: गाडरवारा,माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा ऑर्थोपेडिक्स स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
Wed, Aug 6, 2025
माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा ऑर्थोपेडिक्स स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
गाडरवारा ।स्थानीय महिला मंडल गाडरवारा द्वारा ऑर्थोपेडिक्स स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में डाक्टर हर्षल हुरकट, संगीत जैन व सजातीय महिलाओं व. पुरुषों ने शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर भगवान महेश की वंदना से किया गया। इंदौर के युवा ऑर्थो एवं घुटना विशेषज्ञ डॉक्टर हर्षल हुरकट ने अपनी सेवाएं देते हुए रोगियों को उचित चिकित्सीय परामर्श और मार्गदर्शन से लाभान्वित किया । सभी रोगी चिकित्सीय परामर्श से प्रभावित हुए ।डॉक्टर संगीत जैन द्वारा चरक पॉलीक्लिनिक में स्वास्थ्य शिविर के लिए समस्त सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई जिसके लिए माहेश्वरी महिला मंडल आभार व्यक्त किया ।उल्लेखनीय है कि माहेश्वरी महिला मंडल समय समय पर सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध कार्यक्रम समय समय पर आयोजित करती रहती है उसी श्रृंखला में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था ।इस अवसर पर महिला मंडल के अलावा माहेश्वरी पुरुष और युवा मंडल के महेश मालपानी अध्यक्ष, नवनीत पलोड, ओम काबरा, अजय काबरा, अशोक मोलासरिया, गिरिराज मालपानी, सुदर्शन पलोड, मधुर मोलासरिया, अनिल मोहता, देवदास, गोकुल काबरा आदि उपस्थित रहे।
: धराली की पुकार
Wed, Aug 6, 2025
धराली की पुकार
( धराली विनाश पर एक कविता - सुशील शर्मा)
चौतीस सेकंडबस इतना सा समय,खीरगंगा का प्रचंड अट्टहासऔर धराली का एक हिस्साधरती पर से मिट गया।बादल,जो बरसने के लिए आते हैं,इस बार टूटकर गिरे,मानो आकाश नेअपना पूरा भारधरती पर फेंक दिया हो। सड़कें चीख उठीं,घर तिनकों की तरहधार में बह गए,हँसते आँगन,बच्चों की किलकारियाँ,एक ही पल मेंमौन हो गईं। कितने लोगबाजार देखने निकले थे,कितनों नेचाय की भाप मेंअपने सपनों को गरम किया होगा।किसी ने बेटी की शादी सोची होगी,किसी ने बेटे की पढ़ाई,किसी ने खेतों मेंअगली फसल का अनुमान लगाया होगा।और फिरबस चौतीस सेकंड,सब मलबे में दब गया। यह मौत का तांडव था,जो अपने रास्ते में आएहर जीवन को निगलता चला गया।किसी की चीखेंपत्थरों में दब गईं,किसी की सांसेंपानी की धार में खो गईं।बचे हुए लोगअब ढूँढ रहे हैंकंधों पर उठाने को अपने प्रियजन,पर हाथ खाली लौट आते हैं। धराली आज रो रही हैन केवल उन मृतकों के लिएजो हमारे बीच नहीं रहे,बल्कि इस निर्मम सवाल के लिए भीकि आखिर क्यों?क्यों बार-बारपहाड़ की छाती चीर दी जाती है?क्यों जंगल काटे जाते हैं,नदियों को बाँधा जाता है,और पहाड़ों परकंक्रीट के बोझ डाले जाते हैं? यह हादसासिर्फ बादल फटने का नहीं,यह हमारी लापरवाहियों का परिणाम है।हम भूल गएकि प्रकृतिसिर्फ संसाधन नहीं,माँ है।और जब उसकी छाती परइतना बोझ डालते हैं,तो वह कभी न कभीआक्रोश बनकर टूट पड़ती है। धराली की आत्माएँहमसे यही कह रही हैंहमारे जाने का शोक मनाओ,पर साथ ही प्रण लो,कि अब प्रकृति कोऔर न सताओगे। हमें चाहिएन सिर्फ राहत दल,बल्कि संवेदनशील नीतियाँ।हमें चाहिएजंगलों की रक्षा,नदियों की स्वच्छता,और पहाड़ों परकंक्रीट नहीं,हरियाली का सहारा।