: फिल्म शूटिंग के लिए प्रदेश में अपार संभावनाएँ - अभिनेता तलवार
Sat, Apr 30, 2022
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड में फिल्म पॉलिसी सहित ली अन्य जानकारियाँ,साउथ सुपरस्टार सुमन तलवार को भाया मध्यप्रदेश
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपर स्टार श्री सुमन तलवार ने कहा कि मध्यप्रदेश में तमिल, तेलुगु, कन्नड, मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के लिए काफी बेहतरीन लोकेशन्स मौजूद हैं। यहाँ पर खूबसूरत नदियाँ, हरे-भरे जंगल, वादियाँ, ऐतिहासिक धरोहर सहित वे सभी तत्व मौजूद हैं, जो फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर्स को आकर्षित करते हैं। वे दक्षिण प्रांतों के छोटे और बड़े डायरेक्टर्स को प्रदेश की खूबसूरत लोकेशन्स, फिल्म पॉलिसी,
सब्सिडी सहित अन्य सहयोग एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी साझा करेंगे।
अभिनेता श्री सुमन, डायरेक्टर श्री नितिन चौकसे और एक्ट्रेस प्रीति चौकसे के साथ भोपाल भ्रमण के दौरान मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के कार्यालय पहुँचे। श्री सुमन ने उप संचालक फिल्म टूरिज्म श्री युवराज पडोले से मुलाकात कर प्रदेश में फिल्म शूटिंग की संभावनाओं पर चर्चा की। श्री सुमन ने कहा कि मध्यप्रदेश में शूटिंग के लिए बेहतर संभावनाएँ हैं। फिल्म शूटिंग को ही सिर्फ बढ़ावा नहीं मिलेगा बल्कि पर्यटन भी बढ़ेगा। स्थानीय रोजगार बढ़ेगा तो आय भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर से खंडवा प्रवास के दौरान नर्मदा नदी किनारा देखा, जो बहुत ही खूबसूरत है। इस तरह की लोकेशन्स फिल्म शूटिंग के लिए मुफिद होती हैं।
अभिनेता श्री सुमन को बताया गया कि मध्यप्रदेश को फिल्म शूटिंग के लिए प्रमुख आकर्षण बनाना एवं निजी निवेश को प्रोत्साहित करना, राज्य में फिल्म शूटिंग के माध्यम से कौशल विकास और रोजगार सृजन करना, फीचर फिल्म, टी.वी. सीरियल, शो, वेब सीरीज, शो, डाक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिये वित्तीय अनुदान से मध्यप्रदेश में शूटिंग को प्रोत्साहित करने संबंधी योजनाएँ और कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं और दक्षिण भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिये विशेष वित्तीय प्रोत्साहन, समय-सीमा में अनुमति की सुविधा और 'मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2020 के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से बताया गया। उप संचालक श्री पडोले ने फिल्म नीति क्रियान्वयन के लिये गठित फिल्म फेसिलिटेशन सेल तथा सिंगल विंडो सिस्टम से फिल्मांकन अनुमति के बारे में भी जानकारी दी।
200
से अधिक फिल्म्स हो चुकी हैं शूट
प्रदेश में हाल ही में अभिनेता अक्षय कुमार ने भोपाल में फिल्म सेल्फी की शूटिंग की है। पिछले दिनों एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा ने फिल्म योद्धा के लिए भोपाल के कोलार डैम एवं एयरपोर्ट पर शूटिंग की थी। मध्यप्रदेश में फीचर फिल्मों, टीवी सीरियल, सीरीज, टीवीसी और रियलिटी शो सहित 200 से अधिक परियोजनाओं की शूटिंग अब तक की जा चुकी है। मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में बेहतर एयर कनेक्टिविटी है। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2020 के लागू होने के बाद सरकार एकल खिड़की ऑनलाइन प्रणाली से सब्सिडी, सभी अनुमतियाँ और मंजूरी प्रदान कर फिल्म पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। इस नीति का उद्देश्य मध्यप्रदेश को एक प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र बनाना और राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करना है।
: कलेक्टर रोहित सिंह ने किया स्वच्छता कप का उद्घाटन
Sat, Apr 9, 2022
नरसिंहपुर । चर्च ग्राउंड में कलेक्टर रोहित सिंह ने किया स्वच्छता कप का उद्घाटन।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विपुल श्रीवास्तव ,जिला पंचायत सीईओ डॉ सौरभ संजय सोनवणे एवं अपर कलेक्टर दीपक कुमार रहे मौजूद ।प्रतियोगिता में विभिन्न टीमें भाग लेकर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है।विदित है कि कलेक्टर रोहित सिंह की पहल पर ज़िले में विभिन्न स्वच्छता संबंधी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
: भोपाल,पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाएँ और युवाओं को रोजगार भी दिलवाएँ , मुख्यमंत्री
Mon, Mar 14, 2022
श्रीरामनवमी पर जगमगाएगी राम राजा की नगरी ओरछा,ग्वालियर और ओरछा का यूनेस्को की योजना में चयन,कुकरू और हनुवंतिया में पर्यटन सुविधाएँ बढ़ाई जाएँ,मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के संचालक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए प्रस्तावित विकास योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए प्रयास बढ़ाए जाएँ। वर्तमान विकसित पर्यटन स्थलों के साथ ही नवीन पर्यटन स्थलों में आवश्यक अधो-संरचना निर्माण के लिए तेजी से कार्य किया जाये। पर्यटन क्षेत्र में निवेश वृद्धि के प्रयास हों। युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलें, इस दृष्टि से भी पर्यटन विकास गतिविधियों का संचालन किया जाए। प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं का दोहन प्रदेश की जनता के लिए लाभकारी रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के संचालक मंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री मनीष सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन