: विकासखंड परियोजना प्रबंधन ईकाई की बैठक संपन्न
Wed, Feb 1, 2023
विकासखंड परियोजना प्रबंधन ईकाई की बैठक संपन्नगाडरवारा। विकासखंड चीचली के जनपद शिक्षा केंद्र में विकासखंड परियोजना प्रबंधन ईकाई की बैठक संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी ए.एस. मसराम ने बार्षिक मूल्यांकन की तैयारी, शालाओं के संचालन, परिसर की स्वच्छता, एम शिक्षा मित्र पर हाजरी ऐप अंतर्गत शिक्षको एवम छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने, अशासकीय विद्यालयों में कक्षा पहली की मैपिंग पूर्ण कराने संबंधी निर्देश दिए। विकासखंड स्रोत समन्वयक डी के पटैल एवम अकादमिक समन्वयक अरुण दुबे द्वारा छात्र-छात्राओं की मैपिंग, प्रोफाइल अपडेशन, पीएम पोषण आहार के अंतर्गत आईवीआरएस के दैनिक एवं मासिक रिपोर्टिंग, एफएलएन प्रशिक्षण, प्राथमिक शालाओ के शिक्षको द्वारा टेबलेट क्रय सम्बन्धित कार्यवाही, राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर प्रश्न पत्र निर्माण तथा अपलोड से संबंधित विभिन्न चर्चा की गई। साक्षरता समन्वयक सत्यम ताम्रकार एवम लेखराम गौतम द्वारा नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत असाक्षरों के पंजीयन, सामाजिक चेतना केंद्रों के संचालन एवम वर्तमान में जारी ऐटग्रेड अभ्यास पुस्तिका पर कार्य एवं एफएलएन आधारित शिक्षण एवम उससे संबंधित अभिलेख संधारण पर चर्चा की गई। इस बैठक में बीएसी अरुण दुबे, एमआईएस कोऑर्डिनेटर दीपक श्रीवास्तव अनूप पालीवाल, सत्यम ताम्रकार, अजय नामदेव, नेतराम कौरव, संजय सोनी, , गोविंद ताम्रकार, प्रकाश वर्मा, लेखराम गौतम, अजेश कुमरे, हरिओम स्थापक देवकरण रजक, कैलाश कहार की सक्रिय उपस्थिति रही।
: खेलो इंडिया यूथ गेम्स का भोपाल में हुआ शुभारंभ
Tue, Jan 31, 2023
सबका दिल जीत लो, ऐसा आयोजन करके दिखा दोः केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुरमाननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश में खेलों को जिस ऊंचाई पर ले जाने का काम किया है, उसका एक उदाहरण आज आपके सामने खेलो इंडिया यूथ गेम्स का यह पाचंवा एडिशन है। 9 शहरों में 13 दिन तक यह आयोजन चलेगा और इसमें 6 हजार खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह कहीं और नहीं मध्य प्रदेश की इस धरती पर होगा। खेलो इंडिया यूथ गेम्स पिछली बार जब हरियाणा में हुआ तो 12 रिकॉर्ड टूटे थे जिसमें से 11 रिकॉर्ड लड़कियों ने तोड़े थे। अब मध्य प्रदेश की धरती पर देखते हैं इस बार कितने रिकॉर्ड टूटते हैं। यह बात केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि एक ओर रिकॉर्ड खिलाड़ी तोड़ेंगे तो दूसरी ओर मैं मध्य प्रदेश वासियों से आग्रह करता हूं कि आप स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में आएं ताकि अगला कोई आयोजन जैसे नैशनल गेम्स या दूसरे आयोजन करने हो तो लगे कि इसका मौका मध्य प्रदेश को मिले। मध्य प्रदेश वासियों से आग्रह है कि सबका दिल जीत लो, आप ऐसा आयोजन करके दिखा दो। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस में जिस तरह मध्य प्रदेश की धरती पर लोगों का स्वागत हुआ वह सराहनीय है। वैसा ही अभिवादन खिलाड़ियों का इस बार भी कीजिए। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल के लिए खेलो इंडिया का बजट बढ़ाकर 3200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। श्री ठाकुर ने कहा कि खेलों का बजट भी बढ़ाकर प्रति वर्ष 2000 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है।श्री ठाकुर ने कहा कि अमूमन जब कोई भी बड़ा टूर्नामेंट होता है उससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों से बातचीत कर उनका मनोबल बढ़ाते हैं। उन्होंने निखत जरीन के योगदान को याद किया। श्री ठाकुर ने कहा है कि इस बार मलखंभ जैसे खेल को भी खेलो इंडिया यूथ गेम्स में शामिल किया गया है। अब यह रीजनल नहीं बल्कि नेशनल गेम हो गया है। जल्द ही यह इंटरनेशनल गेम बनेगा, ऐसा मुझे उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि इन खेलों ने गरीब परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का मौका दिया है। स्थानीय खेल और प्रतिभाएं अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के इस आयोजन में खेल भावना की जीत होनी चाहिए। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्री निशीथ प्रमामिक, मध्य प्रदेश की खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया समेत खेलों से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में उपस्थित थे।13 दिनों तक चलने वाले खेलों के इस महाकुंभ में 27 खेल स्पर्धाओं में देश भर से करीब छह हजार खिलाड़ी करीब तीन सौ स्वर्ण पदक समेत 900 से अधिक पदकों के लिए अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। मध्य प्रदेश के आठ शहर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, मंडला, बालाघाट और महेश्वर और दिल्ली इस यूथ गेम्स के विभिन्न खेल आयोजनों की मेजबानी कर रहे हैं।
