: सोसायटी सेल्समेन के प्रयास से लोगों में दिखी जागरूकता
Thu, May 6, 2021
साईंखेड़ा। साईंखेड़ा की सोसाइटी में तीन माह का निशुल्क राशन दिया जा रहा है जिसमें साईंखेड़ा नगर परिषद की सोसायटी के सेल्समैन के प्रयासों से लोगो मैं जागरूकता दिख रही हैं । सभी लोग शासन प्रशासन द्वारा दी गई गाइडलाइन का पालन करते दिखाई दे रहे हैं । कहीं कही की सोसाइटी में तो नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं , लोगो मैं अफरा तफरी लंबी भीड़ लगी हुई है लेकिन साईखेड़ा की सोसाइटी में लोगों में जागरूकता दिख रही है। सोशल डिस्टेंश 2 गज दूरी माक्स जरूरी का पालन करते दिखाई दे रहे हैं ,वही साईंखेड़ा सोसायटी के सेल्समैन साकेत लमानिया द्वारा लगातार लोगों को समझाइश दी जा रही है कि शासन प्रशासन की गाइडलाइन का सभी लोग पालन करें एबं सभी लोगो से सेल्समैन द्वारा अपील की गई हैं कि सभी लोग मार्क्स लगाकर ही राशन लेने आए ।
: गाडरवारा,मजदूर दिवस पर मजदूरों को दी कोविड-19 के बचाव के संबंध में जानकारी
Sat, May 1, 2021
गाडरवारा / जिला न्यायालय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरसिंहपुर श्रीमती आशा गोधा के आदेश अनुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजय गुप्ता जी के द्वारा मजदूर दिवस के उपलक्ष में आधुनिक तकनीकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चीचली जनपद के सोसाइटी खरीदी केंद्र सीरेेगांव में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया न्यायधीश महोदय द्वारा मजदूरों को आयुष्मान कार्ड मनरेगा जॉब कार्ड बनवाने की जानकारी दी एवं
कोविड-19 के बचाव के संबंध में मजदूरों को जागरूक करते हुए मॉस्क सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने कोविड-19 के लक्षण आने पर तुरंत जांच करा डॉक्टरी सलाह लेने की जानकारी दी गई उक्त शिविर में पीएलवी रामकृष्ण राजपूत द्वारा सहयोग प्रदान किया एवं कोविड-19 के बचाव के संबंध में मजदूरों को जानकारी दी गई।
: <em>नरसिंहपुर,राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए द</em>िए 30 लाख रुपये
Fri, Apr 30, 2021
नरसिंहपुर। राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने जिले में सरकारी अस्पतालों/कोविड केयर वार्डों में पैरामेडिकल स्टॉफ की आवश्यक्ता की पूर्ति के लिए 30 लाख रुपये की राशि सांसद निधि से दी है। इस बारे में कलेक्टर आवश्यक निर्णय लेंगे।
सांसद श्री सोनी ने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए पैरामेडिकल स्टॉफ की जरूरत को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। आवश्यक्ता अनुसार और राशि भी स्वीकृत की जाएगी। उन्होंने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में मानव संसाधन की नितांत आवश्यक्ता को देखते हुए यह फैसला किया गया है।उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में मानवीय संवेदनाएं बहुत मददगार साबित होती हैं।