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: इन्दौर,मुख्यमंत्री श्री चौहान की मानवीय संवेदना से जरूरतमंदों को मिली तत्काल सहायताएं "सफलता की कहानी"

Aditi News Team

Tue, Jan 5, 2021

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुये अपने नव वर्ष की शुरूआत इंदौर में एक जनवरी को समाज के अंतिम छोर के व्यक्तियों के बीच पहुंचकर की थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस दौरान नागरिकों से चर्चा की और उनके दु:ख दर्द सुने। मुख्यमंत्री जी ने जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायता मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये थे। मुख्यमंत्री जी के निर्देश के परिपालन में जरूरमंदों को तत्काल सहायताएं उपलब्ध करा दी गई।   

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने एक जनवरी को सुबह एयरपोर्ट रोड पर पंचशील नगर में गरीब परिवारों के साथ नया साल मनाया था। इस दौरान वे लकवाग्रस्त द्वारिकाबाई इंगले के घर भी पहुंचे| बीमारी और गरीबी से त्रस्त द्वारिका बाई मुख्यमंत्री को गले लगाकर रो पड़ीं। इससे द्रवित मुख्यमंत्रीजी ने उन्हें शासकीय सहायता देने का वादा किया। बाद में एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्रीजी ने द्वारिका बाई के बेटे गोविंदा को एक लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने का पत्र सौंपा। यह राशि गोविंदा के खाते में जमा भी हो गई। यह राशि रेडक्रॉस सोसायटी से दी गई। मुख्यमंत्रीजी ने इस महिला का समुचित इलाज कराने के निर्देश भी दिये।
      मुख्यमंत्रीजी ने पंचशील नगर बस्ती में विभिन्न लोगों से भी मुलाकात की। साथ ही जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों को कई तरह की सहायता उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री चौहान ने अपने भ्रमण के दौरान पंचशील नगर की ही शुभांगी पिता विक्की कांबले को लैपटॉप और ट्राइसिकल प्रदान की। दीपाली पति स्व. गौतम तेलंग को कल्याणी पेंशन योजना का स्वीकृति पत्र और सिलाई मशीन दी।
      शुभागी कांबले ने अपने जीवन के 18 बरस दिव्यांग पांवों के साथ गुजारे। दिन-प्रतिदिन, पल-प्रतिपल मन में एक टीस रहती कि काश, मैं भी औरों की तरह चल पाती, दौड़ पाती। मन में उड़ान भरने का सपना था, लेकिन पांव थे कि साथ ही नहीं देते थे। श्री चौहान ने इस बालिका के सपने को साकार किया और उसे बैटरी से चलने वाली ट्रायसिकल भेंट में दी। इससे  शुभांगी का हौसला बढ़ गया। उसके हौसले को नई ऊड़ान मिली।

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