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: केंद्रीय इस्पात मंत्री,राम चंद्र प्रसाद सिंह का मॉयल बालाघाट खान में दौरा

Aditi News Team

Mon, Nov 1, 2021

केंद्रीय इस्पात मंत्री, राम चंद्र प्रसाद सिंह बालाघाट पहुंचे और फेरो प्लांट, बेनीफिशिएसन (Beneficiation) प्लांट, हाई स्पीड शाफ़्ट सिंकिंग परियोजना इत्यादि स्थान का दौरा किया। वे भूमिगत खदान के अंदर भी गये और वहां के  कार्य करने की प्रणाली का विस्तृत ब्यौरा लिया। भूमिगत खदान में कार्य कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य के बारे में उन्होंने काफी बातचीत की।

इस अवसर पर इस्पात मंत्री ने मॉयल के कार्य निष्पादन की सराहना की और अधिक उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्होने यहा भी कहा कि कोविड 19 जैसी प्रतिकूल स्थिति में भी मॉयल के कर्मचारियों ने एकजुट होकर ज्यादा से ज्यादा उत्पादन देने की पूरी चेष्टा की, जो सराहनीय है।

इस्पात मंत्रालय से श्रीमती सुकृति लिखी अतिरिक्त सचिव एवं वित्त सलाहकार, श्रीमती रुचिका गोविल, अतिरिक्त सचिव एवं श्री टी श्रीनिवास, संयुक्त सचिव कार्यक्रम के दौरान शामिल थे। मॉयल के अध्यक्ष सह प्रबन्धक  निदेशक श्री मुकुन्द  पी चौधरी , निदेशक वित्त श्री राकेश तुमाने, निदेशक मानव संसाधन श्रीमति ऊषा सिंह एवं निदेशक वाणिज्य श्री पी वी वी पटनायक, मॉयल के विभिन्न विभागों के अधिकारी के साथ श्रमिक संघ भी टीम के साथ शामिल थे।

मॉयल लिमिटेड द्वारा 31 अक्टूबर, 2021 को नागपुर में एकभव्य समारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम में नितिन गडकरी, माननीय सड़क परिवहन एवं  राजमार्ग मंत्री और राम चंद्र प्रसाद सिंह, माननीय इस्पात मंत्री, भारत सरकार द्वारा मॉयल श्रमिकों के लिये वेतन समझौता की बड़ी उद्घोषणा की गई ।

अबकुछ बातें मॉयल के बारे में:

मॉयल लिमिटेड भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक अनुसूची-ए, में शामिलश्रेणी- I की एक मिनीरत्न सीपीएसई है। मॉयल देश में मैंगनीज अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है और महाराष्ट्र तथा मध्य प्रदेश राज्य में ग्यारह खदानों का संचालन करता है। मॉयल के पास देश के 34% मैंगनीज अयस्क का भंडार है और यह घरेलू उत्पाद में 45% योगदान दे रहा है। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 तक अपने उत्पादन को लगभग दोगुना करके 25 लाख मीट्रिक टन करने की महत्वाकांक्षी योजना है। मॉयल कारोबार के अवसर खोजने के लिये गुजरात  के साथ साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा राज्य में भी कदम रखने के लिये प्रयत्नशील है।

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