: जी सी सी आई की भोपाल बैठक सम्पन्न – जयपुर गौटेक को लेकर बनी रणनीति, गौ आधारित मॉडल को मिलेगा विस्तार
Fri, Apr 18, 2025
जी सी सी आई की भोपाल बैठक सम्पन्न – जयपुर गौटेक को लेकर बनी रणनीति, गौ आधारित मॉडल को मिलेगा विस्तार l ज्यादा से ज्यादा गौ प्रेमी पहुंचे l
भोपाल। ग्लोबल कन्फेडरेशन ऑफ काउ-बेस्ड इंडस्ट्रीज (GCCI) मध्यप्रदेश की प्रादेशिक बैठक भोपाल स्थित एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में सम्पन्न हुई। बैठक में गौटेक 2025 जयपुर के लिए प्रदेश से बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने, जिला-तहसील स्तर पर संगठन विस्तार और गौ आधारित मॉडल को बढ़ावा देने हेतु रणनीति तैयार की गई।बैठक के मुख्य अतिथि और पूर्व केंद्रीय मंत्री, जीसीसीआई राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वल्लभ भाई कथीरिया ने कहा कि गौ आधारित उद्योग भारत को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। जीसीसीआई द्वारा दिनांक 30-31 मई और 1-2 जून को जयपुर में आयोजित गौटेक 2025 सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि गौ क्रांति का महायज्ञ है। साथ ही आयोजन में वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, उद्यमियों और गौसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष, GCCI मध्यप्रदेश श्री दिलीप धनराज गुप्ता ने कहा कि जीसीसीआई का उद्देश्य हर जिले और तहसील तक संगठन का विस्तार कर, प्रदेश के युवाओं और किसानों को गौ आधारित स्टार्टअप्स से जोड़ना है। हमारा लक्ष्य है — ‘गांव-गौ-गौरव’ को फिर से स्थापित करना।प्रदेश संरक्षक, GCCI स्वामी श्री श्री कृष्णानन्द जी महाराज ने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, यह आध्यात्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक समाधान है। हमें भारत की सनातन परंपरा को विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़ना होगा।राष्ट्रीय गौसेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश में गौ संवर्धन को जनआंदोलन बनाना है। गाँव-गाँव तक युवाओं को प्रशिक्षित कर, उन्हें गौ आधारित रोजगार से जोड़ने का कार्य तेज़ किया जाएगा।बैठक में डॉ. योगेन्द्र कुमार सक्सेना (वैज्ञानिक, सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड), जिन्होंने गो-काष्ठ आंदोलन की शुरुआत की, ने बताया कि इस प्रयास से अब तक 5.10 लाख क्विंटल लकड़ी और 3400 एकड़ वन क्षेत्र को बचाया जा सका है। गो-काष्ठ का उपयोग अब शवदाह, होलिका दहन, होटल तंदूर और औद्योगिक बॉयलरों में लकड़ी के विकल्प के रूप में हो रहा है।जीसीसीआई के मध्य प्रदेश मीडिया संयोजक भागीरथ तिवारी ने प्रेस नोट के माध्यम से बताया कि जीसीसीआई मध्य प्रदेश की बैठक में जो निर्णय लिए गए है वो इस प्रकार है- गौटेक 2025 – जयपुर में मध्यप्रदेश से अधिकतम सहभागिता का लक्ष्य, जिला और तहसील स्तर पर GCCI इकाइयों का गठन, हर जिले में 5 मॉडल गौशालाओं का निर्माण, प्रत्येक संभाग में प्रादेशिक बैठक आयोजित करना, युवाओं को गौ संवर्धन व गौ आधारित उद्योगों से जोड़ना। मध्य प्रदेश शासन द्वारा गोशाला की अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये करने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं पशुपालन मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है। चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने ,गोटेक के कार्यकम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने संबंधी lएलएनसीटी यूनिवर्सिटी के सचिव डॉ. अनुपम चौकसे एवं कुलपति नरेंद्र थापक ने बैठक में पधारे राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वल्लभ भाई कथीरिया का पौधा भेंट और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया।प्रादेशिक बैठक में मुख्य रूप से श्री जवाहरलाल गुप्ता, शैलेश पालीवाल (इंदौर), सुमनलता ताम्रकर, अजय नरेलिया (शाजापुर), गंभीर सिंह राजपूत (नर्मदापुरम), राजेश चौहान (झाबुआ), राम रघुवंशी (अशोकनगर), राजवीर सिंह (मुरैना), मनोज प्रताप सिंह (सतना), ईश्वर अंबोदिया (उज्जैन), भगवान सिंह सिंगोरिया (रायसेन), शिशिर विश्वकर्मा (छिंदवाड़ा),वरिष्ठ पत्रकार अनोखे लाल द्विवेदी ,भागीरथ तिवारी (नरसिंहपुर), ए. सी. द्विवेदी (भोपाल), हुकुम सिंह पाटीदार (नीलबड़), दीपाली उपाध्याय, अजय सोनी (भोपाल) सहित प्रदेश भर से गौसेवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक का संचालन शैलेंद्र तेनगरिया ने किया और आभार पवन दुबे ने व्यक्त किया।
: गो अभयारण्य के कामधेनु गुरुकुलम में प्रवेश प्रारम्भ
Wed, Apr 16, 2025
गो अभयारण्य के कामधेनु गुरुकुलम में प्रवेश प्रारम्भ
