: आयुर्वेद और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य कल्याण" पर जिले में हुआ कार्यक्रम का आयोजन
Thu, Oct 24, 2024
आयुर्वेद और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य कल्याण" पर जिले में हुआ कार्यक्रम का आयोजन
नरसिंहपुर।आयुष विभाग नरसिंहपुर द्वारा धनवंतरी दिवस के उपलक्ष्य में "आयुर्वेद और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य कल्याण" पर जिले के सभी ब्लॉक में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुरत्ना सिंह चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद के सिद्धांत, कार्यस्थल पर आम स्वास्थ्य समस्यायें, आयुर्वेदिक तकनीक के माध्यम से थकान का प्रबंध, ऊर्जा के स्तर को बढ़ाना, उत्पादकता बढ़ाना, ध्यान और योग के माध्यम से तनाव संबंधी नवाचारों का क्रियान्वयन किया गया। कार्यक्रम के लिए डॉ. नमिता सोनी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कार्यक्रम का आयोजन बालक उच्चतर माध्यमिक शाला गाडरवारा, उत्कृष्ट विद्यालय चीचली, हाई स्कूल बिलहरा, चांवरपाठा, पुलिस स्टेशन गोटेगांव, कृषि उपज मंडी करेली, पीएम श्री स्कूल एवं पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित किये गये। कार्यस्थल पर तनाव मुक्ति प्रबंधन के लिए वाय ब्रेक व स्ट्रेस को कम करने के लिए डिमोंस्ट्रेशन सूक्ष्म व्यायाम योग व स्ट्रैचिंग करवाई गई। कार्यक्रम में सभी ब्लॉक के आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं पैरामेडिकल स्टाफ व योग शिक्षक मौजूद थे।
: दिवाली पर गर्भवती महिलाओं को किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान - डॉ चंचल शर्मा
Thu, Oct 24, 2024
दिवाली पर गर्भवती महिलाओं को किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान - डॉ चंचल शर्मा
दिवाली का त्यौहार लगभग भारत के सभी हिस्सों में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सभी अपने अपने घरों में दिए जलाते हैं, रंगोली बनाते हैं और लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं। दिवाली से करीब 1 महीने पहले से लोग साफ़ सफाई के काम में जुट जाते हैं। दिवाली को रौशनी पर्व भी कहते हैं क्यूंकि इस दिन सबके घर जगमगाते रहते हैं। आपके इस रंग में भंग ना हो इसलिए दिवाली के मौके पर आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर तथा फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ जरुरी टिप्स दी हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए आप गर्भावस्था में भी अपनी प्रेगनेंसी को आरामदायक बना सकते हैं। यहाँ प्रेगनेंट महिलाओं के लिए दिवाली से पहले होने वाली सफाई से लेकर दिवाली के दिन की मिठाई तक की सभी महत्वपूर्ण बातों के विषय में बात करेंगे।
प्रेगनेंसी में कैसे करें घर की सफाई
दिवाली से पहले साफ़ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है। घर से लेकर बाहर तक पूरा डिज़ाइन ही बदल दिया जाता है। अगर आप गर्भवती हैं तो आपको साफ़ सफाई के समय अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए कुछ भी करना चाहिए। आप फिजिकल काम करने से बचें और इन कामों के लिए घर के अन्य सदस्यों की मदद लें। उसकी जगह आप कुछ भी क्रिएटिव काम कर सकते हैं। आप वजनदार सामान उठाने से परहेज करें क्यूंकि ऐसे में आपकी ऊर्जा का गलत इस्तेमाल होगा और उससे आपकी प्रेगनेंसी पर असर हो सकता है। आप केमिकल प्रोडक्ट्स से भी दुरी बनाये रखें। इस तरह की भागदौड़ में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।
खानपान का रखें ध्यान
दिवाली के त्यौहार में मिठाइयों की एक विशेष भूमिका होती है। इस अवसर पर लोग एक दूसरे को मिठाइयों और नमकीन की सौगात देते हैं। लेकिन गर्भवती महिलाओं को इस प्रकार के तले हुए और मीठे खाद्य पदार्थ से परहेज करना चाहिए क्यूंकि इससे आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। आपको गेस्टिंग के समय भी चाय, कॉफी और शराब के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए।
पेंट से परहेज करें
दिवाली से पहले घर को जगमगाने के लिए लोग पेंट्स का भी इस्तेमाल करते हैं लेकिन इससे आपका अस्थमा ट्रिगर हो सकता है इसलिए जहाँ भी सफेदी या पेंटिंग का कार्य हो रहा हो वहां से दुरी बनाये रखें।
प्रेगनेंट महिलाओं की सुरक्षा के लिए अन्य टिप्स
दिवाली के मौके पर सभी तैयार होकर एक दूसरे को मुबारकबाद देने भी जाते हैं लेकिन गर्भवती महिलाओं को ऐसे समय में ब्यूटी ट्रीटमेंट से बचना चाहिए। ऐसे प्रोडक्ट्स में जिन केमिकल्स का इस्तेमाल होता है वह आपके और आपके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है।अक्सर ऐसे अवसर लोग पटाखे जलाते हैं लेकिन गर्भवती महिलाओं को पटाखे के शोर और धुएं से बचना चाहिए क्यूंकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है इसलिए ना तो खुद पटाखे जलाएं ना ऐसे किसी स्थान पर रहें जहाँ आतिशबाजी चल रही हो।बड़ों का आशीर्वाद लेना भारतीय संस्कृति का एक हिस्सा रहा है। दिवाली के मौके पर प्रेगनेंट महिलाओं को बारबार झुकने से बचना चाहिए।
: नरसिंहपुर,स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक
Thu, Oct 24, 2024
