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निजी स्कूलों में फीस वसूली को लेकर मनमानी के मामले : फीस नहीं तो परीक्षा नहीं! निजी स्कूल की मनमानी, RTE कानून की उड़ी धज्जियाँ!”

Aditi News Team

Sun, Dec 14, 2025

रिपोर्टर संदीप राजपूत

फीस नहीं तो परीक्षा नहीं! निजी स्कूल की मनमानी, RTE कानून की उड़ी धज्जियाँ!”

नरसिंहपुर। जिले के निजी स्कूलों में फीस वसूली को लेकर मनमानी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान फीस जमा न होने पर छात्रों को परीक्षा से वंचित करने के आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला जिला मुख्यालय के स्टेशनगंज मंडी रोड स्थित एक निजी स्कूल का है, जहां तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र भविष्य लोधी को फीस न देने के कारण अर्धवार्षिक परीक्षा का पेपर देने से रोके जाने का आरोप है।

परिजनों का कहना है कि परीक्षा के दिन फीस जमा न होने पर बच्चे को धूप में खड़ा रखा गया, जबकि वह बीमार था और दवाई का पर्चा भी उसके पास मौजूद था। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने परिजनों को बिना सूचना दिए बच्चे को परीक्षा से वंचित रखा, जिससे बच्चे के भविष्य पर असर पड़ा।

इसी तरह गोटेगांव के एक अन्य निजी स्कूल में भी फीस न देने पर बच्चों को स्कूल के बाहर 15 से 20 मिनट तक घुटनों के बल बैठाने की शिकायत सामने आई है। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि कुछ निजी स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और संविधान के तहत बच्चों को प्राप्त शिक्षा के अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं।

परिजनों का आरोप

छात्र के परिजन ठाकुर सिंह ने आरोप लगाया कि फीस न देने के कारण उनके बेटे को परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया और धूप में खड़ा रखा गया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बीमार था, इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने मानवीयता नहीं दिखाई।

स्कूल प्रबंधन का पक्ष

वहीं, स्कूल संचालक दीपक वर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि स्कूल परिसर में कैमरे लगे हैं और इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। उनके अनुसार, परिजनों द्वारा फीस जमा कर दी गई है और अब बच्चा परीक्षा दे सकेगा।

उठते सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या फीस न देने पर किसी छात्र को परीक्षा से रोका जा सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करना बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग की निष्क्रियता के कारण निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा मासूम छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।

अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इन मामलों पर क्या संज्ञान लेता है और संबंधित निजी स्कूलों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री मप्र शासन भोपाल

नरसिंहपुर जिला कलेक्टर

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोटेगांव

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