से जनता को जोड़ें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के स्थानों पर विभिन्न उत्सवों के माध्यम से पर्यटन विकास की संभावनाओं को साकार करने के निर्देश दिए। उज्जैन में गत 1 मार्च को महाशिवरात्रि पर मंदिरों और नदी घाटों को दीपों से सुसज्जित किया गया था। इसी तरह आगामी 10 अप्रैल को श्रीरामनवमी पर भगवान राम राजा की नगरी ओरछा में दीपोत्सव का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके लिए पर्यटन, संस्कृति विभाग के साथ ही अन्य सहयोगी एजेंसियों और जिला प्रशासन को तैयारियाँ प्रारंभ करने के निर्देश दिए। चित्रकूट में भी श्रीरामनवमी पर प्रात:काल विशेष कार्यक्रम के लिए रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उज्जैन में आमजन ने उत्साह के साथ दीप जलाए थे। ओरछा के दीपोत्सव को भी विशेष बनाया जा सकता है। इसके लिए समन्वय से कार्य प्रारंभ कर मूर्तरूप दिया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खजुराहो उत्सव और अन्य कार्यक्रमों से अधिक संख्या में आमजन को जोड़े जाने के लिए कार्यक्रमों के स्वरूप को निर्धारित करने के भी निर्देश दिए।
मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश संवर्धन के प्रयास
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश के प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने हेरिटेज परिसंपत्तियों में से आवंटित परिसंपत्तियों से रोजगार सृजन बढ़ाने के निर्देश दिए। बताया गया कि प्रदेश में 79 पर्यटन परियोजनाओं के लिए 104 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। कुल 1517 करोड़ रूपये का निवेश किया गया है, जिसके फलस्वरूप 22 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार मिल रहा है। एक हजार हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक भी तैयार किया गया है। पाँच हेरिटेज सम्पत्तियाँ आवंटित की जा चुकी हैं। इनमें खजुराहो स्थित राजगढ़ पैलेस, रीवा स्थित गोविंदगढ़ पैलेस भी शामिल हैं। निजी क्षेत्र के सहयोग से मिड-वे ट्रीट, हाइ-वे ट्रीट सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इनसे करीब 3 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रदेश में 75 मार्ग सुविधा केंद्र विकसित किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देते हुए 15 रोड शो भी किए गए हैं।
फिल्म पर्यटन नीति
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग से युवा कलाकारों को अभिनय और फिल्म-निर्माण से जुड़े अन्य कार्यों को करने का अवसर मिलता है और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होती है। इसे प्रोत्साहित किया जाए। प्रमुख सचिव पर्यटन ने बताया कि मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2020 में गतिविधियों का संचालन हो रहा है। अब तक प्रदेश में करीब 200 फिल्म, धारावाहिक और वेब सीरीज की शूटिंग हो चुकी है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 6 फिल्म समारोह में मध्यप्रदेश की भागीदारी रही है। फिल्म परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रचार- प्रसार में भी सहयोग मिल रहा है।
साहसिक और जल क्रीड़ा पर्यटन
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश में हनुवंतिया और अन्य स्थानों पर जल क्रीड़ा पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ाने के निर्देश दिए। साहसिक गतिविधियों के लिए लगभग 50 कैम्प आयोजित किए गए हैं। बीस हजार से अधिक पर्यटकों को कैम्पिंग और साहसिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। पॉवर बोट संचालन और लाइव सेविंग के प्रशिक्षण का लाभ भी युवाओं को दिया जा रहा है। जल पर्यटन गतिविधियों के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लायसेंस जारी किए गए हैं।
यूनेस्को ने किया ग्वालियर और ओरछा का चयन
यूनेस्को ने हिस्टोरिक अर्बन लेंडस्केप रिकमंडेशन में ग्वालियर और ओरछा का चयन किया है। प्रदेश के 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्य-प्राणी अभयारण्यों के ईको सेंसेटिव जोन्स के जोनल मास्टर प्लान का कार्य चल रहा है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ओरछा, मांडू, सतपुड़ा नेशनल पार्क और भेड़ाघाट को शामिल करने की पहल की गई है। ओंकारेश्वर और सलकनपुर में पीपीपी मॉडल से रोप-वे संचालन, ग्वालियर में म्यूजियम ऑफ म्यूजिक, भोपाल में सिटी म्यूजियम और भीमबैठका में प्री हिस्टोरिक पार्क के लिए भी प्रयास प्रगति पर हैं। पन्ना में डॉयमंड म्यूजियम और जबलपुर में खनन मंत्रालय के सहयोग से ज्योलॉजिकल म्यूजियम संचालित किया जा रहा है।
पर्यटन स्थल कुकरू के विकास के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैतूल जिले के मनोहारी प्राकृतिक स्थल कुकरु में पर्यटन विकास के कार्यों को बढ़ाने को कहा। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र के अनेक पर्यटक इस स्थान पर सैर के लिए आते हैं। आने वाले समय में यह स्थान पचमढ़ी की तरह पर्यटन स्थल के रूप में लोकप्रिय हो सकता है। बैठक में होम स्टे परियोजना, महिलाओं के लिए पर्यटन स्थल परियोजना, ग्रामीण पर्यटन, पर्यटन विभाग के स्टाफ को कौशल उन्नयन एवं प्रशिक्षण, जिलों में जिला पर्यटन कार्य-योजना, कोरोना काल में किए गए विभिन्न वेबिनार, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेवल मार्टस और प्रदर्शनियों में सहभागिता, मानसून पर्यटन के प्रोत्साहन, हेरिटेज रन, जल महोत्सव, खजुराहो नृत्य समारोह, माण्डू उत्सव जैसे कार्यक्रमों और उत्सवों की जानकारी भी दी गई।