: गाडरवारा,नर्मदा परिक्रमा पूर्ण होने पर कराया भंडारा
Sun, Feb 20, 2022
गाडरवारा। स्थानीय मंगलसिटी कालोनी में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आदित्य कुमार वैश्य ने 15 दिन की नर्मदा परिक्रमा कार से पूर्ण करने पर सुंदरकांड का आयोजन कर भंडारा कराया। उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साध्वी पुष्पा देवी रामायणी ने शामिल होकर नर्मदा पूजन कराई। पूजन उपरांत लोगो ने प्रसादी गृहण की। इस अवसर पर पुष्पा देवी रामायणी से भी मुलाकात कर लोगो ने आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील को लेकर फ्लैक्स भी लगाया गया था। इस मौके पर आदित्य वैश्य ने बताया की माँ नर्मदा जीवन दायिनी है । नर्मदा मैया का जल प्रदुषण मुक्त रहे इस संकल्प को लेकर हम सभी कार्य करें। इस अवसर पर राव अजेंद्र सिंह, कुंवर शैलेष सिंह , मधुसूदन पटैल सहित कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी एवं आमजन उपस्थित रहे।
: नरसिंहपुर के नलकूप कालोनी में भागवत महापुराण का किया जा रहा भव्य आयोजन
Thu, Feb 17, 2022
नरसिंहपुर। भगवान नरसिंह की पावन धरा नरसिंहपुर के नलकूप कालोनी कचेहरी के पास भागवत महापुराण का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भागवत कथा के कथा व्यास पंडित नरेंद्र महाराज द्वारा भक्तों को रसमई कथा का रसास्वादन कराया जा रहा है। जिसमें भागवत कथा मैं मुक्तानंद संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य महोदय श्री बलराम कृष्ण शास्त्री के द्वारा भगवान कृष्ण की अद्भुत प्रतिमा पर फूल माला अर्पण कर भगवान शेषसाई हरिनारायण का आशीर्वाद लिया । कथा व्यास पंडित नरेंद्र महाराज ने दर्शकों को यह भी बताया कि भक्ति करने के लिए कोई उम्र नहीं होती है बालक ध्रुव ने पांच बर्ष की आयु में ही भगवान को पा लिया था। भागवत कथा में पूजन आचार्य योगेश शास्त्री एवं संगीत आचार्य शानू महाराज एवं पं राजकुमार दुबे की उपस्थिति रही।
: गाडरवारा, "जीवन के यज्ञ कुंड में अपनी प्रसन्नता की आहुति दें"-- दीपिका
Tue, Feb 15, 2022
गाडरवारा। ग्राम कोठिया में जारी श्री राम महायज्ञ के अंतर्गत श्री राम कथा में गत दिवस कथा प्रवक्ता सुश्री दीपिका जी ने कहा की मुस्कान को शास्त्रों में कहीं-कहीं हवन बताया है। हवन में शुभ सामग्रियों की आहुतियां दी जाती हैं और उससे जो धूनी निकलती हैं,उसकी पवित्रता से सारा वातावरण शुद्ध हो जाता है। हंसी को, मुस्कान को हवन इसीलिए कहा गया है कि जीवन के यज्ञकुंड में अपनी प्रसन्नता की आहुति दीजिए और आसपास के वातावरण को पॉजिटिव करिए। क्योंकि संघर्ष के दौर में तनाव, उदासी व चिड़चिड़ापन नुकसान पहुंचाएगा।उन्होंने कहा कि श्रीराम-रावण युद्ध में हनुमान जी के नेतृत्व में वानर रावण का यज्ञ ध्वस्त कर चुके थे। रावण फिर से युद्ध मैदान में पहुंच गया। तब देवताओं ने रामजी से कहा, इस दुष्ट को मार दीजिए। इस दृश्य पर तुलसीदासजी ने लिखा- ‘देव बचन सुनि प्रभु मुसुकाना। उठि रघुबीर सुधारे बाना।।’ देवताओं की बात सुन श्रीराम मुस्कुराए और फिर अपने बाण तैयार किए। एक तरफ युद्ध खड़ा है, हिंसा हो रही है, दूसरी ओर रामजी मुस्कुरा रहे हैं। राम संदेश देना चाहते हैं कि रावण से युद्ध करते हुए मैं किसी प्रकार के तनांव और दबाव में नहीं हूं। बड़े काम, आंतरिक प्रसन्नता के साथ किए जाने चाहिए और मुस्कान उसका झोंका है। उन्होंने कहा की रावण नई-नई शक्लों में इन दिनों हमारे आसपास है। आप कितने ही परेशान हो, प्रसन्नता मत छोड़िएगा। उस प्रसन्नता को प्रेरणा देने के लिए मुस्कान है। हर विपरीत समय में भी मुस्कुराते रहिए..। विदित हों की 16 फरवरी को पूर्णिमा पर भंडारे व पुर्णाहुति के साथ यज्ञ का समापन होगा । यज्ञ में प्रतिदिन अनेक श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे है।