कूनो नेशनल पार्क में सनसनी: चीते के शावक की मौत, : शरीर से मिले बंदूक के छर्रे; केंद्र ने बिठाई हाई-लेवल जांच करे बोर्ड
Aditi News Team
Sat, Oct 31, 2026
कूनो नेशनल पार्क में सनसनी: चीते के शावक की मौत,
शरीर से मिले बंदूक के छर्रे; केंद्र ने बिठाई हाई-लेवल जांच करे बोर्ड
भारत के 'चीता प्रोजेक्ट' को बड़ा झटका; शिकार की आशंका के चलते स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बोर्ड करे उच्च स्तरीय जांच l
करेली ।भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड से नियुक्त मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि ,राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण से नियुक्त प्रतिनिधि भागीरथ तिवारी ने अपनी विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। पार्क में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले एक चीते के शावक के शव का जब पोस्टमार्टम किया गया, तो उसके शरीर के भीतर से बंदूक के छर्रे (pellets) बरामद हुए हैं। भारत में चीतों की आबादी को दोबारा बसाने के लिए चल रहे महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी चीते पर गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। तिवारी ने कहा कि सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिनों पहले कूनो नेशनल पार्क के भीतर या उसके आस-पास के बफर जोन में इस शावक को घायल अवस्था में देखा गया था। पार्क प्रबंधन की मेडिकल टीम ने उसे तुरंत रेस्क्यू किया और इलाज शुरू किया, लेकिन गहरे घावों के कारण शावक को बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के अंदर छर्रे मिलने के बाद शिकार या आपसी संघर्ष के दौरान ग्रामीणों द्वारा आत्मरक्षा में गोली चलाने की आशंका जताई जा रही है।
केंद्र सरकार, STF ,बोर्ड को कमान सौंपे ओर अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तुरंत संज्ञान लेकर भविष्य में । केंद्र सरकार ने इस मामले की तह तक जाने के लिए एक हाई-लेवल जांच कमेटी का गठन करना चाहिए l
इस दर्दनाक घटना के बाद कूनो नेशनल पार्क और उसके चारों ओर फैले वन्यजीव गलियारे (Wildlife Corridor) में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। कूनो में चीतों की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, इसके बावजूद शावक तक बंदूक की गोली कैसे पहुँची, इसकी गहन पड़ताल की जाए ।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
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