सुसनेर। 16अप्रैल, जनपद सुसनेर की ननोरा,श्यामपुरा,सेमली एवं सालरिया ग्राम पंचायत में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में मध्यप्रदेश शासन द्वारा मनाएं जा रहें गोवंश रक्षा वर्ष के तहत एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव का समापन श्री हनुमान जी महाराज के जन्मोत्सव 12 अप्रैल को विश्राम हो गया है जिसका उल्लेख मध्यप्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) माननीय लखन जी पटेल ने भारत के गृह एवं सहकारिता मंत्री माननीय अमित जी शाह के विगत 13 अप्रैल को भोपाल में आयोजित सहकारिता सम्मेलन में किया है ।विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में विगत 25 मार्च को मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन जी यादव ने अपने जन्मदिवस पर गो अभयारण्य में गो सेवा करने वाले ग्वालों के बालकों सहित क्षेत्र के मेधावी बालकों के लिए *श्री कामधेनु गुरुकुलम* का शुभारंभ किया है,जिसमें कक्षा एक से पांचवीं तक अनिवासीय एवं कक्षा छठी से आठवीं तक आवासीय विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया हनुमान जन्मोत्सव के शुभ दिन से प्रारम्भ हो गई है जिसके लिए गो अभयारण्य के प्रबंधन कार्यालय में सम्पर्क कर अपने बालकों का प्रवेश करवा सकते है ।गो अभयारण्य में एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के विश्राम 12 अप्रैल के बाद से आगामी 30 वर्षों के लिए अखंड गो महिमा कथा प्रारंभ हो गई है जो प्रतिदिन सायंकाल 07 बजे से 08 बजे तक नियमित चलेगी और प्रतिदिन किसी न किसी सन्त एवं विद्वानों का सानिध्य गो महिमा कथा में मिलेगा ।गो अभयारण्य के मैनेजिक ट्रस्टी डॉ.विक्रम सिंह ने आगर मालवा सहित क्षेत्र के सभी गो सेवकों से आह्वान किस है कि वे अपने परिवार, रिश्तेदारों एवं अपने इष्टमित्रों की भावी पीढ़ी को विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में 7000 भगवती गो माता के सानिध्य में अपने बालकों के उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए *श्री कामधेनु गुरुकुलम* में प्रवेश दिलवाने में सहयोग कराएं।
: ऋषि कृषि (गो आधारित कृषि) प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
Wed, Apr 9, 2025
ऋषि
कृषि (गो आधारित कृषि) प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
सुसनेर/ 09 अप्रैल, मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव में भारत सरकार द्वारा गठित कामधेनु गो आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर वल्लभ भाई कथेरिया के मुख्य आतिथ्य में त्रि दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ ।डॉ बल्लभ भाई कथारिया ने कहा कि गौ अभयारण्य सालरिया में आकर ही गाय माता की पवित्रता को हम समझ सकते हैं । हमें अब नई क्रांति की पहल की जरूरत है और वह होगी गोबर क्रांति । उन्होंने बताया कि मैं किसान का बेटा हु मे भी गाय माता के बीच में पला बढ़ा हु और गाय माता का खूब घी दूध पिया है इसलिए हमें गाय माता की महिमा का पता है।उस जमाने में हम सुबह के उजाले होते ही खेत में पहुंच जाते थे। और खेती के कार्य में जुट जाते थे उस समय उनकी उपयोगिता क्या थी हमें पता है लेकिन आज मशीनी कृषि और रासायनिक खेती के चलते कैंसर जैसी भयानक बीमारियो ने विकराल रूप ले लिया है। इस बात को में इसलिए जनता हु क्योंकि में भी कैंसर सृजन हु और मुझे पता है कि पेस्टिसाइड दवाओं कीटनाशक जहरीलेरासायनिक खाद्य मानव जीवन के लिए खतरा बन गए हैं जिसका एक ही उपाय है कि हम सभी गौ आधारित खेती करें । पुराने समय की भांति हमें उत्तम खेती पर ध्यान देना होगा उस भाव को जगाना होगा तभी हम गौ सेवा के माध्यम से गौ आधारित कर ऋषि कृषि परंपरा को आगे बढ़ा सकते हैं। हमें श्वेत क्रांति व हरित क्रांति की तरह गोबर क्रांति पूरी देश में लानी होगी । जिससे हम गोबर और गौ मूत्र को प्रायमरी प्रोडक्ट बनाए और दूध को सेकेंडरी उत्पाद बनाकर धर्म और अर्थ का लाभ ले।गावो विश्वव मातर:के पूज्य भाव को समझना होगा। हमें घर घर गाय माता रखना होगी और की गाय माता की सेवा करने के लिए हम आगे आना होगा तभी हम गौ आधारित कर सकते हैं। इसके लिए हमें गांव गांव एंबेसेडर बनकर गौ सेवा में आगे आना होगा।इस बार गौ उद्योगी उत्पाद के लिए गो सेवकों के लिए कृषि वैज्ञानिकों के लिए गोबर गौ मूत्र, और गौ आधारित कृषि जुड़े लोगों के लिए जयपुर में 30 मई से 4 मई तक मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आप सभी लोग अपने परिवार गो सेवकों के साथ जरूर आए और गौ महिमा को समझें। क्योंकि हमें गौ आधारित कृषि से हमारी अर्थ व्यवस्था कैसे सुदृढ़ करें इस विषय पर जागरूक रहने के लिए विस्तृत चर्चा इस शिविर में होगी।प्रशिक्षण शिविर के द्वितीय दिवस पर गोयल ग्रामीण कृषि अनुसंधान से डॉक्टर पवन जी टांक एवं तृतीय दिवस पर बंशी गिर गोशाला के संस्थापक एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ गोपाल भाई सुतारिया का मार्गदर्शन मिलेगा ।प्रशिक्षण शिविर में धेनु धरती फाउंडेशन के संरक्षक गोबर गोपाल दास जी महाराज एवं संचालन धेनु धरती फाउंडेशन के प्रमुख अजीत शर्मा ने किया ।