पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन : गाडरवारा सिविल अस्पताल प्रबंधन के झूठे ज्ञापन के बाद शहर के पत्रकारो में आक्रोश
Aditi News Team
Sun, Oct 26, 2025
गाडरवारा । शासकीय सिविल अस्पताल की बढ़ाहल स्थिति किसी से छुपी नहीं है। जहां आए दिन अस्पताल की व्यवस्थाओं पर मीडिया समाचार प्रकाशित प्रसारित कर रही है। लेकिन उसके बावजूद भी स्वास्थ विभाग के अधिकारी मरीजों से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। अस्पताल में खून जांच के नाम पर 100 रूपए से 250 रुपए तक एक्स - रे मोबाइल पर देने के 50 रूपए और फिल्म पर पिंट कर के 150 रूपए प्रति मरीजों से लिए जा रहे हैं। जबकि सरकारी अस्पताल में ऐसा कोई नियम नहीं है जिसमें मरीजों से किसी भी प्रकार का शुल्क वसूल किया जाए। अस्पताल से जुड़ी कई वित्तीय अनियमितताएं है, कागजों में कई लेनदेन हुए और कितना खुन की जांच से कमाया और कहा ख़र्च किया हैं। इसी संबंध में सरकारी अस्पताल गाडरवारा में सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी का एक आवेदन पत्रकार राजेश शर्मा के द्वारा लगाया गया है। बीते दिवस अस्पताल प्रभारी डॉ उपेन्द्र वस्त्रकार के बुलाने पर अस्पताल जानकारी लेने के लिए गए हुए थे।
पत्रकार राजेश शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रभारी डॉ उपेन्द्र वस्त्रकार द्वारा मांगी गई जानकारी का अवलोकन करने और अवलोकन के उपरांत जो आवश्यक जानकारी है उसे उपलब्ध कराने का निवेदन किया गया था। कल दोपहर 11:12 के लगभग जब राजेश शर्मा उक्त जानकारी लेने अस्पताल गए तो डॉ उपेन्द्र वस्त्रकार ने जानकारी देने से मना करते हुए टाला मटोली करने लगे। इस संबंध में राजेश शर्मा ने सूचना अधिकार के नियमों का उल्लेख करते हुए उनसे निवेदन किया था। तभी डॉक्टर साहब के द्वारा बोला गया कि जानकारी न देने की स्थिति आप सक्षम अधिकारी को अपील करे। इस दौरान मैं राजेश शर्मा अस्पताल से बाहर आ गया। कल दोपहर लगभग 1:00 के आसपास मुझे जानकारी लगी कि डॉक्टर साहब ने मेरी कोई पुलिस में शिकायत की है। फिर शाम को करीब रात्रि 7:00 के लगभग डॉक्टर उपेंद्र वस्त्रकर अस्पताल के स्टाफ को शासकीय 108 एम्बुलेंस से लेकर पुलिस थाने पहुंचे थे। जिनके द्वारा ज्ञापन दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि एक पत्रकार सूचना अधिकार के तहत जानकारी लेने के लिए स्वतंत्र है और संबंधित विभाग और अधिकारी को सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। चर्चा के दौरान डा. वस्त्रकार ने जिस तरह से राजेश शर्मा और अन्य पत्रकारों के विरूद्ध अपशब्द कहे उससे सभी पत्रकार आहत हैं।
बडी बात तो यह है कि पत्रकार द्वारा मांगी जानकारी से अस्पताल प्रबंधन की पोल खुलने के डर से साजिश रची और अस्पताल में पदस्थ कुछ डाक्टरों द्वारा अनियमितता और भ्रष्टाचार को दवाने के लिए पत्रकार राजेश शर्मा के विरूद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य गंभीर आरोप लगा डाले ताकि राजेश शर्मा सूचना अधिकार के तहत जानकारी ना ले सकें और आगे भी अन्य कोई पत्रकार अस्पताल के भ्रष्टाचार व अनियमितता की पोल खोलने सामने ना आ सके इसलिए अपने कर्मचारियों को एकत्रित कर झुठा दवाव बनाने ज्ञापन सौंप दिया।
सिविल अस्पताल प्रबंधन के झूठे ज्ञापन के बाद गाडरवारा शहर के पत्रकारो में आक्रोश की लहर दौड़ गई और अपने पत्रकार समाज को झूठा कलंकित अपमानित करने की साजिश समस्त घटनाक्रम की पूरी विवेचना कर अस्पताल में लगे सीसीटीव्ही कैमरों की जांच कर और उस समय जब राजेश शर्मा पत्रकार जानकारी लेने अस्पताल गए थे के फुटेज लेकर जांच करने को लेकर सभी पत्रकारों ने भी निष्पक्ष जांच करने के लिए ज्ञापन सौंपा, ताकि सूचना अधिकार की जानकारी न देने के बहाने और अस्पताल प्रबंधन की भ्रष्टाचार अनीयताओं को छुपाने के उद्देश्य से लगाए गए आरोपों की सही जांच हो सके।
पत्रकारों ने ज्ञापन में जांच के दौरान पांच सदस्य पत्रकारों की टीम को समलित रहने और जांच में दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति पर पुलिस तत्काल मामला दर्ज करें। भविष्य में किसी के द्वारा कोई झूठा ज्ञापन शिकायत पुलिस को देकर भ्रमित ना करें।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन