: टीएल की बैठक में संभागायुक्त ने दिये निर्देश
Sun, Nov 22, 2020
सागर संभाग आयुक्त मुकेश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता एवं कलेक्टर आशीश भार्गव की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष निवाड़ी में शुक्रवार को टीएल की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में संभागायुक्त श्री शुक्ला ने निवाड़ी जिले में विभिन्न विभागों में चल रही शासन की योजनाओं/कार्यक्रमों की समीक्षा की एवं लक्ष्य पूर्ति हेतु आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में कृषि, महिला एवं बाल विकास, कोविड-19, गरीब कल्याण रोजगार अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना, प्रधानमंत्री कौषल विकास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) सहित संबंधित विभागों की समीक्षा की गई।
संभागायुक्त श्री शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं की जो सूची है उसमें किसान को समय से उवर्रक का वितरण, पीएम किसान सम्मान निधि, सीएम किसान सम्मान निधि, राषन हेतु पात्रता पर्ची जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर अधिकारी विशेष ध्यान दें। उन्होंने जिले में आबकारी विभाग को सचेत किया कि उनके कार्य क्षेत्र में कोई दुर्घटना नहीं हो। सतकर्ता से काम लेंगे लोक संपत्ति प्रबंधन की समस्त जानकारी शासन के निर्देशानुसार पोर्टल पर डालना सुनिष्चित करें। इसके पहले उनके द्वारा समस्त विभागों की अलग-अलग समीक्षा की गई जिसमें उद्योग विभाग की समीक्षा करते समय उन्होंने स्थानीय निवेषकों, युवाओं बेरोजगारों को प्राथमिकता से उद्योग की गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश जारी किये।
संभागायुक्त श्री शुक्ला ने कहा कि जिले में ही एंटरप्रेन्योर तैयार करें। स्थानीय लोगों को रोजगार तो देना ही है किंतु उद्योग में निवेष में भी उन्हें प्राथमिकता से आगे आने का मौका दें। परियोजना अधिकारी डूडा मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंचायत को सेल्फ हेल्प गु्रप के माध्यम से आजीविका के नये आयाम की तरफ अग्रसर होने का संदेश दिया। उन्होंने यूरिया डीएपी की समीक्षा करते हुये कहा कि जिले में मांग किये जाने पर एक रैक यूरिया और एक रैक डीएपी की मांग शासन स्तर से की। साथ ही उन्होंने आष्वस्त किया कि अति शीघ्र जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध रहेगा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में यूरिया डीएपी की कालाबाजारी बर्दाष्त नहीं की जायेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसके मालवीय, एसडीएम निवाड़ी वंदना राजपूत, पृथ्वीपुर तरूण जैन, डिप्टी कलेक्टर मेघा तिवारी, उप संचालक कृषि एसके श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग बृजेष त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
: Jabalpur चुप्पी तोड़ो, बाल यौन शोषण रोको विषय पर वेबिनार संपन्न
Fri, Nov 20, 2020
म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं वर्ल्ड विजन इंडिया जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में आज शुक्रवार को यूनाईटेड नेशन्स कान्वेंसन आन द राइट्स ऑफ द चाइल्ड डे एवं वर्ल्ड डे फॉर द प्रेवेंशन ऑफ चाइल्ड एब्यूज ‘‘चुप्पी तोडो, बाल यौन शोषण रोको’’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें अतिथि वक्ता के रूप में गिरिबाला सिंह, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सहभागिता की गई।
इस कार्यक्रम में बाल श्रम, नालसा बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाऐं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाऐं योजना 2015, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 12, किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा चाईल्ड पोर्नोग्राफी आदि विषय पर वक्तव्य दिया गया।
सदस्य सचिव द्वारा बच्चों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया कि बच्चे देश का भविष्य है, उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त रहते हुए आगे बढे। साथ ही किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता हेतु निकटतम विधिक सेवा प्राधिकरण में संपर्क करने हेतु कहा एवं निःशुल्क हेल्पलाईन नंबर 15100 के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।
: खंडवा जमीन कब्जे की कार्यवाही ना करने के कलेक्टर के आश्वासन के बाद धरना समाप्त
Fri, Nov 20, 2020
आज दूसरे दिन बरखेड़ा बांध प्रभावितों का, बांध स्थल के पास उरी नदी के किनारे, धरना जारी रहा। नर्मदा बचाओ आंदोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री आलोक अग्रवाल ने जिला कलेक्टर श्री आलोक कुमार सिंह से बात करने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि अभी जमीन कब्ज़े की कोई करवाई नहीं की जायेगी और प्रभावितों को पुनर्वास के लाभ जल्द से जल्द दिये जायेंगे। इस विषय में वह 23 या 24 तारीख को एक बैठक भी करेंगे। जिला कलेक्टर के इस आश्वसन के बाद प्रभावितों ने अपना धरना समाप्त किया और संकल्प व्यक्त किया कि उनके मुआवजा और पुनर्वास के सम्पूर्ण अधिकार मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उच्च न्यायालय में अर्जी दायर
बरखेड़ा बांध प्रभावितों द्वारा उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में लंबित दो याचिकाओं में आज विशेष अर्जी दायर की गई। इन अर्जियों में बताया गया है कि बरखेड़ा बांध क्षेत्र में भू-अर्जन कानून 2013 का खुला उल्लंघन हो रहा है और मांग की गई है कि इस कानून के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए सभी प्रभावितों को सम्पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास के सभी अधिकार दिये जायें और इसके बाद ही जमीन के कब्जे की अनुमति दी जाये।
मुआवजा व पुनर्वास के क्या अधिकार बाकी हैं?
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नर्मदा आंदोलन के श्री आलोक अग्रवाल ने बताया कि बरखेड़ा बांध प्रभावित ग्राम खोजकुआ और रेहड़दा के सभी घरों का भू अर्जन होना बाकी है और डूब के सभी पांचों गांवों खोजकुआ, रेहड़दा, टोल, कदवाल व मुजाल्दा के लगभग 400 परिवारों को पुनर्वास के लाभ मिलने बाकी हैं। पुनर्वास में हर विस्थापित परिवार को घर बनाने, रोजगार, परिवहन, पुनर्वास अनुदान आदि के लिये कुल लगभग 8 से 10 लाख रु प्रति परिवार मिलेंगे। भू अर्जन कानून 2013 के अनुसार जमीन व घर का मुआवजा व पुनर्वास की सम्पूर्ण राशि एक साथ दी जाएगी ताकि विस्थापित अन्यत्र अपनी जीविका स्थापित कर सके। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया के बाद ही उनसे जमीन का कब्जा लिया जायेगा।
संघर्ष जारी रहेगा
धरने पर सभा को संबोधित करते हुए सभी विस्थापितों ने कहा कि हम सब संगठित हैं और हम कोई अन्याय नहीं सहेंगे। हमारा संघर्ष मुआवजे व पुनर्वास के सभी अधिकार प्राप्त होने तक जारी रहेगा। प्रभावितों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर कभी बिना सम्पूर्ण मुआवजा व पुनर्वास अधिकार दिये जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया तो उसका कड़ा विरोध किया जायेगा।