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बाबाताल शिव मंदिर में देवी भागवत की धूम: : माँ भुवनेश्वरी और महालक्ष्मी की महिमा का हुआ वर्णन

Aditi News Team

Tue, Dec 30, 2025

रिपोर्टर अनिल जैन

बाबाताल शिव मंदिर में देवी भागवत की धूम:

माँ भुवनेश्वरी और महालक्ष्मी की महिमा का हुआ वर्णन

सिहोरा।स्थानीय बाबाताल स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में इन दिनों भक्ति की बयार बह रही है। नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के विशेष आयोजन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। मंगलवार को व्यास गद्दी से पंडित इंद्रमणि त्रिपाठी ने माँ भगवती के विभिन्न स्वरूपों का दिव्य वर्णन किया।

माँ भुवनेश्वरी और महालक्ष्मी का स्वरूप दर्शन....

कथा व्यास पंडित इंद्रमणि त्रिपाठी ने अपनी अमृतमयी वाणी से माँ भुवनेश्वरी और माता महालक्ष्मी की कथा का सजीव चित्रण किया। उन्होंने बताया कि माँ भुवनेश्वरी इस ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री देवी हैं, जिनकी इच्छा मात्र से सृष्टि का संचालन होता है। वहीं, माता महालक्ष्मी के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्मी केवल धन ही नहीं, बल्कि शुद्ध आचरण और सद्बुद्धि की भी प्रतीक हैं। जो भक्त सच्चे मन से भगवती की शरण में जाता है, उसे ऐश्वर्य और शांति दोनों प्राप्त होते हैं।

भगवती के विविध स्वरूपों की महिमा....

त्रिपाठी जी ने देवी भागवत के माध्यम से भगवती के महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती स्वरूपों की व्याख्या की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जगत जननी माँ जगदंबा ही शक्ति का मूल स्रोत हैं। कथा के दौरान उन्होंने कहा, "जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवती विभिन्न अवतार लेकर भक्तों का कल्याण करती हैं।" उन्होंने श्रोताओं को त्रिगुणात्मक शक्ति के रहस्यों से परिचित कराया और बताया कि कैसे भक्ति के माध्यम से जीवन के कष्टों से मुक्ति पाई जा सकती है।

उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़...

प्राचीन शिव मंदिर का परिसर जय माता दी के जयकारों से गुंजायमान रहा। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ रही है, श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रोता कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं। कथा के बीच-बीच में भजनों की प्रस्तुति पर भक्त झूमते नजर आए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

व्यवस्था एवं आयोजन...

आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कथा के समापन पर प्रतिदिन महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। समिति के सदस्यों ने बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान का उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार करना है।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

माँ भुवनेश्वरी और महालक्ष्मी की महिमा

सिहोरा बाबाताल शिव मंदिर में देवी भागवत की धूम:

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