स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठकनरसिंहपुर।कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और गतिविधियों के लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि की जानकारी ली। कलेक्टर ने बैठक में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, प्रथम तैमास पंजीयन व चार एएनसी की जांच की गहन समीक्षा की। उन्होंने शहरी क्षेत्र की उपलब्धि न्यूनतम पाये जाने पर एएनएम की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये। जहां एएनएम का पद रिक्त है, उन क्षेत्रों में टीम वर्क के माध्यम से कार्य करवाया जाये और पोर्टल पर शतप्रतिशत एंट्री करवाई जाये। माह में एक बार स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त रूप से सेक्टर बैठक आयोजित कर रिकार्ड का मिलान किया जाये और पोर्टल पर अपडेट किया जाये। जो महिलायें ग्राम में शादी के पश्चात आई हैं, उनका विवाह पंजीयन तत्काल किया जाये। इसके लिए सघन मॉनीटरिंग कर समस्त दस्तावेज प्राप्त करें। बैठक में कलेक्टर ने चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरमानखुर्द व बोहानी में प्रथम त्रेमास पंजीयन किये जाने पर एएनएम एवं सीएचओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। प्रत्येक खंड चिकित्सा अधिकारी स्वयं मॉनीटरिंग करें और 15 दिवस में पंजीयन पोर्टल पर शतप्रतिशत एंट्री पूर्ण की जाए। ग्राम की आशा एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता गर्भवती महिला के घर जाकर पूर्व में ही परिवार से बात कर प्रसव की आगामी रूपरेखा तैयार करें और जिस स्थान पर परिवार द्वारा प्रसव कराया जाना है, वहां की एएनएम को सूचित करें एवं बाहर जाने पर समय पर संपूर्ण जॉच भी कराई जाए। बैठक में कलेक्टर द्वारा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं प्रबंधन, माडरेट एवं सीवियर एनीमिक की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रो में पोर्टल पर एंट्री होना शेष रह गई है, जो एएनएम विहिन क्षेत्र है, उनकी एंट्री पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए। अनमोल पोर्टल पर गेप होने पर कम्यूनिकेशन के लिए जिला स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाये। एनीमिक महिला को अगर दूसरी संस्था में सेवायें दी जा रही हैं, तो संस्था की जानकारी एकत्रित कर पोर्टल पर शतप्रतिशत एण्ट्री की जाए। जिले में हुए प्रसवों की ब्लॉकवार समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रों मे घर पर प्रसव हो रहे हैं उन क्षेत्रों में हितग्राही से बात कर प्रसव होने के 07 दिवस पूर्व अस्पताल के बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती कराया जाए। 108 एम्बुलेंस में फोन करने पर लेट आने पर 108 को- ऑर्डिनेटर को रिस्पांस टाईम का डाटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अगर 108 पर हितग्राही का काल आने पर तत्काल एम्बुलेंस पहुचाई जाए। 108 वाहन परिचालन का लॉगिन एवं पासवर्ड कलेक्टर कार्यालय एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में उपलब्ध कराया जाये, जिससे 108 वाहन परिचालन की सघन मॉनीटरिंग की जाए। बैठक में टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान 5 वर्ष तक के टीकाकरण वाले बच्चों को पोर्टल पर सीएचओ के माध्यम से शतप्रतिशत एंट्री तत्काल की जाए। सीएचओ को ग्राम स्तर पर फील्ड पर भेजा जाए और उनकी पर फॉर्मेट अनुसार डाटा तैयार कर समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। 15 दिवस में 98 प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण किया जा सके, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाये। जिन एएनएम द्वारा टीकाकरण सत्र स्थल पर टीकाकरण के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाये। बैठक में ग्लोबल पोलियों दिवस का आयोजन प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थाओं में करने के निर्देश दिये। नवजात शिशुओं को दो बूंद पोलियों खुराक पिलाई जाये। यूविन आधारित सर्टिफिकेट वितरण किए जाए। यूविन पोर्टल पर अपडेशन कर पंजीयन चेक करें, बर्थ डोज का महत्व स्टाफ नर्स एवं बच्चों के अभिभावकों को अवश्य बतायें। तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत की समीक्षा के दौरान स्कूल के बच्चों के बैंग में सिगरेट एवं तम्बाकू तो नहीं हो, चेक किया जाए। कोटपा 2003 एक्ट के नियमानुसार तहत तम्बाकू के सेवन करने वाले व्यक्तियों पर चालानी कार्यवाही की जाए। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत प्रतिमाह बैठक आयोजित की जाये। क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी वेक्सीनेशन की उपलब्धि कम पाए जाने पर त्यौहार पश्चात के दिवसों मे महाअभियान आयोजित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाये और शतप्रतिशत टीबी वेक्सीनेशन कराया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती अंजली शाह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष प्रकाश सिंह, सिविल सर्जन, समस्त बीएमओ, महिला बाल विकास अधिकारी, जिला आयुष अधिकारी एवं स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग और जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।