: वर्तमान समय में हनुमान जी की प्रासंगिकता (हनुमान जयंती पर विशेष)
Sat, Apr 12, 2025
वर्तमान समय में हनुमान जी की प्रासंगिकता
(हनुमान जयंती पर विशेष)
आज का युग विज्ञान और तकनीक की अभूतपूर्व प्रगति का समय है, परंतु इसके साथ ही यह युग चिंता, भय, असुरक्षा, भटकाव और मानसिक तनाव का भी युग बन गया है। भौतिक उपलब्धियों की भरमार होने के बावजूद मनुष्य का आंतरिक जीवन शून्य होता जा रहा है। ऐसे में हनुमान जी का चरित्र न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि नैतिक, सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन की दिशा में भी अत्यंत प्रासंगिक बन गया है। हनुमान जी शक्ति और भक्ति के अद्वितीय संगम हैं। उनका जीवन बताता है कि केवल बल से नहीं, बल्कि भक्ति, निष्ठा और सेवा से भी असंभव कार्यों को संभव किया जा सकता है। जब आज का मनुष्य स्वार्थ, अहंकार और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में थक गया है, तब हनुमान जी की निष्काम सेवा भावना उसे आत्मिक शांति की ओर ले जा सकती है। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी अपने बल और सामर्थ्य का घमंड नहीं किया, अपितु उसे राम कार्य में समर्पित किया। यही गुण आज के नेताओं, कर्मियों, और युवाओं में अत्यंत आवश्यक है। हनुमान जी का ब्रह्मचर्य, आत्मसंयम और विचारों की पवित्रता आज के समाज में विशेष आदर्श के रूप में प्रस्तुत होती है। जब युवा पीढ़ी दिशाहीनता और आकर्षणों में उलझी हुई है, तब हनुमान जी की चरित्र-निर्माण की प्रेरणा उन्हें अनुशासन, समर्पण और साधना का मार्ग दिखाती है। वर्तमान समय में “संकटमोचन” के रूप में हनुमान जी की प्रासंगिकता अत्यधिक बढ़ गई है। जब व्यक्ति स्वयं को असहाय महसूस करता है, तब आस्था और श्रद्धा का सहारा ही उसे शक्ति प्रदान करता है। “हनुमान चालीसा” का पाठ मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा देता है। कोरोना महामारी के समय यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि लोगों ने भय और अनिश्चितता से निपटने के लिए आध्यात्मिक आश्रय को अपनाया, और हनुमान जी का नाम एक बल के रूप में उभरा। हनुमान जी का चरित्र सामाजिक समरसता और सहयोग का संदेश भी देता है। वे केवल राम के सेवक ही नहीं, बल्कि समस्त मानवता के रक्षक हैं। उनकी विनम्रता, साहस और सेवा भावना हमें बताती है कि किसी भी संगठन या समाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए नेतृत्व से अधिक सेवा और समर्पण आवश्यक है। आज जब हमारा समाज धार्मिक उग्रता, मानसिक विभाजन और मूल्यहीनता की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब हनुमान जी जैसे आदर्श चरित्रों की ओर लौटना समय की आवश्यकता है। वे हमें यह सिखाते हैं कि धर्म केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सदाचार, कर्तव्य और सेवा का नाम है। इस प्रकार हनुमान जी न केवल अतीत की एक पौराणिक विभूति हैं, बल्कि वे वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा, मार्गदर्शन और आश्रय के स्तंभ हैं। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर हम व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से एक सशक्त, संतुलित और समर्पित जीवन जी सकते हैं।सुशील शर्मा
: जय राम वीर(हनुमत वंदना) (मधुभार छंद- सुशील शर्मा)
Sat, Apr 12, 2025
जय राम वीर(हनुमत वंदना)(मधुभार छंद- सुशील शर्मा) जय राम वीर ,हनुमत प्रवीर।रण रंग धीर ,सब हरो पीर। जय रूद्र अंश ,जय पवन वंश।जय शत्रु दंश ,रघुवर प्रसंश। जय राम दूत ,अक्षय प्रसूत।जय रौद्र रूप ,हनुमत अनूप। जय सीय त्राण ,जय राम वाण।जय राम प्राण ,आगम पुराण। जय मुक्ति चित्र ,जय भक्त मित्र।संयम चरित्र ,हे विधि विचित्र। हे सुख सुवास ,श्री राम वास।शुभ भक्ति रास ,हे राम दास। हे सौम्य शील ,साधु सुशील।हे दुष्ट कील ,वाणी रसील। हे सूर्य शिष्य ,पावन भविष्य।हे भजन तिष्य ,राघव रुचिष्य। हे अप्रमेय ,हे सारमेय।अनुपम अगेय ,हनुमत अजेय। हे ज्ञान अग्र ,हे राम व्यग्र।हे सत प्रत्यग्र,स्वस्ति समग्र। हे गुण निधान ,रघुवर प्रधान।सब दुख निदान ,प्रभु राम मान। हे धीर बुद्धि ,हे अष्ट सिद्धि।हे ज्ञान वृद्धि ,पावन प्रसिद्धि। हे मोक्ष द्वार ,हे राम सार।मुक्ति प्रसार ,हे जीव तार। हे करुणा निकुंज ,हरो पाप पुञ्ज।भय ताप भंज ,जय सुख प्रपुंज। राम भक्ति सुखदायनी ,हरे पाप का भार।हनुमत की जब हो कृपा ,मनुज करे भव पार। *श्री हनुमंत लाल के अवतरण दिवस पर आप को अनंत मंगलकामनाएं,श्री हनुमंत लाल आप के सभी शुभ संकल्प पूरे करें।*सुशील शर्मा
: संत और विप्रो का किया सम्मान
Sat, Apr 12, 2025
संत और विप्रो का किया सम्मान
पलोहा बड़ा। स्वयं सिद्ध दक्षिण मुखी हनुमान मन्दिर के पुजारी गृहस्थ संत पंडित नरेश ने श्री राम गौशाला में जारी श्री राम महायज्ञ में संतो और विप्रो का एक साथ सम्मान का आयोजन कर शाल श्री फल और स्मृति चिन्ह भेँट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में संत के रूप में कंप्यूटर बाबा सहित सभी संत और ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ जनों की उपस्थिति रही।
मंत्री ने भी यज्ञ में शामिल हो कर पूजन किया
प्रदेश के शिक्षा एवं परि वहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने यज्ञ में शामिल होकर पूजन किया। उनके साथ पूर्व भाजपा अध्यक्ष पंडित अभिलाष मिश्रा, राजीव ठाकुर, अशोक भार्गव, हरिगोविंद सिंह मुकेश पटेल,सहित भाजपा कार्य कर्ता उपस्थित रहे।
हनुमान जी मनाया जन्मोत्सव-
आज भक्तो ने संकट मोचन श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े धूम धाम से मनाया। प्रातः बेला में शोभायात्रा निकाल कर ग्राम के सभी हनुमान मन्दिरों में पूजन,चालीसा पाठ, सुंदरकांड पाठ,चोलावंदन किया। पूजन उपरांत प्रसादी का वितरण हुआ।भंडारा आज- यज्ञ की पूर्णाहुति पर आज श्री सीताराम गौशाला में कन्या भोज , भंडारा और प्रसादी वितरण किया जा रहा है। जिसमे आयोजन समिति ने सभी से शामिल होने का अनुरोध किया हैं।