: शिक्षा, अनुसंधान केंद्र और उद्योगों में साझेदारी समय की आवश्यकता
Tue, Jan 31, 2023
उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता, प्रसार और मूल्यांकन के प्रति सजग हों- राज्यपाल श्री पटेल
स्टेट लेवल एनालिसिस ऑफ एक्रिडेटेड हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन के प्रतिवेदन का लोकार्पण
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश-प्रदेश की आर्थिक प्रगति को सुनिश्चित करने, सामाजिक एकता और देश के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए अनुसंधान और शिक्षण के बीच तालमेल कर शिक्षा संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और उद्योगों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित किया जाना समय की आवश्यकता है। श्री पटेल आज पीपुल्स विश्वविद्यालय के सभागार में स्टेट लेवल एनालिसिस ऑफ एक्रिडेटेड हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन प्रतिवेदन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नागरिकों एवं समाज की प्रगति और उन्नति काफी हद तक शिक्षा के विकास, विशेषकर उच्च शिक्षा पर निर्भर करती है। आवश्यकता अंतर्राष्ट्रीय मानकों और चुनौतियों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, ज्ञान और नवाचार के साथ ही शिक्षा की उत्कृष्टता, प्रसार और मूल्यांकन के प्रति सजग होने की है। यह समझना ज़रूरी है कि उच्च शिक्षा प्रणाली के विस्तार के लिए हमें शिक्षण पद्धति में अनिवार्यता सुधार करना होगा, तभी संस्थान की प्रासंगिकता और अस्तित्व बना रह सकेगा। इसलिए ज़रूरी है कि उच्च शिक्षा को इस तरह से डिजाइन किया जाए कि वह समाज को जिम्मेदार और सभ्य नागरिक प्रदान करे, जो राज्य और लोगों की सेवा एवं भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से आग्रह किया है कि दर्पण के समान आत्म-निरीक्षण और आत्म-चिंतन के लिए नैक की रिपोर्ट का उपयोग करें। रिपोर्ट में रेखांकित विषयों पर विशेष ध्यान दें। संस्थान की व्यवस्था में सुधार करें। उच्च शिक्षा के वातावरण में मौजूद स्थायी प्रथाओं की पहचान कर, शिक्षा के सभी हितधारकों को सर्वोत्तम शैक्षिक अनुभव प्रदान करना सुनिश्चित करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिदृश्य की कल्पना करते हुए, नैक गुणवत्ता विश्लेषण रिपोर्ट में सुझाए गए संशोधन, पुन: डिजाइन और पुनर्गठन के द्वारा शिक्षार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक अनुभव प्रदान करने की व्यवस्था करें। शिक्षण और सीखने की गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों का बुनियादी ढाँचा भी मज़बूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने आशा की है कि विश्लेषण रिपोर्ट राज्य के मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ाने के उपायों को लागू करने में गति लाएगी। नैक के संचार सह प्रकाशन अधिकारी प्रो. वहीद उल हसन ने राज्य स्तरीय विश्लेषण प्रतिवेदन की जानकारी दी। पुस्तक के लेखक नैक के सलाहकार स्व. गणेश हेगड़े के योगदान का स्मरण किया। विशेषज्ञ डॉ. डी.एन. संसवाल ने बताया कि 7 मानदंडों का विश्लेषण प्रतिवेदन में किया गया है। पीपुल्स विश्वविद्यालय के कुलपति राजेश कपूर ने स्वागत उद्बोधन दिया। नैक के सहायक सलाहकार श्री श्याम सिंह इंदा ने आभार माना। राज्यपाल का कार्यक्रम में पुष्प-गुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री कर्मवीर शर्मा, प्रोचांसलर पीपुल्स विश्वविद्यालय डॉ. मेधा विजयवर्गीय, नैक की सहायक सलाहकार डॉ. विनीता साहू और प्रतिवेदन के सह लेखक स्व. गणेश हेगड़े की पत्नी श्रीमती मुकाम्बी हेगड़े सहित विभिन्न विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापक, प्रबंधक और उच्च शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद थे।