हमें चाहिएसतर्कता की घंटियाँ,मौसम की सटीक चेतावनियाँ,और सबसे बढ़करप्रकृति को माँ मानने कासंस्कार। धराली के मृत आत्माओंहम तुम्हें श्रद्धांजलि देते हैं।तुम्हारा दर्दहमारे कंधों पर रहेगा।तुम्हारी यादहमें बार-बार चेताएगीकि प्रकृति सेखिलवाड़ का मूल्यकितना भारी होता है। तुम्हारी आत्माएँशांति पाएँ,और हमतुम्हारे अधूरे सपनों की कसम खाकरयह वचन देंकि धरती को फिर सेउसकी लय में जीने देंगे। धराली,तेरी चीखेंहमारी आत्मा में गूँजेंगीजब तक हमसचमुच नहीं सीखतेकि प्रकृति सेसंधि किए बिनामानव का भविष्यसंभव नहीं। सुशील शर्मा
: सड़क में गड्ढे या गड्ढे में सड़क, सड़क नहीं बनने पर रहवासियों एवं स्कूल के बच्चों को हो रही परेशान
Wed, Aug 6, 2025
रिपोर्टर शिवजी चोरिया
सड़क में गड्ढे या गड्ढे में सड़क,
सड़क नहीं बनने पर रहवासियों एवं स्कूल के बच्चों को हो रही परेशान
देश-प्रदेश की सरकार ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत रोड बनाए जा रहे हैं लेकिन गुरैया ढाना वार्ड क्रमांक 16 एवं नगर निगम वार्ड क्रमांक 48 गुरैया ढाना से सीएम राइज सांदीपनी स्कूल मुख्य सड़क वर्षों बाद भी नहीं बन पाई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे एवं सड़क पर पानी भरा रहता है इसके चलते ग्रामीण आवागमन में परेशान हो रहे हैं। वर्षाकाल में रहवासी व विद्यार्थियों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। संबंधित विभागों की अनदेखी के चलते ग्रामों को मुख्य सड़क मार्गों से जोड़ने की तमाम योजनाओं का लाभ इस रहवासियों को नहीं मिल पा रहा है। रहवासियों का संपर्क क्षेत्र के आसपास के अन्य स्थानों से भी जुड़ा हुआ है। यहां के रहवासियों को सड़क के नाम पर कोई सुविधा वर्षों बाद भी नहीं मिल पाई है। संबंधित विभागों की उपेक्षा के चलते रहवासी सड़क मार्ग के अभाव में अत्यधिक परेशान होते हैं। पैदल चलने वाले राहगीरों एवं वाहन चालकों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है नगर रहवासियों व राहगीरों ने बताया कि कई बार रहवासियों द्वारा शासन-प्रशासन के समक्ष सड़क निर्माण की बात रखी जा चुकी है परंतु कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संकटकाल में ग्रामीणों को स्वास्थ्य खराब हो रहा है। इस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती है सड़क पर दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों व आम लोगों का आना-जाना लगा रहता है। रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने से लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस रोड से सीएम राइज सांदीपनी स्कूली विद्यार्थी भी निकलते हैं एवं अन्य स्कूल के बच्चे इसी मार्ग से जाते हैं सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण विद्यार्थियों के ड्रेस भी खराब हो जाती है। महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। आश्चर्य बात तो यह है कि तमाम स्थानों पर सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है परंतु गुरैया ढाना से सीएम राइज सांदीपनी स्कूल तक जाने वाली इस सड़क का निर्माण आज तक नहीं किया गया है। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कार्य किया जाए नहीं तो आगामी समय पर आंदोलन एवं चक्का जाम करके उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दिए।