जाने वाली पेंशन का भुगतान सरकार की ट्रेजरी के माध्यम से होता है। इसके अतिरिक्त इस पेंशन स्कीम में 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी की रकम मिलती है। रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु होने पर पेंशन का पैसा उसके परिजनों को मिलने लगता है। पुरानी पेंशन स्कीम में हर 6 महीने बाद कर्मचारियों को DA डीए दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा जब-जब सरकार वेतन आयोग का गठन करती है, पेंशन भी रिवाइज हो जाती है। पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी की सैलरी से कटौती नहीं होती है। नई और पुरानी पेंशन योजना का कर्मचारियों की पेंशन पर बड़ा अंतर है। इसे ऐसे समझें कि अगर अभी 80 हजार रुपये सैलरी पाने वाला कोई शिक्षक रिटायर होता है तो पुरानी पेंशन योजना के हिसाब से उसे करीब 30 से 40 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। वहीं अगर नई पेंशन योजना के हिसाब से देखें तो उस शिक्षक को बमुश्किल 800 से एक हजार रुपये की ही पेंशन मिलेगी। जहाँ सरकार ये दावा करती है कि पुरानी पेंशन देश पर कर्जे का बोझ डालेगी वहीं कर्मचारी इसे बुढ़ापे की लाठी कह रहे हैं।सुशील शर्मा
: कलेक्टर ने किया आंगनबाड़ी केन्द्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण
Thu, Feb 2, 2023
कलेक्टर ने किया आंगनबाड़ी केन्द्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षणकलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने गुरूवार को ग्रामीण क्षेत्र के भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए चलाये जा रहे अभियान की प्रगति की जानकारी ली और स्वास्थ्य सेवाओं की मैदानी हकीकत जानी।भ्रमण के दौरान रानी पिपरिया में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं में रक्त अल्पता की जाँच की जाए। इसके लिए सर्वे कार्य ठीक से किया जाए। सर्वे उपरांत दो माह बाद पुनः इसकी समीक्षा की जाएगी। समीक्षा में सबसे कम एनीमिया की स्थिति आने पर उक्त क्षेत्र की एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जैसे 5 कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। बीएमओ ने बताया कि यहां 15 से 35 वर्ष की 150 महिलाओं का सर्वे हो चुका है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन 10 से कम हैं, उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी जाये। महिलाओं को समक्ष में आयरन फ़ालिक ऐसिड की गोलियाँ खिलाए।गर्भवती महिलाओं और बच्चों का समय पर टीकाकरण हो। मीजल्स रूबेला का टीकाकरण पूर्ण किया जाये। भ्रमण के दौरान अनुपस्थित पाये जाने पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सचिव की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये।ग्राम खुरपा में कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पैथोलॉजी लैब, दवा वितरण कक्ष और विभिन्न प्रकार की जांच एवं उनकी रिपोर्ट मिलने में लगने वाले समय की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रभारी को सेक्टर स्तरीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में मिलने वाली बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दें। आशा कार्यकर्ता मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करने के पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजें। उन्होंने अस्पताल की चादर प्रतिदिन बदलने और साफ- सफाई रखने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त दवाईयां उपलब्ध रहें और एक्सपायरी दवाईयों को समय पर अलग कर लिया जाये। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को कायाकल्प के लिए चयनित करवाने की तैयारी करें।ग्राम बेलखेड़ी शेढ़ के भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने महिलाओं में एनीमिया की जांच के लिए लिये गये नमूने की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इसकी निर्धारित प्रपत्र में जानकारी अच्छे से संधारित कर समय पर रिपोर्टिंग की जाये। कलेक्टर ने शासकीय सर्वोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भी मुआयना किया। उन्होंने प्राचार्य को निर्देश दिए कि स्कूली छात्राओं को समक्ष में आयरन फ़ॉलिक ऐसिड की गोली खिलाए । भ्रमण के दौरान पटवारी अनुपस्थित पाये जाने पर एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिये।ग्राम सूरवारी में कलेक्टर ने एनीमिया के लिए होने वाली जांच के कार्य को देखा। उन्होंने एनीमिया के माइल्ड, मॉडरेट व सीवियर प्रकरणों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कठौतिया के भ्रमण के दौरान एनीमिया की रोकथाम के लिए आयरन व फोलिक एसिड की गोली देते समय आवश्यक जानकारी देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एनीमिया के मरीजों की काउंसलिंग भी की जाये।