देवरी के आईटीआई परिसर में छात्रा से दुष्कर्म : स्टाफ की भूमिका की जांच की मांग, राज्य मंत्री गौतम टेटवाल के नाम सौंपा ज्ञापन,
Aditi News Team
Mon, Sep 21, 2026
आईटीआई परिसर में छात्रा से दुष्कर्म
स्टाफ की भूमिका की जांच की मांग,
राज्य मंत्री गौतम टेटवाल के नाम सौंपा ज्ञापन,

देवरी/रायसेन। रायसेन जिले की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) परिसर में 9 सितंबर 2026 को छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के बाद मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। घटना के संबंध में देवरी थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। अब आईटीआई परिसर में बाहरी कंपनी को दिए गए स्थान मैं ऑफिस बनाना और संबंधित स्टाफ की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
इस संबंध में आईटीआई के राज्य मंत्री गौतम टेटवाल को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आईटीआई स्टाफ, की सहमति से परिसर के सामने स्थित पार्किंग की जगह पर कंपनी का ऑफिस बनाया गया था और जांच सूत्रों के अनुसार यह जगह किराए पर दी गई थी।
साथ ही ज्ञापन में परिसर में छेड़छाड़, अभद्रता और शराबखोरी जैसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आने का भी उल्लेख किया गया है।
ज्ञापन के अनुसार, 9 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा छात्रा को बहला-फुसलाकर कैंपस के ऑफिस में ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। मामले में देवरी थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात ज्ञापन में कही गई है।
ज्ञापनकर्ताओं ने आईटीआई स्टाफ के बड़े बाबू घनश्याम सेन एवं अधीक्षिका श्रुति पटेल एवं पूर्व अधीक्षक ,इन लोगों ने आईटीआई के पार्किंग में ऑफिस बनाने की अनुमति कैसे दी थी, इस बात की जन चर्चा है कि इस ऑफिस से हर माह लेनदेन भी होता था एवं इस ऑफिस में शराब नशाखोरी भी होती थी ।

आईटीआई की अधीक्षक श्रुति पटेल का कहना है कि यह ऑफिस मेरे पदस्थ होने से पहले ही कंपनी वालों को दिया गया था तो सवाल यह उठता है कि आईटीआई प्रिंसिपल को पदस्थ हुए लगभग 1 वर्ष हो चुका हैं ,तब आपने इसमें कई गतिविधियां भी देखी होगी फिर इसको बंद करने के आदेश क्यों नहीं दिए गए ।
साथ ही आईटीआई परिसर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
पार्षद दिनेश- आईटीआई की पार्किंग में ऑफिस की अनुमति क्यों दी गई थी वहां पर अनैतिक गतिविधियों चलती थी क्या अधीक्षिका की नजर उस ऑफिस पर कभी नहीं गई,और साथ ही ज्ञात सूत्रों के अनुसार बड़ा बाबू घनश्याम सेन हर माह ऑफिस वालों से लेनदेन भी करता था। वह लगभग 20 वर्षों से इसी आईटीआई में जमा हुआ है।
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र राजपूत- आईटीआई की पार्किंग में निजी कंपनी का ऑफिस बनवाना और वहां पर दुष्कर्म होना बहुत ही निंदनीय बात है आईटीआई के स्टाफ को यह सब कुछ नहीं करना था। संबंधित अधिकारियों को जांच कर उन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
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