: गाड़रवारा ,स्वर्णकार समाज के आराध्य महाराज अजमीढ़ जी की जयंती पर उनका इतिहास
Sun, Oct 9, 2022
श्री अजमीढ़ जी महाराज का इतिहासकिसी भी जाति के इतिहास में झांकने पर प्रकाश-पुंज की भांति जो महामानव दृष्टिगोचर होते है वे ही उस जाति के लिए संबल और प्रेरणा स्त्रोत हुआ करते है। जिन्हें वह जाति अपने पितृ-पुरुष के रुप में मानती है। इसी तरह मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज श्री महाराजा अजमीढ़जी को अपना पितृ-पुरुष (आदि पुरुष) मानती है। वैसे ऐतिहासिक जानकारी जो विभिन्न रुपों में विभिन्न जगहों पर उपलब्ध हुई है उसके आधार पर हम मैढ़ क्षत्रिय अपनी वंशबेल को भगवान विष्णु से जुड़ा हुआ पाते हैं। कहा गया है कि भगवान विष्णु के नाभि-कमल से ब्रह्माजी की उत्पत्ति हुई। ब्रह्माजी से अत्री और अत्रीजी की शुभ दृष्टि से चंद्र-सोम हुए। चंद्रवंश की 28वीं पीढ़ी में अजमीढ़जी पैदा हुए। महाराजा अजमीढ़जी का जन्म त्रेतायुग के अन्त में हुआ था। मर्यादा पुरुषोत्तम के समकालीन ही नहीं अपितु उनके परम मित्र भी थे। उनके दादा महाराजा श्रीहस्ति थे जिन्होंने प्रसिद्ध हस्तिनापुर बसाया था। महाराजा हस्ति के पुत्र विकुंठन एवं दशाह राजकुमारी महारानी सुदेवा के गर्भ से महाराजा अजमीढ़जी का जन्म हुआ। इनके अनेक भाईयों में से पुरुमीढ़ और द्विमीढ़ विशेष प्रसिद्ध हुए। द्विमीढ़जी के वंश में मर्णान, कृतिमान, सत्य और धृति आदि प्रसिद्ध राजा हुए। पुरुमीढ़जी के कोई संतान नहीं हुई। महाराज अजमीढ़ की दो रानियां थी सुमित और नलिनी। इनके चार पुत्र हुए बृहदिषु, ॠष, प्रियमेव और नील । इस प्रकार महाराजा अजमीढ़जी का वंश वृद्धिगत होता गया, अलग-अलग पुत्रों-पौत्र,प्रपोत्रों के नाम से गोत्र उपगोत्र चलते गये। हस्तिनापुर के अतिरिक्त अभी के अजमेर के आसपास का क्षेत्र मैढ़ावर्त के नाम से महाराजा अजमीढ़जी ने राज्य के रुप में स्थापित क्या और वहां और कल्याणकारी कार्य किये।
: कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी की बैठक संपन्न
Sun, Oct 9, 2022
कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी की बैठक संपन्नकुंडलपुर । सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ क्षेत्र कुंडलपुर में प्रबंध कारिणी कमेटी एवं स्थाई आमंत्रित समिति की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष चंद्रकुमार जैन सराफ ने की ।मंगलाचरण की प्रस्तुति बड़े बाबा मंदिर निर्माण प्रभारी रीतेश मोनू गांगरा द्वारा की गई। मंत्री नेम कुमार सराफ ने पिछली बैठक की जानकारी प्रस्तुत की ।महामंत्री रूपचंद जैन संगम ने विषय सूची अनुसार बिंदुवार प्रस्तावों को रखा एवं कुंडलपुर में सुचारू व्यवस्था हेतु 27 समितियों के संयोजकों की घोषणा की। बड़े बाबा मंदिर निर्माण कमेटी के वीरेश सेठ ने बताया कि अंतरिक्ष पारसनाथ तीर्थ क्षेत्र शिरपुर महाराष्ट्र पहुंचे कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष चंद्र कुमार सराफ, वीरेश सेठ ,रीतेश मोनू गांगरा,अनिल मम्मा जिन्होंने आचार्य श्री को मंदिर निर्माण की विस्तृत जानकारी दी एवं पूज्य आचार्य श्री का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आयोजन मंत्री मनीष मलैया एवं प्रचार मंत्री जयकुमार जलज ने 9 अक्टूबर को आचार्य श्री के अवतरण दिवस पर कुंडलपुर में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। विषय सूची के अलावा भी अध्यक्ष की अनुमति से सदस्यों ने क्षेत्र व्यवस्था अंतर्गत अपने सुझाव प्रस्तुत किए ।मंत्री ललित सराफ ने आभार व्यक्त किया ।इस अवसर पर कमेटी के अधिकांश पदाधिकारी सदस्यों सर्वश्री देवेंद्र सेठ ,अशोक सराफ, नेमचंद बजाज, पदमचंद खली वाले, गिरीश नायक, राजेंद्र भेड़ा वाले, मनोज मीनू ,रमेश गोयल ,संजय कुबेर, यूसी जैन, प्रभात सेठ, मुकेश जैन ठेकेदार, राजेश चौधरी, अखिलेश फट्टा ,अभिषेक आर आई ,पुरुषोत्तम जैन, नरेंद्र बजाज पत्रकार ,जयकुमार गुड्डा घटेरा, विवेक नायक, गिरीश इटोरिया, प्रवीण सिंघई, नीलेश चौधरी, सुधीर बजाज ,आदर्श जैन ,विपुल जैन एडवोकेट, अजय जैन ,नरेश जैन, राजेंद्र जैन, आशीष जैन, जयकुमार सातपुर आदि की उपस्थिति रही।
: गाडरवारा, न्याय पेंशन यात्रा के लिए अध्यापक भोपाल रवाना
Sun, Oct 9, 2022
पेंशन यात्रा के लिए अध्यापक भोपाल रवानागाडरवारा। राज्य अध्यापक संघ के बैनर तले अध्यापकों का जत्था गाडरवारा से भोपाल के लिए रवाना हुआ है भोपाल मे अम्वेकर पार्क मे यह कार्यक्रम रखा गया है जिसको प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने उज्जैन से प्रारंभ किया है जगदीश यादव प्रदेश के सभी जिलों में पहुंच कर पेंशन के लिए सभी अध्यापकों से भोपाल में जुटने का आग्रह किया था इसी के तहत जिसमें सैकड़ों की संख्या में गाडरवारा से महिला एवं पुरुष अध्यापक भोपाल के लिए न्याय पेंशन यात्रा में गए हुए हैं साथ ही बसों के द्वारा भी सैकड़ों अध्यापक भोपाल पहुंच रहे हैं अध्यापकों की प्रमुख मांगों में सर्वप्रथम पेंशन, वरिष्टता, पदोन्नति,अनुकंपा ,गुरुजियो की वरिष्टता एवं 2006 के बाद के अध्यापकों को क्रमोन्नति की मांग प्रमुख है प्रमुख रूप से अध्यापक नागेन्द्र त्रिपाठी ,वेणीशंकर पटेल ,मलखान सिंह मेहरा ,सुरेंद्र पटेल , कोमल पटैल, सियाराम पटैल, मनीष तिवारी , शैलेंद्र यादव, आशीष कुमार अनुराग दुबे सुवोध झारिया ,लक्ष्मीकांत कोरव, योगेन्द्र झारिया ,महेश वैरागी , दीपक गुप्ता ,अखलेश सोनी ,रामेश्वर कहार,सुमित यादव ,वीरेन्द्र राजपूत आदि सैकडो अध्यापक पुहुच रहे है |