: सालीचौका,नगर में जगह जगह विराजे विध्नहर्ता 40 साल बाद पुनः चौकसे के नवीन निवास में मगंलवार को स्थापित हुये मंगलकर्ता,नगर में जगह जगह विराजे विध्नहर्ता
Aditi News Team
Wed, Sep 20, 2023
नगर में जगह जगह विराजे विध्नहर्ता ,40 साल बाद पुनः चौकसे के नवीन निवास में मगंलवार को स्थापित हुये मंगलकर्ता,
सालीचौका । कभी कभी संयोगवश अदभुत संयोग नसीब वश कभी किसी को मिलता हैं ऐसा ही अजब संयोग पत्रकार अवधेश चौकसे को मिला जबकि उनके 54वें जन्मदिन पर उनके पूर्वजों, अग्रजों के आशीर्वाद से लगभग 40साल बाद मंगलवार को नवनिर्मित भवन में मंगलकर्ता विध्नहर्ता श्री गणेश की पुराने स्थान पर स्थापना करने का मगंल अवसर प्राप्त हुआ।उल्लेखनीय हैं कि जिस स्थान पर श्री गणेशजी की इस वर्ष स्थापना की गई हैं उसी स्थान पर नगर में 35/40 साल पहले आकर्षक श्री गणेशजी की स्थापना और झांकी नगर में चर्चित रहती थी और वर्तमान में भी पुराने लोग गणेशोत्सव मे याद करते हैं हैं इस वर्ष अदभूत संयोग रहा जबकि पत्रकार अवधेश चौकसे के जन्मदिन पर उसी स्थान पर नवनिर्मित भवन में मगंलवार को मगंलकर्ता श्री गणेश चतुर्थी पर स्थापित करने करने का मगंल अवसर मिला हालांकि इसके पहले भी पुराने घर में निरंतर स्थापित होती आई हैं वहीं स्टींग 24 न्यूज़ सीईओ फाउंडर विक्रम सिंह राजपूत के निवास पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। पूरे विधि विधान से मंगलमूर्ति की आराधना की गई, और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच लड्डू मोदक का प्रसाद वितरण किया गया।
आपको बता दें कि,सुबह से ही मंदिरों से लेकर घरों में गणपति बप्पा को विराजित करने का दौर शुरू हो गया था।,हर तरफ श्रद्धा और उत्साह दिख रहा है।विधि-विधान से घर-घर में गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना कर स्थापना की गई। बैसे तो
भक्तों ने छोटी मूर्तियां ही ज्यादा खरीदीं। घरों के साथ ही दुकानों, कार्यालयों, निजी प्रतिष्ठानों आदि स्थानों पर भी भगवान गणेशजी विराजित हुए। शहर में मूर्तियों की दुकान पर पहुंचे भक्त गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए सिद्धि विनायक को अपने साथ ले गए।फूलमालाएं, बंदनवार, झालरें और लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई।
इस दौरान मिठाइयों की प्रमुख दुकानों पर भी भीड़ रही। विशेषकर गणेशजी को प्रिय बूंदी के लड्डुओं मोदक की बिक्री सबसे ज्यादा हुई। कुछ स्थानों पर डीजे साउंड पर नाचते गाते श्रद्धालुओं ने जमकर गुलाल उड़ाया।पंडालों में मूर्तियों की स्थापना के साथ ही आने वाले 10 दिनों तक गणेश महोत्सव की धूम रहेगी।जिसके बाद 11वें दिन बप्पा का विसर्जन बड़े धूमधाम से किया जाता है भगवान गणेश की प्रतिमा को आनंद चतुर्दशी के दिन पूजा अर्चना पूर्णाहुति के साथ मां नर्मदा दुधी पवित्र नदियों के जल में विसर्जित कर दिया जाता है।
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