: योग मनुष्य का स्वभाव बन जाना चाहिए
Mon, Oct 31, 2022
राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता का शुभारंभयोग प्रतियोगिता, स्पर्धा का नहीं, साधना का विषय है : डॉ. वार्ष्णेयमहर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान एवं राज्य स्तरीय शासकीय योग प्रशिक्षण केन्द्र भोपाल द्वारा प्रथम योग क्लबों के लिए प्रथम राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता का शुभारंभ डॉ. अशोक वार्ष्णेय राष्ट्रीय संगठन सचिव, आरोग्य भारती एवं संस्थान के चेयरमेन एवं राज्य योग आयोग के उपाध्यक्ष श्री भरत बैरागी ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नृत्य योग, कलाओं से परिपूर्ण पहली प्रस्तुति शिव आराधना की आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति ग्वालियर संभाग की छात्राओं ने दी।
डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि योग केवल शारीरिक क्रिया नहीं है, यह मन और शरीर को जोड़ने की क्रिया है। योग सम्पूर्ण विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मनुष्य की दिनचर्या में योग भोजन की तरह अनिवार्य बनता जा रहा है। यह यम से समाधि तक की वैज्ञानिक क्रिया है। योग एनर्जी लेस से एनर्जी मैन भी बनाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि योग को उनकी तरह अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। योग मनुष्य का स्वभाव बन जाना चाहिए। उपस्थित छात्र/छात्राओं को भी नियमित योग अभ्यास करने को कहा। उन्होंने कहा कि योग क्वालिटी ऑफ लाइफ बनाता है। योग प्रतियोगिता एवं स्पर्धा का विषय नहीं, साधना का विषय है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री बैरागी ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीनतम अनूठी विधा योग हमें विरासत में मिली है। योग से हमें नई पीढ़ी का चरित्र-निर्माण करना है। उन्होंने खगोल का उदाहरण देते हुए उज्जयिनी की वेधशाला की वर्षों पूर्व योग साधना से हमारे पूर्वजों ने स्थापना कर दी थी। भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण एवं आदिशंकराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि म.प्र. से ही नया इतिहास लिखा जा रहा है। उसी क्रम में एक और नया अध्याय हम योग साधक इन योग प्रतियोगिताओं का आयोजन कर लिखने जा रहे हैं। प्रतियोगिता में 45 जिलों से 400 छात्र/छात्राएँ एवं 110 कोच, जिलायोग प्रभारी एवं निर्णायकों द्वारा अंडर- 14,17,19 के बालक बालिकाओं के समूह वर्ग की योग रिदमिक, आर्टिस्टिक की प्रतियोगिताएँ 2 नवम्बर 2022 तक सम्पन्न की जायेंगी।आभार प्रदर्शन निदेशक, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान श्री प्रभात राज तिवारी ने किया।
: स्थापना दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में होगी शंकर-एहसान-लॉय बैंड की प्रस्तुति
Mon, Oct 31, 2022
सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 400 कलाकार प्रस्तुत करेंगे "शिव महिमा" नृत्य नाटिकालाल परेड ग्राउण्ड में शाम 7 बजे से शुरू होगा समारोहमध्यप्रदेश के 67वें स्थापना दिवस समारोह में सुप्रतिष्ठित शंकर-एहसान-लॉय बैण्ड की गीत-संगीत प्रस्तुति तथा नई दिल्ली की सुप्रतिष्ठित कोरियोग्राफर सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 400 कलाकारों द्वारा "शिव महिमा" नृत्य नाटिका प्रमुख आकर्षण होंगे। भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड में शाम 7 बजे से समारोह शुरू होगा। प्रमुख सचिव संस्कृति और पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में स्थापना दिवस समारोह में सभी प्रदेशवासी सादर आमंत्रित है।" शिव महिमा" नृत्य नाटिकामध्यप्रदेश राज्य का सौभाग्य है कि बारह ज्योतिर्लिंगों में से दो ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश में स्थित हैं। इन ज्योतिर्लिंगों के होने से मध्यप्रदेश का आध्यात्मिक मानस और संस्कृति शैव भक्ति और ज्ञान की दृष्टि से ओत-प्रोत है। मध्यप्रदेश का 67वाँ स्थापना दिवस समारोह शैव भक्ति एवं ज्ञान आधारित मनाया जा रहा है। शून्य से शिव, शिव से कालातीत महाकाल की कथा नृत्य संगीत एवं 3डी तकनीकी संयोजन के साथ प्रस्तुत की जायेगी। प्रस्तुति के लिए बहुतलीय मंच एवं सेट संयोजित किया जायेगा, जिस पर सारे प्रतीक यथा डमरु, त्रिशूल, नन्दी, जटा, गंगा आदि को समाहित करते हुए शिव प्रसंगों की समवेत प्रस्तुति होगी।शंकर-एहसान-लॉय बैंड की गीत-संगीत प्रस्तुतिदेश के सुविख्यात शंकर-एहसान-लॉय बैंड की गीत-संगीत प्रस्तुति संयोजित की जा रही है। यह भारतीय संगीतकारों की तिकड़ी है। यह तिकड़ी शंकर महादेवन, एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा से मिल कर बनी है। उन्होंने कई फिल्मों में संगीत दिया एवं गायन कार्य किया है। इसमें मिशन कश्मीर (2000), दिल चाहता है (2001), कल हो न हो (2003), बंटी और बबली (2005), कभी अलविदा ना कहना (2006), डॉन-द चेस बिगिन्स अगेन (2006), तारे जमीं पर (2007), रॉक ऑन (2008), वेक अप सिड (2009), माय नेम इज खान (2010), कार्तिक कॉलिंग कार्तिक (2010), हाउसफुल (2010) और सूरमा (2018) आदि शामिल हैं।